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समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन तय लेकिन ऐलान कहां अटका है?

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने अभी से ही कमर कसना शुरू कर दिया है. इस क्रम में सीट बंटवारे से लेकर स्थानीय समीकरण पर भी मंथन जारी है.

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन तय लेकिन ऐलान कहां अटका है?
यूपी चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने अभी से ही कस ली है कमर
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उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं मगर राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी तैयारी शुरू कर दी है.बीजेपी ने योगी सरकार में मंत्रियों में फेरबदल भी कर दिया.अब रही बात कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की.इन दोनों पार्टियों के किसी भी नेता से बात कर लिजिए वो आपको बताएंगे कि गठबंधन तो होगा हमारा मगर कब और कितनी सीटों पर होगा यह फिलहाल नहीं बता सकते. कांग्रेस के महासचिव और उत्तर प्रदेश के प्रभारी अविनाश पांडे ने एनडीटीवी से कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा गठबंधन पर हमारा शीर्ष नेतृत्व फैसला लेगा. अभी हमारी प्राथमिकता संगठन सृजन का है.SIR रिवीजन के बाद हम हर जिले में संगठन को मजबूत करने में लगे हैं.हम सभी 403 सीटों पर अपने आप को मजबूत कर रहे हैं ताकि हम बीजेपी का मुकाबला कर सकें.

समाजवादी पार्टी भी जानती है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन से दोनों दलों को फायदा हुआ था.उत्तर प्रदेश के 80 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस और सपा के पास 43 सीटें है.यही वजह है कि दोनों दलों के नेताओं का मानना है कि विधानसभा में भी जरूर गठबंधन होगा.अखिलेश यादव भी उत्तरप्रदेश के हरेक जिले का दौरा कर रहे है जैसे कि आज रविवार को वो आगरा में थे.

कांग्रेस और सपा के बीच अच्छी अंडरस्टैंडिंग का दावा

समाजवादी पार्टी ने हरेक जिले का जातीय सर्वेक्षण कराया है और फिर अखिलेश यादव वहां का दौरा करते हैं,अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते हैं और बाद में तय करेंगे कि किसको टिकट दिया जाए. यूपी कांग्रेस के प्रवक्ता और पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह ने एनडीटीवी से कहा कि हमारा तो नारा ही है कि 2024 में यूपी में बीजेपी को हाफ किया और 2027 में बीजेपी को यूपी से साफ करेंगे.हमारी सपा से अच्छी अंडरस्टैंडिंग है. हम सभी सीटों पर तैयारी कर रहे हैं,जब तक हम मजबूत नहीं होंगे तब तक हम दूसरे को कैसे मदद कर सकते हैं इसलिए हम दोनों का मजबूत होना जरूरी है.यूपी का माहौल बदल रहा है यहां परिवर्तन होने वाला है,उत्तरप्रदेश में कांग्रेस और सपा के साथ आने की एक वजह ओवैसी का यूपी चुनाव लड़ना भी है.इससे मुस्लिम वोटों के बंटने का खतरा है और यही तय करेगा कि कांग्रेस और सपा साथ आऐं.

ओवैसी, मायावती और चंद्रशेखर बिगाड़ सकते हैं कांग्रेस-सपा का 'खेल'

कांग्रेस के नेता निजी बातचीत में कहते हैं कि यूपी में कांग्रेस और सपा का खेल बिगाड़ने के लिए ओवैसी, मायावती और चंद्रशेखर रावण की पार्टी को बीजेपी पीछे से शह देगी जिससे मुस्लिम और दलित वोटों में बंटवारा हो. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा के बीच जहां तक सीटों के बंटवारे की बात है वो अखिलेश और राहुल गांधी मिल बैठ कर तय करेंगे.सीटों की संख्या को लेकर मोल भाव जरूर होगा मगर दोनों पार्टियों के नेताओं को उम्मीद है कि जब बात होगी तब देखी जाएगी और समय आने पर उसका भी समाधान निकाल लिया जाएगा.

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