तमिलनाडु में राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर 16 छात्रों की आत्महत्या का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राज्य के नीट-रोधी विधेयक को यथाशीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया. राष्ट्रपति को लिखे एक पत्र में स्टालिन ने तमिलनाडु स्नातक मेडिकल डिग्री पाठ्यक्रम विधेयक,2021 को मंजूरी देने में विलंब के चलते दुर्भाग्यपूर्ण परिणामों का जिक्र किया और उनसे तत्काल मंजूरी देने का अनुरोध किया. मुख्यमंत्री ने नीट के तनाव के कारण 12 और 13 अगस्त को क्रमश: एक पिता और उसके बेटे की आत्महत्या का जिक्र किया है.
स्टालिन ने पत्र में कहा, ‘‘इसके साथ, हमारे राज्य में नीट के चलते आत्महत्या करने वाले छात्रों की संख्या बढ़ कर 16 हो गई है. यदि नीट से छूट देने संबंधी हमारे विधेयक को मंजूरी दे दी गई होती और मेडिकल (पाठ्यक्रम में) दाखिला 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर होता तो इन्हें निश्चित तौर पर टाला जा सकता था.''
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
विधायी प्रक्रिया की पृष्ठभूमि बताते हुए स्टालिन ने न्यायमूर्ति ए.के. राजन समिति का संदर्भ दिया, जिसने नीट आधारित दाखिला प्रक्रिया और गरीब एवं ग्रामीण छात्रों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव का अध्ययन किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाद में, समिति की रिपोर्ट और चर्चाओं के आधार पर 13 सितंबर 2021 को विधेयक पारित किया गया था.''
चूंकि इसे राज्यपाल आर. एन. रवि ने पांच महीने के विलंब के बाद लौटा दिया, इसे आठ फरवरी 2022 को विधानसभा में फिर से पेश किया गया और इसे दोबारा पारित किया गया तथा पुन: राज्यपाल को भेजा गया, जिन्होंने राष्ट्रपति के विचारार्थ इसे सुरक्षित रख लिया.
स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल ने विधेयक को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा और इसे राष्ट्रपति की मंजूरी लंबित है. जब गृह मंत्रालय ने विधेयक के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा तब राज्य सरकार ने शीघ्रता से यह दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के विधेयक को अब तक मंजूरी नहीं मिली है और छात्र नीट के आधार पर दाखिला लेने के लिए मजबूर हैं.
स्टालिन ने पत्र में कहा है, ‘‘इसने छात्रों और उनके माता-पिता के मन में अत्यधिक बेचैनी और तनाव पैदा किया है. परिणामस्वरूप, नीट के जरिये मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने में नाकाम रहने के चलते छात्रों या उनके माता पिता के आत्महत्या करने की कई दुखद घटनाएं हुई हैं. राज्य का नीट-रोधी विधेयक विधायिका की आम सहमति का नतीजा है, जो तमिलनाडु के लोगों की सामूहिक इच्छा की उपज है.''
उन्होंने पत्र में लिखा है, ‘‘इसके लागू होने में विलंब होने से प्रत्येक दिन न केवल मेडिकल सीट के हकदार छात्र प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि हमारे समाज को जनहानि भी हो रही है. इसलिए मैं आपसे इस विषय में तत्काल हस्तक्षेप चाहता हूं और आपसे उक्त विधेयक को यथाशीघ्र मंजूरी देने का अनुरोध करता हूं.''
ये भी पढ़ें :
* "राज्यपाल के पद से हटाए जाने चाहिए" : राष्ट्रपति के पास पहुंचा एमके स्टालिन बनाम आरएन रवि विवाद
* "बिहार के श्रमिक हमारे श्रमिक, इनको नुकसान नहीं पहुंचने देंगे" : नीतीश कुमार से बोले तमिलनाडु के सीएम
* "बिहार के प्रवासी श्रमिकों की हत्या" के बारे में ट्वीट को लेकर यूपी के बीजेपी नेता पर केस
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं