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गिग वर्कर्स के लिए बड़ा प्रस्तावः 90 दिन काम करने पर सोशल सिक्योरिटी कवर, पहचान पत्र समेत कई बड़े लाभ

गिग वर्कर्स को मिलेगी बड़ी राहत. आधार से रजिस्ट्रेशन, डिजिटल आईडी, सोशल सिक्योरिटी फंड और 90-120 दिन के काम पर योजनाओं का लाभ. केंद्र सरकार गिग वर्कर्स के लिए लेकर आई नए नियमों के प्रस्ताव.

गिग वर्कर्स के लिए बड़ा प्रस्तावः 90 दिन काम करने पर सोशल सिक्योरिटी कवर, पहचान पत्र समेत कई बड़े लाभ
  • केंद्र सरकार देश के करोड़ों गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा को लेकर नए नियमों के प्रस्ताव लेकर आई है.
  • आधार आधारित रजिस्ट्रेशन, डिजिटल पहचान पत्र, 90 से 120 दिन काम करने पर सोशल सिक्योरिटी योजनाओं का मिलेगा लाभ.
  • गिग वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी फंड बनेगा. नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड में गिग वर्कर्स के पांच सदस्य होंगे.
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देश के करोड़ों गिग वर्कर्स या प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रस्ताव लेकर आई है. नए नियमों के तहत अब गिग वर्कर्स या प्लेटफॉर्म वर्कर्स का आधार रजिस्ट्रेशन, डिजिटल आईकार्ड और सोशल सिक्योरिटी फंड सुनिश्चित किया जाएगा. यह कदम असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे डिलीवरी पार्टनर, कैब ड्राइवर, फ्रीलांसर और ऐप-आधारित कामगारों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.

16 की उम्र के बाद रजिस्ट्रेशन

नियमों के अनुसार, 16 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हर गिग या प्लेटफॉर्म वर्कर को केंद्र सरकार के तय किए गए पोर्टल पर आधार और अन्य दस्तावेजों के जरिए पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा. नियम लागू होते ही हर एग्रीगेटर (जैसे फूड डिलीवरी, कैब, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म) को अपने साथ जुड़े सभी गिग वर्कर्स का विवरण केंद्र सरकार के पोर्टल पर साझा करना होगा, ताकि हर वर्कर को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) या यूनिक पहचान संख्या जारी की जा सके.

हर पंजीकृत गिग वर्कर को डिजिटल या फिजिकल पहचान पत्र दिया जाएगा, जिसमें फोटो और जरूरी जानकारी होगी. यह डिजिटल कार्ड सरकारी पोर्टल से डाउनलोड भी किया जा सकेगा.

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90 से 120 दिन काम जरूरी

किसी भी सोशल सिक्योरिटी योजना का लाभ लेने के लिए एक एग्रीगेटर के साथ कम से कम 90 दिन काम, एक से अधिक एग्रीगेटर के साथ काम करने पर 120 दिन काम जरूरी होगा. यह अवधि पिछले वित्तीय वर्ष के आधार पर तय की जाएगी.

अगर किसी गिग वर्कर ने किसी दिन चाहे कितने भी रकम कितनी कमाई की हो, वह दिन कामकाज के रूप में गिना जाएगा.

यदि कोई वर्कर एक ही दिन में तीन अलग-अलग एग्रीगेटर्स के साथ काम करता है, तो उसे तीन कार्य-दिवस माना जाएगा.

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Photo Credit: NDTV

सोशल सिक्योरिटी फंड बनेगा

केंद्र सरकार एक अधिकारी या एजेंसी को एग्रीगेटर्स से कंट्रीब्यूशन एकत्र कर सोशल सिक्योरिटी फंड में जमा करेगी. ये इस फंड को खर्च करने के लिए एक जिम्मेदार अथॉरिटी के तय करेंगे. इस फंड को सोशल सिक्योरिटी फंड के हिस्से के तौर पर गिग वर्कर्स के लिए बनाए गए एक अलग खाते में रखा जाएगा.

केंद्र सरकार नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड में गिग वर्कर्स के पांच सदस्यों को रोटेशन के आधार पर नामित करेगी, जो अलग-अलग श्रेणियों के वर्कर्स का प्रतिनिधित्व करेंगे.

कोई भी रजिस्टर्ड गिग वर्कर या प्लेटफॉर्म वर्कर सोशल सिक्योरिटी स्कीम के फायदों के लिए तब अयोग्य माना जाएगा, जब वह साठ साल की उम्र का हो जाएगा या जब वह पिछले वित्त वर्ष में किसी भी एग्रीगेटर के साथ कम से कम नब्बे दिनों के लिए, या कई एग्रीगेटर्स के मामले में कम से कम एक सौ बीस दिनों के लिए गिग वर्कर या प्लेटफॉर्म वर्कर के तौर पर काम नहीं किया हो.

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