- बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर विवादित बयान दिया, जिसका भारी विरोध हुआ
- धीरेंद्र शास्त्री ने विवाद बढ़ने पर अपने बयान पर माफी मांगी और कहा कि यह टिप्पणी विनोद में थी
- पिछले कुछ सालों में धीरेंद्र शास्त्री ने कई देवी-देवताओं और संतों पर विवादित बयान देकर माफी भी मांगी है
बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए बयान पर बवाल मचा है. मध्य प्रदेश के शिवपुरी के करैरा में श्रीराम कथा के दौरान भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना पर नया विवाद खड़ा हो गया है. धीरेंद्र शास्त्री ने बाद में अपनी टिप्पणी पर माफी मांगी. हालांकि ये पहला मामला नहीं है, जब अपने बड़बोले बयान के कारण उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा है और सार्वजनिक तौर पर सफाई देनी पड़ी हो या माफी मांगनी पड़ी हो. वो पहले भी देवी-देवताओं, संतों और बाबाओं पर विवादित बयान दे चुके हैं. बयानों के बाण और माफी की उनकी फेरिस्त लंबी है.
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा कि वो बयान विनोद में दिया गया था, वो कृष्ण विरोधी नहीं हैं. विवाद बढ़ने के बाद वीडियो जारी कर उन्होंने माफी भी मांगी. हालांकि संत समाज ने साफ हिदायत दी है कि कथा वाचक अपनी मर्यादा में रहें, उनके पास ज्ञान की कमी है.
पंडित धीरेंद्र शास्त्री के पिछले कुछ सालों के बयानों और उन पर उपजे विवादों पर नजर डालें तो एक लंबा क्रम दिखाई देता है:
फरवरी 2023 - संत तुकाराम की पत्नी पर टिप्पणी
बयान: कथा के दौरान कहा कि संत तुकाराम की पत्नी उन्हें रोज डंडे से मारती थीं.
माफी: सफाई देते हुए पंडित शास्त्री ने कहा कि ये कहानी किताब में पढ़ी थी, यदि मेरे शब्दों से किसी को ठेस पहुंची हो तो हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं, अपने शब्द वापस लेता हूं.

अप्रैल 2023 - साईं बाबा पर टिप्पणी
बयान: मध्य प्रदेश में कथा के दौरान कहा कि साईं बाबा संत हो सकते हैं, भगवान नहीं. गीदड़ की खाल पहनकर कोई शेर नहीं बन सकता.
माफी: 5 अप्रैल को कहा कि किसी संत को भगवान मानना निजी आस्था है, हमें कोई विरोध नहीं, मेरे शब्दों से किसी को ठेस पहुंची हो तो दिल से दुख और खेद है और हाथ जोड़कर माफी मांगी.
अप्रैल 2023 - भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन पर टिप्पणी
बयान: एक सभा में कहा कि सहस्त्रबाहु के हैहय वंश का राजा बड़ा कुकर्मी था और साधुओं पर अत्याचार करता था, इसलिए परशुराम ने फरसा उठाया.
माफी: इस पर भी पंडित धीरेंद्र शास्त्री को माफी मांगनी पड़ी और उन्होंने 28 अप्रैल को सोशल मीडिया पर लिखकर स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी समाज की भावनाएं आहत करना नहीं था, फिर भी किसी को ठेस पहुंची हो तो उन्हें खेद है.
अप्रैल 2024 - अली और बजरंगबली पर टिप्पणी
बयान: एक कथा के दौरान कहा कि जिन्न से परेशान व्यक्ति ने अपना नाम अली बताया, तो मैंने कहा, हमारे पास बजरंगबली हैं, वे आपके भी पिता हैं.
माफी: इस पर माफी मांगते हुए बागेश्वर धाम के पीठाधीश ने 5 अप्रैल को वीडियो जारी कर कहा कि मौला अली अहिंसा के पुजारी थे, उनके दिल में उनके लिए सम्मान है, किसी को ठेस पहुंची हो तो वह माफी मांगते हैं.

अप्रैल 2026 - छत्रपति शिवाजी महाराज पर टिप्पणी
बयान: 24 अप्रैल को नागपुर में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में कहा कि युद्ध से थककर शिवाजी महाराज ने राज्य की जिम्मेदारी छोड़ने का विचार किया और अपना मुकुट समर्थ रामदास को सौंप दिया.
माफी: धीरेंद्र शास्त्री को यहां भी माफी मांगनी पड़ी और उन्होंने 26 अप्रैल को नागपुर में ही सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने यह बात पूरी तरह सम्मान के भाव से कही थी, लेकिन उसे गलत समझा गया. वह शिवाजी महाराज के अपमान के बारे में सोच भी नहीं सकते.
इस बार क्यों गले की हड्डी बना बयान?
अब एक और विवादित बयान देते हुए उन्होंने भगवान श्री कृष्ण को टेड़ा बताया और राम को सीधा. कृष्ण भक्त नाराज हुए, इस पर सोशल मीडिया पर धीरेंद्र शास्त्री पर टिप्पणी करते हुए लोगों ने कहा कि शास्त्री अपने ही देवी-देवताओं का लगातार अपमान कर रहे हैं.

संत समाज और आम जनता इस बात से नाराज है कि बार-बार बयानों के जरिए महान ऐतिहासिक शख्सियतों और धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाई जाती है और बाद में माफी मांगकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की जाती है. यही वजह है कि बाबा की माफी के बाद भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पा रहे हैं. सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा है और ये नया विवाद उनके लिए गले की हड्डी बनता जा रहा है.
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