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This Article is From Aug 10, 2025

15 अगस्त को होने वाली ट्रंप-पुतिन की मुलाकात पर क्या है भारत का रुख, जानें विदेश मंत्रालय ने क्या कहा

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आर्मेनिया-अज़रबैजान शांति समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान कहा था कि समझौता करने में ज़मीन का आदान-प्रदान शामिल हो सकता है. उन्होंने मीडिया से कहा, "हम कुछ ज़मीन वापस लेंगे और कुछ ज़मीनें बदलेंगे."

15 अगस्त को होने वाली ट्रंप-पुतिन की मुलाकात पर क्या है भारत का रुख, जानें विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
ट्रंप-पुतिन की मुलाकात पर विदेश मंत्रालय.
  • ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 15 अगस्त को अलास्का में यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर चर्चा करेंगे.
  • भारत ने अमेरिका और रूस के बीच 15 अगस्त की बैठक के लिए बनी सहमति का स्वागत किया है.
  • यह बैठक यूक्रेन संकट के शांति समाधान के विकल्प तलाशने और संघर्ष समाप्ति की संभावनाओं पर केंद्रित होगी.
नई दिल्ली:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले शुक्रवार, यानी कि15 अगस्त को अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात (Trump-Putin Meeting) का ऐलान किया है, ताकि यूक्रेन में युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत की जा सके. भारत ने दोनों की बैठक को लेकर बनी सहमति का स्वागत किया है. ये जानकारी विदेश मंत्रालय के हवाले से सामने आई है.

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विदेश मंत्रालय ने क्यों किया पीएम मोदी के कमेंट का जिक्र

विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, "भारत 15 अगस्त 2025 को अलास्का में होने वाली बैठक के लिए अमेरिका और रूस के बीच बनी सहमति का स्वागत करता है. यह बैठक यूक्रेन में चल रहे संघर्ष को खत्म करने और शांति की संभावनाओं को तलाशने का वादा करती है. जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मौकों पर कहा है, "यह युद्ध का युग नहीं है."

बता दें कि 2015 के बाद से पुतिन कीयह पहली अमेरिका यात्रा होगी, पहले उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात की थी. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने लिखा, अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में मेरी और व्लादिमीर पुतिन के बीच बहुप्रतीक्षित मुलाकात अगले शुक्रवार, 15 अगस्त, 2025 को ग्रेट स्टेट अलास्का में होगी. आगे की जानकारी बाद में दी जाएगी. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!"

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में क्या कहा 

क्रेमलिन के मुताबिक, दोनों नेता "यूक्रेनी संकट के लंबे समय के लिए शांतिपूर्ण समाधान के विकल्पों पर चर्चा पर ध्यान केंद्रित करेंगे. इस प्रक्रिया को "चुनौतीपूर्ण" बताते हुए, मास्को इसमें "सक्रिय और ऊर्जावान" रूप से शामिल होगा. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आर्मेनिया-अज़रबैजान शांति समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान कहा था कि समझौता करने में ज़मीन का आदान-प्रदान शामिल हो सकता है. उन्होंने मीडिया से कहा, "हम कुछ ज़मीन वापस लेंगे और कुछ ज़मीनें बदलेंगे. दोनों के हित में कुछ ज़मीनों की अदला-बदली होगी, लेकिन हम इस बारे में बाद में या कल बात करेंगे."

कब्जा करने वालों को अपनी ज़मीन नहीं देंगे

हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने शनिवार को कहा कि वह कब्जा करने वालों को अपनी ज़मीन नहीं देंगे".ज़ेलेंस्की ने टेलीग्राम पर एक संदेश में कहा, "यूक्रेन के क्षेत्रीय साल का जवाह पहले से ही यूक्रेन के संविधान में मौजूद है।.कोई भी इससे विचलित नहीं होगा और न ही कोई इससे विचलित हो सकता है. यूक्रेनवासी अपनी ज़मीन कब्ज़ा करने वालों को नहीं देंगे." बता दें कि ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने मॉस्को में पुतिन के साथ 3 घंटे तक बैठक की. अमेरिका ने इसे बहुत ही फलदायीबताया. बुधवार को, ट्रंप ने रूसी तेल के आयात पर भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था.

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