पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद भड़की हिंसा के बीच बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई, वहीं ड्राइवर बुद्धदेव बेरा की हालत गंभीर है, उन्हें तीन गोलियां लगी हैं. उधर इस मामले में जांच ने रफ्तार पकड़ ली है. उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस को अब तक कई अहम सुराग मिले हैं, जिसमें संदिग्ध कार की बरामदगी, फर्जी नंबर प्लेट और हमले की प्री-प्लानिंग के संकेत शामिल हैं.
संदिग्ध कार जब्त
मामले की जांच कर रही पश्चिम बंगाल पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. शूटआउट में इस्तेमाल एक संदिग्ध कार को जब्त किया गया है. कार पर सिलीगुड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर था, लेकिन जांच में यह नंबर नकली और छेड़छाड़ किया हुआ निकला. डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वाहन की नंबर प्लेट फर्जी पाई गई है. घटनास्थल से जिंदा कारतूस और फायरिंग के खोखे भी बरामद किए गए हैं. पुलिस अब इस कार के जरिए हमलावरों की पहचान तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
#WATCH | North 24 Parganas | On Suvendu Adhikari's PA Chandra shot dead in Madhyamgram, West Bengal DGP Siddh Nath Gupta says, "We have started the investigation of the case. We have seized the 4-wheeler used in the crime, but it is being reported that the number plate of the car… pic.twitter.com/Ds87pvotIb
— ANI (@ANI) May 6, 2026
सीने में लगी गोलियां, मौके पर ही मौत
अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक चंद्रनाथ रथ को दो गोलियां सीने में लगीं, जो सीधे दिल में जाकर लगीं. एक गोली पेट (एब्डॉमेन) में भी लगी. अस्पताल लाने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी. डॉक्टरों ने साफ कहा कि उन्हें बचाने का कोई मौका नहीं था. वहीं उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेरा को तीन गोलियां लगी हैं, वे अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर है.
CCTV और सबूतों से कड़ियां जोड़ने की कोशिश
पुलिस अब तकनीकी जांच पर फोकस कर रही है. आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. हमलावरों की पहचान और मूवमेंट ट्रैक करने की कोशिश जारी है. फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को री-कंस्ट्रक्ट किया जा रहा है.
कैसे हुआ हमला?
अब तक की जांच और चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने काफी देर तक चंद्रनाथ रथ की कार का पीछा किया. मध्यमग्राम के दोहरिया-जेसोर रोड के पास कार को रोका गया. बताया जा रहा है कि चंद्रनाथ रथ रास्ते में गाड़ी धीमी कर रहे थे, उसी दौरान हमला हुआ. हमलावरों ने पहले विंडशील्ड पर फायरिंग की, फिर सीधे आगे की सीट पर बैठे चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाया. गोली लगने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. हमले के दौरान उनके साथ मौजूद पीएस बुद्धदेव और ड्राइवर घायल हो गए.
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हमलावर कैसे पहुंचे और कैसे भागे?

जांच में सामने आया है कि हमलावर कार और बाइक दोनों से आए थे. पहले एक चार पहिया वाहन ने टारगेट कार को रोका. इसके बाद बाइक सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की. वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. पुलिस को शक है कि हमले में शामिल सभी वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थीं.
क्या यह प्री-प्लान्ड मर्डर था?
जांच और हमले के पैटर्न कई सवाल खड़े कर रहे हैं. लंबे समय तक रेकी (सर्विलांस) के संकेत मिले हैं. फर्जी नंबर प्लेट और भागने का रास्ता तैयार था ऐसी जानकारी भी पुलिस को मिली है. साथ ही पुलिस ने यह भी कहा कि टारगेट पर फायरिंग सटीक तरीके से की गई.
बीजेपी और खुद सुवेंदु अधिकारी ने इसे प्री-प्लान्ड और टारगेटेड किलिंग बताया है. सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि 2-3 दिनों तक रेकी की गई थी और पूरी साजिश रची गई.
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कौन थे चंद्रनाथ रथ?
चंद्रनाथ रथ सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और PA थे. वे पहले भारतीय वायुसेना में कार्यरत रहे थे. नौकरी छोड़कर राजनीति में सक्रिय हुए. भवानीपुर सीट पर चुनाव के दौरान भी उनकी सक्रिय भूमिका बताई जा रही है.
राजनीतिक घमासान तेज
इस हत्या के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है. बीजेपी ने इस हत्या के लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है. विधायक कौस्तव बागची ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग की है. अमित मालवीय ने इसे प्री-प्लान्ड और टारगेटेड किलिंग बताया.
#WATCH उत्तर 24 परगना | मध्यमग्राम में अपने PA चंद्र की गोली मारकर हत्या किए जाने पर, BJP नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "यह एक सोची-समझी हत्या है, और DGP ने भी यही कहा है। 2-3 दिनों तक रेकी की गई थी और हत्या की पूरी योजना बनाई गई थी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है... हम शोक में हैं… pic.twitter.com/TkMgPWQpRY
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 6, 2026
टीएमसी ने घटना की कड़ी निंदा की है. कहा कि राजनीतिक हिंसा स्वीकार्य नहीं है. साथ ही कोर्ट मॉनिटरिंग में CBI जांच की मांग उठाई. टीएमसी ने आरोप लगाया कि चुनाव बाद उनके कार्यकर्ता भी हिंसा का शिकार हुए हैं.
अस्पताल के बाहर हंगामा, कड़ी सुरक्षा
हत्या के बाद अस्पताल के बाहर सैकड़ों समर्थक जुट गए. 'हमें इंसाफ चाहिए' जैसे नारे लगे. सुरक्षा को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया. सुवेंदु अधिकारी खुद अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की.
अब आगे क्या?
पुलिस सीसीटीवी, कॉल डिटेल और तकनीकी सबूतों के जरिए हमलावरों की पहचान में जुटी है. जब्त कार से जुड़े नेटवर्क की जांच हो रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि हमला सिर्फ व्यक्तिगत टारगेट था या बड़ी राजनीतिक साजिश.
सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या ने बंगाल में चुनाव बाद हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. फर्जी नंबर प्लेट, सुनियोजित हमला और फरार हमलावर. ये सभी संकेत इस केस को और संवेदनशील बना रहे हैं.
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