तृणमूल कांग्रेस सांसद प्रकाश चिक बराइक ने भी राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है. सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव के बाद बारिक ने ममता बनर्जी को झटका दिया है. तृणमूल कांग्रेस के 19 लोकसभा सांसदो ने पहले ही बगावत का झंडा बुलंद कर रखा है और अलग गुट के तौर पर मान्यता के लिए स्पीकर को पत्र लिखा है. ममता बनर्जी की पार्टी के राज्यसभा में 10 सांसद हैं. जबकि लोकसभा में 28 सांसद हैं. बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी अपनी पार्टी के सांसदों और विधायकों को एकजुट रखने में नाकाम रही हैं. ममता बनर्जी की पार्टी से विधानसभा में 80 विधायक जीते थे, जिनमें से 58 ने अलग गुट बना लिया है और बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता मान लिया है.
प्रकाश चिक बराइक (Prakash Chik Baraik) अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पुराने कद्दावर नेताओं में से एक हैं. सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव के बाद उन्होंने भी राज्यसभा सांसद का पद छोड़ा है.इससे राज्यसभा में भी टीएमसी दो धड़ों में बंटती नजर आ रही है. वो पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के रहने वाले हैं. टीएमसी के एक प्रमुख आदिवासी चेहरे के रूप में जाने जाते हैं. राजनीति में आने से पहले वे एक चाय बागान कर्मचारी (Tea Garden Employee) और मजदूर नेता के रूप में सक्रिय थे.
प्रकाश चिक बराइक को तृणमूल कांग्रेस में अभिषेक बनर्जी का बेहद करीबी माना जाता है.पार्टी ने उन्हें अगस्त 2023 में पश्चिम बंगाल से निर्विरोध राज्यसभा भेजा था. उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में अलीपुरद्वार निर्वाचन क्षेत्र से भी चुनाव लड़ा था. उन्होंने साल 2004 में उत्तरी बंगाल विश्वविद्यालय से संबद्ध सूर्यसेन कॉलेज सिलीगुड़ी से कॉमर्स में स्नातक किया था.
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सुखेंदु शेखर राय का त्यागपत्र
सुखेंदु शेखर राय (Sukhendu Sekhar Ray) ने 8 जून 2026 को इस्तीफा दिया था.सुखेंदु शेखर राय टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के बेहद करीबी और पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक रहे हैं. उन्होंने संसद के उच्च सदन राज्यसभा और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद उन्होंने टीएमसी नेतृत्व पर निशाना साधा. रॉय ने ममता बनर्जी सरकार के 15 साल के शासन को चुनाव परिणामों की मुख्य वजह बताई.
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सुष्मिता देव (Sushmita Dev) ने भी झटका दिया
टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने 10 जून 2026 को पद छोड़ने का ऐलान किया था.राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. वो साल 2021 में कांग्रेस छोड़कर टीएमसी में शामिल हुई थीं. सुष्मिता देव ने इस्तीफा देने के तुरंत बाद नई दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात की, जिसके बाद उनके भाजपा (BJP) में शामिल होने की अटकलें तेज हैं.
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