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अब नहीं लगेगा टोल पर जाम! दिल्ली-NCR में शुरू हुआ नया बैरियर-लेस टोल सिस्टम

अब वाहन चालकों को FASTag स्कैन कराने के लिए गाड़ी रोकने या धीमा करने की जरूरत नहीं होगी. ऊपर लगे कैमरे चलते वाहन की नंबर प्लेट पहचानकर पूरी प्रक्रिया पूरी कर देंगे. 

अब नहीं लगेगा टोल पर जाम! दिल्ली-NCR में शुरू हुआ नया बैरियर-लेस टोल सिस्टम
  • दिल्ली-NCR के मुंडका-बक्करवाला टोल पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो तकनीक का पहला बैरियर-लेस टोल सिस्टम लागू हो गया.
  • MLFF प्रणाली में कैमरे वाहन की नंबर प्लेट पढ़ FASTag खाते से राशि स्वतः काटते हैं, जिससे वाहन रुकता नहीं है.
  • केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि देशभर के टोल प्लाजा पर इस तकनीक से 7000 करोड़ रुपये की बचत संभव है.
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टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें, बैरियर के सामने गाड़ियों का रुकना और घंटों जाम में फंसने की परेशानी अब जल्द खत्म होने वाली है. दिल्ली-NCR में पहला बैरियर-लेस टोल सिस्टम शुरू हो गया है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया.  

यह नया मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोल सिस्टम UER-II (अर्बन एक्सटेंशन रोड-II) पर स्थित मुंडका–बक्करवाला टोल प्लाजा पर शुरू किया गया है. इस तकनीक के जरिए अब वाहनों को टोल पर रुकने की जरूरत नहीं होगी. इससे ना केवल जाम कम होगा बल्कि ईंधन की बचत और प्रदूषण में भी कमी आएगी. 

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कैसे काम करेगा नया सिस्टम?

इस MLFF तकनीक में बैरियर, टोल बूथ और टोल कर्मचारियों की जरूरत लगभग खत्म हो जाती है. हर लेन में तीन कैमरे लगाए गए हैं, जो गाड़ियों की नंबर प्लेट को पहचानते हैं. 

Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरे वाहन का नंबर पढ़कर FASTag रीडिंग सिस्टम को सिग्नल भेजते हैं. इसके बाद वाहन के FASTag खाते से अपने आप टोल की रकम कट जाती है. 

अब वाहन चालकों को FASTag स्कैन कराने के लिए गाड़ी रोकने या धीमा करने की जरूरत नहीं होगी. ऊपर लगे कैमरे चलते वाहन की नंबर प्लेट पहचानकर पूरी प्रक्रिया पूरी कर देंगे. 

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FASTag में बैलेंस नहीं हुआ तो क्या होगा?

जिन वाहनों के FASTag में बैलेंस नहीं होगा या जिनके पास FASTag नहीं होगा, उनकी नंबर प्लेट ANPR कैमरों से पहचान ली जाएगी. इसके बाद वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजा जाएगा. 

यदि 72 घंटे के भीतर टोल का भुगतान नहीं किया गया तो डेढ़ गुना जुर्माना देना होगा. बार-बार नियम तोड़ने पर FASTag ब्लॉक किया जा सकता है, ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है और वाहन को पुलिस जब्त भी कर सकती है. 

देशभर में लागू करने की तैयारी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि देशभर में नेशनल हाईवे पर 1300 से ज्यादा टोल प्लाजा हैं. इस तकनीक के लागू होने से करीब 7000 करोड़ रुपये की बचत होगी. साथ ही 285 करोड़ रुपये का ईंधन बचेगा और कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी. 

उन्होंने बताया कि इस टोल प्लाजा पर अभी करीब 18 हजार चालान बनाए जा रहे हैं. सरकार का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों को ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना है. 

बता दें कि देशभर के टोल प्लाजा पर 1 अप्रैल से नकद भुगतान बंद हो चुका है और वार्षिक पास की संख्या 60 लाख के पार पहुंच चुकी है. 

वाहन चालकों ने क्या कहा?

यह नया सिस्टम रात 12 बजे से मुंडका–बक्करवाला टोल प्लाजा पर लागू हुआ. गुरुग्राम से दिल्ली जा रहे वाहन चालक नीरज ने कहा कि इस तकनीक से आम लोगों और सरकार दोनों को फायदा होगा. 

उन्होंने कहा कि शाम के समय यहां भारी जाम लगता था, लेकिन अब समय और ईंधन दोनों की बचत होगी. 

एक अन्य वाहन चालक ने भी इस तकनीक की सराहना करते हुए कहा कि इसे देशभर में लागू किया जाना चाहिए ताकि लोगों को टोल जाम से राहत मिल सके. 

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