- खेल को बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों से अलग रखना चाहिए और राजनीति से दूर रखना चाहिए: शशि थरूर
- शशि थरूर ने भारत से आग्रह किया कि वह बांग्लादेश सरकार पर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए दबाव बनाना जारी रखे
- शाहरुख खान को इस फैसले के लिए सोशल मीडिया और धार्मिक संगठनों से तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है
Bangladeshi Player KKR Controversy: कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को टीम में शामिल करने के फैसले ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है, जहां एक ओर सोशल मीडिया पर शाहरुख खान निशाने पर हैं, वहीं दूसरी ओर केकेआर फैंस सोशल मीडिया पर टीम का बचाव करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इन सभी के बीच दिग्गज नेता शशि थरूर ने इस विवाद पर अपनी राय रखी है.
#WATCH | Thiruvananthapuram | On KKR selecting a Bangladeshi player in the IPL auction, Congress MP Shashi Tharoor says, "Cricket should not be made to bear the burden for attacks on minorities in Bangladesh... we should try and insulate some areas from others. We are reaching… pic.twitter.com/YU3z3XVFIk
— ANI (@ANI) January 2, 2026
'हमें उनके साथ खेलना होगा...'
IPL नीलामी में KKR के बांग्लादेशी खिलाड़ी को चुनने पर तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "क्रिकेट को बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों का बोझ नहीं उठाना चाहिए. हमें खेल को राजनीति से अलग रखने की कोशिश करनी चाहिए. मुस्तफिजुर रहमान एक क्रिकेटर हैं, उनका इन घटनाओं से कोई लेना-देना नहीं है. हम बांग्लादेश से संपर्क कर रहे हैं और उनसे अपने अल्पसंख्यकों की रक्षा करने और उनका ख्याल रखने के लिए सही काम करने का आग्रह कर रहे हैं, और यह संदेश जारी रहना चाहिए"
'खेल में राजनीति को नहीं आने देना चाहिए'
शशि थरूर आगे कहते हैं, "अगर हम एक ऐसा देश बन जाते हैं जो अपने सभी पड़ोसियों को अलग-थलग कर देता है, और कहते हैं कि कोई भी उनके साथ नहीं खेलेगा, तो इससे क्या फायदा होगा? यह पूरी तरह से एक खेल का फैसला है, और हमें इसमें राजनीति को नहीं आने देना चाहिए."
क्यों हो रहा है विरोध?
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के बीच, भारतीय प्रशंसकों और कुछ धार्मिक संगठनों का मानना है कि ऐसे समय में बांग्लादेशी खिलाड़ी को मौका देना गलत है. टीम मालिक शाहरुख खान को इस फैसले के लिए तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. आलोचकों का तर्क है कि जब पड़ोसी देश में हालात तनावपूर्ण हों, तो खेल संबंधों को भी सीमित किया जाना चाहिए.
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