Maha Shivaratri 2026 LIVE: सनातन परंपरा में भगवान शिव एक ऐसे देवता हैं जो जप-तप और व्रत के माध्यम से सबसे जल्दी प्रसन्न होते हैं. यही कारण है कि पौराणिक काल से क्या देवता और क्या दैत्य और क्या आम आदमी औघड़दानी शिव की साधना करता चला आ रहा है. भगवान भोलेनाथ की पूजा आप कभी भी किसी दिन कर सकते हैं लेकिन शिवरात्रि पर की जाने वाली शिव साधना सबसे जल्दी फलदायी होती है. साल भर में कुल 12 शिवरात्रि का पर्व पड़ता है, लेकिन यही शिवरात्रि जब फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि वाले दिन पड़ती है तो महाशिवरात्रि कहलाती है. पंचांग के अनुसार आज यह पर्व पूरे देश भर में मनाया जा रहा है.
देवों के देव महादेव को समर्पित महाशिवरात्रि पर्व पर आज कब और किस विधि से भगवान शंकर की पूजा करें? किस शिवलिंग की पूजा से क्या फल मिलता है? महाशिवरात्रि पर शिव को जल चढ़ाने से लेकर पूजा करने के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त यानि चार प्रहर की पूजा का समय क्या है? जीवन के सातों सुखों को दिलाने और भगवान शिव की कृपा बरसाने वाली महाशिवरात्रि की पूजा की संपूर्ण विधि, कथा, मंत्र, आरती और धार्मिक-आध्यात्मिक महत्व आदि जानें यहां —
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Maha Shivaratri 2026 LIVE: महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर कुछ ऐसा नजर आया श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर
आज दिनांक 14.2.2026 को महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर श्री काशी विश्वनाथ धाम की अद्भुत छटा । #banaras #kashivishwanath #HarHarMahadev #bholenath pic.twitter.com/TdOntP4VU5
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Maha Shivaratri 2026 LIVE: बाबा विश्वनाथ के मंदिर में भोर होने से पहले पहुंचे भोले के भक्त
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान श्री विश्वेश्वर के दर्शनार्थ पधारे श्रद्धालुओं का भव्य पुष्पवर्षा के साथ अभिनंदन किया गया। #banaras #kashivishwanath #banaras #HarHarMahadev #bholenath #Mahashivratri2026 pic.twitter.com/DJUvFkR4V5
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Maha Shivaratri 2026 LIVE: ईशा योग सेंटर में सद्गुरु पहली बार खुद करेंगे 'योगेश्वर लिंग महा अभिषेक'

Maha Shivaratri 2026 Live: जाने-माने शिव भक्त और योगी सद्गुरु जग्गी वासुदेव के ईशा योग सेंटर कोयंबटूर में महाशिवरात्रि का पर्व आज बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा. शिवरात्रि के इस सेलिब्रेशन में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे. ईशा योग केंद्र में होने वाले 33वें महाशिवरात्रि उत्सव तमाम धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम के अलावा सबसे खास बात यह होगी कि पहली बार सद्गुरु खुद 'योगेश्वर लिंग महा अभिषेक' करेंगे.
Maha Shivaratri 2026 Mantra LIVE:महाशिवरात्रि पर मंत्र से मनाएं महादेव को...

Maha Shivaratri 2026 Live: वाराणसी के पं. अतुल मालवीय के अनुसार महाशिवरात्रि पर शुक्ल यजुर्वेद के अध्याय के अंतर्गत नीचे दिये गये वैदिक मंत्र से महादेव का का पूजन करने से सभी प्रकार की कामनाएं पूरी और कष्ट दूर होते हैं.
ॐ नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नम: शङ्कराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च.
महादेव के वैदिक मंत्र के साथ आज शिव साधना के लिए आप नीचे दिये गये सरल मंत्रों का जप करके भी भगवान भोलेनाथ की कृपा पा सकते हैं
शिव का पंचाक्षरी मंत्र : ॐ नमः शिवाय
शिव का गायत्री मंत्र : ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्.
महादेव का महामृत्युंजय मंत्र :
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्.
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्.
महाशिवरात्रि पर देश भर के शिवालयों पर उमड़ी शिव भक्तों की भारी भीड़
🔴 #BREAKING | देशभर में मनाई जा रही शिवरात्रि, मंदिरों के बाहर शिव भक्तों की भीड़, यूपी, एमपी समेत कई राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद#Mahashivratri2026 | #MahaShivaratri | @chandn_bhardwaj | @Aayushinegi6 | @PallavMishra11 | @journal_raman | @RawatKishor3 pic.twitter.com/K45oyF2Rqn
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Maha Shivaratri 2026 Puja Vidhi LIVE: महाशिवरात्रि की पूजा की सरल विधि

Maha Shivaratri 2026 Live: सनातन परंपरा में भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए महाशिवरात्रि की पूजा अत्यंत ही शुभ और पुण्यदायी मानी गई है. मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर महादेव के लिए रखा गया व्रत, रात्रि में जागरण और भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन और अभिषेक सभी कष्टों को दूर करके कामनाओं को पूरा करने वाला है. आइए जानते हैं कि आज देवों के देव महादेव से मनचाहा वरदान पाने के लिए किन चीजों से कैसे करें पूजा -
महाशिवरात्रि की पूजा सामग्री : शुद्ध जल, गंगा जल, चंदन, केसर, इत्र, अक्षत, फल, फूल, बेलपत्र, शमीपत्र, दूर्वा, पंचामृत, मौली, जनेउ, मिठाई, धूप, कपूर, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, दक्षिणा, थाली, जल पात्र तथा अन्य पूजन सामग्री.
- भगवान शिव के लिए जप-तप और व्रत करने के लिए साधक को सबसे पहले स्नान-ध्यान आदि करके तन और मन से पवित्र हो जाना चाहिए.
- इसके बाद शिव साधक को महादेव का ध्यान करते हुए महाशिवरात्रि व्रत को नियम-संयम और विधिपूर्वक करने का संकल्प करना चाहिए.
- प्रात:काल के समय किसी शिवालय में जाकर शुभ मुहूर्त में गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक और फल-फूल, बेलपत्र, शमीपत्र आदि अर्पित करना चाहिए.
- इसके बाद पूरे दिन फलाहार करते हुए महादेव के मंत्र का मन में जप और शिव का चिंतन करना चाहिए.
- शाम के समय शिव साधक को चार प्रहर की पूजा के लिए एक बार फिर स्नान-ध्यान करके
- पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए. इसके बाद व्यक्ति को प्रत्येक प्रहर में अपने सामर्थ्य और उपलब्ध चीजों से शिव की दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल, गन्ने का रस, आदि को अर्पित करते हुए पूजा करनी चाहिए.
- महाशिवरात्रि की पूजा में भगवान शिव को चंदन और भस्म से त्रिपुंड जरूर लगाएं और उसके बाद प्रसाद स्वरूप अपने माथे पर भी धारण करें.
- महाशिवरात्रि के दिन यदि संभव हो तो किसी योग्य पंडित के माध्यम से भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें.
Maha Shivaratri 2026 Puja Muhurat LIVE: महाशिवरात्रि पर किस मुहूर्त में पूजा करने से पूरी होगी मनोकामना?

Maha Shivaratri 2026 LIVE: भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे उत्तम मानी जाने वाली जिस महाशिवरात्रि का भोले के भक्त पूरे साल इंतजार करते हैं, वह आज फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि यानि 15 फरवरी 2026, रविवार के दिन मनाई जा रही है। हिंदू मान्यता के अनुसार किसी भी पर्व या देवता से जुड़ी पूजा को शुभ मुहूर्त में किया जाए तो वह शीघ्र ही सफल और फलदायी होती है। जिस महाशिवरात्रि की पूजा से व्यक्ति को जीवन के सातों सुख प्राप्त होते हैं और भोले की कृपा से कोई कष्ट नहीं रहता है, आइए उसके जल चढ़ाने और चार प्रहर की पूजा का शुभ मुहूर्त जानते हैं —
महाशिवरात्रि पर महादेव को जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त
जलाभिषेक का पहला शुभ मुहूर्त : प्रात:काल 08:24 से 09:48 बजे तक
जलाभिषेक का दूसरा शुभ मुहूर्त : प्रात:काल 09:48 से लेकर 11:11 बजे तक
जलाभिषेक का तीसरा शुभ मुहूर्त : प्रात:काल 11:11 से लेकर दोपहर 12:35 बजे तक
जलाभिषेक का चौथा शुभ मुहूर्त : सायंकाल 06:11 से 07:47 बजे तक
महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का शुभ मुहूर्त
महाशिवरात्रि पर प्रथम प्रहर पूजा का समय - सायंकाल 06:01 से रात्रि में 09:09 बजे तक
महाशिवरात्रि पर द्वितीय प्रहर पूजा का समय - रात्रि में 09:09 से लेकर 16 फरवरी 2026 को 00:17 बजे तक
महाशिवरात्रि पर तृतीय प्रहर पूजा का समय - 16 फरवरी 2026 को पूर्वाहन 00:17 से लेकर 03:25 बजे तक
महाशिवरात्रि पर चतुर्थ प्रहर पूजा का समय - 16 फरवरी 2026 को पूर्वाह्न 03:25 से लेकर प्रात: 06:33 बजे तक
महाशिवरात्रि निशीथ काल की पूजा का समय: 15 फरवरी 2026 की रात्रि 11:52 से लेकर 16 फरवरी 2026 को पूर्वाह्न 12:42 बजे तक
महाशिवरात्रि के पारण का समय: 16 फरवरी 2026 को प्रात:काल 06:33 से लेकर 03:10 बजे तक