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लोकतंत्र को हाईजैक नहीं होने दे सकते.. सुप्रीम कोर्ट ने टीडी राजेगौड़ा को दी राहत, बने रहेंगे विधायक

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक की श्रृंगेरी सीट पर कांग्रेस विधायक टीडी राजेगौड़ा की जीत को फिलहाल बहाल रखा है. कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस पुनर्गणना आदेश पर रोक लगा दी.

लोकतंत्र को हाईजैक नहीं होने दे सकते.. सुप्रीम कोर्ट ने टीडी राजेगौड़ा को दी राहत, बने रहेंगे विधायक
  • सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के कांग्रेस विधायक टीडी राजेगौड़ा को श्रृंगेरी का विधायक बनाए रखने का आदेश दिया
  • 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेगौड़ा ने 201 वोटों से जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में पुनर्गणना से परिणाम बदला
  • हाई कोर्ट ने केवल खारिज पोस्टल बैलेट की पुनर्गणना का आदेश दिया, लेकिन अधिकारियों ने वैध पोस्टल बैलेट भी गिने
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सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के कांग्रेस विधायक टीडी राजेगौड़ा को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने कहा है कि राजेगौड़ा फिलहाल श्रृंगेरी विधानसभा सीट के विधायक बने रहेंगे. दरअसल हाल ही में हुई वोटों की दोबारा गिनती के बाद बीजेपी उम्मीदवार डीएन जीवराज को विजेता घोषित कर दिया गया था. इसके खिलाफ राजेगौड़ा सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. अब कोर्ट ने उन्हें राहत दी है.

कोर्ट ने बीजेपी उम्मीदवार पर की सख्त टिप्पणी

जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए बीजेपी उम्मीदवार पर सख्त टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि हम लोकतंत्र को इस तरह हाईजैक नहीं होने दे सकते. इसके बाद अदालत ने 'स्टेटस क्वो एंटे' बनाए रखने का आदेश दिया यानी जिस स्थिति में चुनाव परिणाम दोबारा गिनती से पहले था, वही स्थिति फिलहाल लागू रहेगी. इसका मतलब है कि राजेगौड़ा अभी भी श्रृंगेरी के विधायक बने रहेंगे.

क्या है पूरा मामला?

2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टीडी राजेगौड़ा ने सिर्फ 201 वोटों से जीत हासिल की थी.  इसके बाद बीजेपी के डीएन जीवराज ने कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दायर कर परिणाम को चुनौती दी.  हाई कोर्ट ने 6 अप्रैल को पोस्टल बैलेट की दोबारा जांच और 279 खारिज किए गए पोस्टल बैलेट की पुनर्गणना का आदेश दिया था. लेकिन 3 मई 2026 को रिटर्निंग ऑफिसर ने संशोधित परिणाम जारी करते हुए कहा कि राजेगौड़ा के वोट 255 कम हो गए और जीवराज चुनाव जीत गए.

राजेगौड़ा ने कहा कि हाई कोर्ट ने केवल 279 खारिज पोस्टल बैलेट की जांच का आदेश दिया था. लेकिन अधिकारियों ने 562 वैध पोस्टल बैलेट भी दोबारा जांच लिए. जिनमें से कई वोट उनके पक्ष में थे.  उन्होंने यह भी कहा कि रीकाउंटिंग प्रक्रिया कानून के दायरे से बाहर जाकर की गई. डीएन जीवराज पर पोस्टल बैलेट में छेड़छाड़ का एक आपराधिक मामला भी दर्ज है.

यह शिकायत कांग्रेस के चुनाव एजेंट सुधीर कुमार मुरोली ने की थी. हालांकि हाई कोर्ट ने फिलहाल जीवराज और अन्य अधिकारियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर रोक लगा रखी है.

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