वृंदावन के कथावाचक संत इंद्रदेव महाराज के खिलाफ एक महिला भक्त ने यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई है. इस मामले में मीरा-भयंदर के काशीमीरा पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है. जिस महिला ने इंद्रदेव पर आरोप लगाया है कि वह पुणे की रहने वाली है. आरोप है कि पुणे में सत्संग के नाम पर इंद्रदेव महाराज ने पहले महिला का विश्वास जीता, उसके बाद दुष्कर्म किया. महिला का आरोप है कि जब वह आश्रम में दर्शन के लिए गई थी, तब आधी रात को उसे कमरे में बुलाकर इंद्रदेव महाराज ने उसके साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता ने बताया इंद्रदेव महाराड ने दीक्षा देने के लिए आश्रम बुलाया, दुष्कर्म किया, वीडियो कॉल पर अश्लील हरकतें की और फिर बदनामी का डर दिखाकर मेरा शोषण किया.
'रात में कॉल किया और कमरे पर बुलाया...'
महाराज से महिला संपर्क बढ़ता गया और फिर महाराज ने उसकी निजी परेशानियों को दूर करने का आश्वासन देकर उसका विश्वास जीत लिया. महिला का आरोप है कि जब वह वृंदावन के सेवाधाम आश्रम में ठहरने के लिए गई थी, तो रात के वक्त महाराज ने फोन कर उसे अपने कमरे में बुलाया. उसे यह भी कहा गया था कि अगर कोई पूछे तो कहना कि दवा लेने जा रही हो.
महिला ने अपने बयान में कहा, "आश्रम के कमरे में जाने के बाद महाराज ने दरवाजा बंद कर लिया और मेरे साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए. महाराज ने वीडियो कॉल पर मुझे निर्वस्त्र किया, अश्लील हरकतें कीं और उसकी रिकॉर्डिंग भी की."
इंद्रदेव महाराज वृंदावन के मशहूर कथावाचक हैं. अब उनके खिलाफ महाराष्ट्र में मीरा-भयंदर के काशीमीरा पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है.
भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने पुणे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इस मामले की जांच और संबंधित कथावाचक को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है.
आठ महीने से दर-दर ठोकर खा रही महिला
पीड़ित महिला का आरोप है कि वह पिछले आठ महीनों से इंसाफ पाने के लिए संघर्ष कर रही थी, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था. बताया गया है कि तृप्ति देसाई के हस्तक्षेप के बाद ही इस मामले में एफआईआर दर्ज हो पाई. यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 69, 75, 79 और 351 (2) के तहत दर्ज किया गया है.
दर्ज की गई शिकायत के मुताबिक, महिला ने सोशल मीडिया पर कथावाचक के प्रवचन देखे थे, जिसके बाद वह साल 2023 में मुंबई में हुए एक सत्संग कार्यक्रम में शामिल हुई. इसके बाद वह वृंदावन स्थित उनके आश्रम भी गई. महिला ने अपने दैनिक जीवन की परेशानियां भी कथावाचक से साझा की थीं.
सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने मांग की है कि संबंधित आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर पूरे मामले की गहन जांच की जाए. इसके साथ ही, इस मामले में अन्य संभावित पीड़ित महिलाओं के बयान दर्ज कर उन्हें भी न्याय दिलाया जाए.
उन्होंने कहा कि महिलाओं की आस्था का फायदा उठाकर उनका शोषण करने वालों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए. अब वक्त आ गया है कि महिलाएं चुप न बैठें और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं.
तृप्ति देसाई के संगठन भूमाता फाउंडेशन ने आरोप लगाया है कि धार्मिक प्रवचन और भक्ति के नाम पर महिलाओं की आस्था का गलत फायदा उठाया जा रहा है. तृप्ति देसाई ने अपील करते हुए कहा, "अगर इस कथावाचक द्वारा किसी अन्य महिला के साथ भी अन्याय हुआ है, तो वह बिना डरे आगे आए और शिकायत दर्ज कराए. भूमाता ब्रिगेड ने यह भी मांग की है कि इस मामले में अन्य संभावित पीड़ित महिलाओं के बयान दर्ज कर सभी आरोपों की विस्तृत जांच की जाए."
(मीर भयंदर से इरफान सैय्यद का इनपुट)
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