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This Article is From Nov 19, 2025

आम कैदियों जैसा खाना, चाय-बिस्कुट से नाश्ता... 55 दिन बाद फिर जेल पहुंचे आजम खान ने ऐसे बिताया वक्त

रामपुर कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को चुनाव लड़ने के लिए जाली पैन कार्ड बनवाने के मामले में दोषी करार देते हुए सात–सात साल कैद की सजा सुनाई है.

आम कैदियों जैसा खाना, चाय-बिस्कुट से नाश्ता... 55 दिन बाद फिर जेल पहुंचे आजम खान ने ऐसे बिताया वक्त
  • सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की रामपुर जिला जेल में पहली दो रातें शांति से बीतीं
  • आजम खान ने जेल में साधारण कैदियों वाला भोजन किया और किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं की
  • जाली पैन कार्ड मामले में आजम खान और बेटे को 7-7- साल की कैद के बाद रामपुर जेल भेजा गया है

55 दिन खुली हवा में सांस लेने के बाद फिर से जेल पहुंचे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके पूर्व विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम की पहली दो रातें रामपुर जिला जेल में शांति से गुजरी. जेल सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मंत्री ने साधारण कैदियों वाला भोजन किया. सुबह के नाश्ते में उन्होंने चाय और बिस्कुट लिए. 

बताया जा रहा है कि आजम खान ने जेल स्टाफ से किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं की. हालांकि पूर्व मंत्री होने के नाते उन्हें क्लास-1 जेल  और मेडिकल सुविधाएं मिलेंगी. जेल अधीक्षक ने जेल के बाहर सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स की मांग की है. 

रामपुर के जेल अधीक्षक ने बताया कि आम खान ने जेल स्टाफ से कोई खास मांग नहीं की, लेकिन रामपुर जेल में ही दोनों को साथ रखने के लिए अदालत में अर्जी लगाई. अदालत ने राहत देते हुए इसकी मंजूरी दे दी है. इसके बाद दोनों रामपुर ज़िला जेल में ही रहेंगे. 

ये भी पढ़ें- आजम खान और बेटे अब्दुल्ला को 7-7 साल की सजा, PAN कार्ड बनवाने के मामले में दोषी करार

गौरतलब है कि रामपुर कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को चुनाव लड़ने के लिए जाली पैन कार्ड बनवाने के मामले में दोषी करार देते हुए सात–सात साल कैद की सजा सुनाई है. 50–50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

2019 में बीजेपी के नेता और फिलहाल रामपुर से विधायक आकाश सक्सेना ने इस मामले में केस दर्ज कराया था. आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम के पहले पैन कार्ड में उनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 दर्ज थी, जिसके अनुसार उनकी उम्र 25 वर्ष नहीं थी और वह 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे.

ये भी आरोप लगाया कि आजम खान ने अपने बेटे को चुनाव लड़वाने के लिए दूसरा पैन कार्ड बनवाया, जिसमें जन्म का वर्ष 1990 दर्ज कराया गया. अभियोजन अधिकारी ने बताया था कि अदालत ने माना कि अब्दुल्ला ने अपने पिता के साथ मिलकर साजिश रचते हुए जाली पैन कार्ड हासिल किया और आधिकारिक रिकॉर्ड में जमा किया.

कई मामलों में आरोपी आजम खान करीब 23 महीने तक जेल में रहने के बाद सितंबर में ही सीतापुर कारागार से बाहर आए थे. अब्दुल्ला आजम भी एक मामले में करीब 9 महीने पहले हरदोई जेल से छूटे थे.

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