- ED ने करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने और फर्जी दस्तावेजों से संपत्तियां बेचने वाले गिरोह पर कार्रवाई की.
- आरोपियों ने Spiritual Regeneration Movement Foundation ट्रस्ट की जमीनों को फर्जी पदाधिकारियों के जरिए बेचा.
- मुख्य आरोपी जी. राम चंद्र मोहन और आकाश मालवीय पहले भी छत्तीसगढ़ मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं.
प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्तियां बेचने वाले एक बड़े गिरोह पर शिकंजा कस दिया है. ED ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत कई जगहों पर छापेमारी की है. मामला Spiritual Regeneration Movement Foundation of India (SRMF) ट्रस्ट की जमीनों की कथित फर्जी बिक्री से जुड़ा है. ED के मुताबिक, इस पूरे मामले में फर्जी पदाधिकारी बनाकर ट्रस्ट की कीमती जमीनों को अवैध तरीके से बेचा गया. जांच एजेंसी ने 7 मई 2026 को ECIR दर्ज करने के बाद कार्रवाई तेज की.
कौन हैं मुख्य आरोपी?
ED की शुरुआती जांच में जी. राम चंद्र मोहन और आकाश मालवीय को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड माना जा रहा है.. जांच एजेंसी का कहना है कि दोनों पहले भी छत्तीसगढ़ के एक मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी कथित तौर पर फर्जीवाड़ा जारी रखा गया.
इन ठिकानों पर हुई छापेमारी
ED ने दिल्ली-NCR और नोएडा समेत कई जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया. जिन लोगों और कंपनियों के यहां कार्रवाई हुई, उनमें शामिल हैं:
- जी. राम चंद्र मोहन — नारायण विहार, नई दिल्ली
- आकाश मालवीय — नारायण विहार, नई दिल्ली
- सिंहवाहिनी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड — नोएडा
- प्रदीप सिंह (डायरेक्टर) नोएडा
- राम श्याम — बुराड़ी, उत्तर दिल्ली
कैसे हुआ पूरा खेल?
SRMF एक पुराना ट्रस्ट है, जो 1963 में रजिस्टर्ड हुआ था और महर्षि महेश योगी की शिक्षाओं से जुड़ा बताया जाता है. ट्रस्ट के पास कई राज्यों में बड़ी मात्रा में जमीन और दूसरी संपत्तियां हैं. ED का आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी अथॉरिटी लेटर, नकली बोर्ड रेजोल्यूशन और फर्जी मुहरों का इस्तेमाल कर ट्रस्ट की जमीनें बेच दीं.
जांच में सामने आया कि दिसंबर 2025 में नोएडा के गेजा तिलपताबाद गांव की 3.3610 हेक्टेयर जमीन, जिसकी सर्किल रेट करीब 33.61 करोड़ रुपये थी, उसे सिर्फ 16 करोड़ रुपये में बेच दिया गया. आरोप है कि यह सौदा आकाश मालवीय ने “The Spiritual Regeneration Movement Foundation of India” नाम की ही एक फर्जी संस्था बनाकर किया.
एक ही जमीन कई बार बेची गई
- ED के मुताबिक, आरोपी एक ही जमीन को अलग-अलग खरीदारों को बेचते रहे. कई मामलों में लगातार फर्जी ट्रांसफर किए गए.
- तीन राज्यों में दर्ज हैं कई FIR
- इस मामले में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अब तक कम से कम सात FIR दर्ज हो चुकी हैं. इनमें नोएडा, धार, शाजापुर और बिलासपुर के मामले शामिल हैं.
- जांच एजेंसियों का कहना है कि पहले गिरफ्तारी और FIR दर्ज होने के बावजूद आरोपी लगातार नए तरीके से जमीनों की अवैध बिक्री करते रहे. अब ED पूरे नेटवर्क की मनी ट्रेल और संपत्तियों की जांच कर रही है
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