विज्ञापन
This Article is From Aug 13, 2025

नाम सलीम पिस्टल, काम हथियारों की सप्लाई, दिल्ली लाया गया देश का मोस्ट वॉंटेड हथियार तस्कर

सलीम पिस्टल ने ही पहली बार भारत में तुर्किये की बनी जिगाना पिस्टल की तस्करी शुरू की थी. इसमें बुलंदशहर के खुर्जा के दो भाई रिजवान और कुर्बान ने इसकी मदद की.

salim Pistol
  • दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नेपाल बॉर्डर से अवैध हथियार तस्कर सलीम पिस्टल को गिरफ्तार कर दिल्ली लाया है.
  • सलीम अहमद ने भारत में तुर्की की जिगाना पिस्टल की तस्करी शुरू की और गैंगस्टरों को आधुनिक हथियार सप्लाई किए.
  • हाशिम बाबा गैंग और छेनू गैंग जैसे बड़े गिरोह सलीम से हथियार खरीदते रहे हैं, पुलिस ने भी इसकी पुष्टि की है.
नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देश के सबसे बड़े आर्म्स सप्लायर सलीम पिस्टल को दिल्ली लेकर पहुंच गई है. कुछ दिन पहले ही स्पेशल सेल ने सलीम पिस्टल को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था. दिल्ली के जाफराबाद का रहने वाला सलीम अहमद, जिसे हथियारों की दुनिया में सलीम पिस्टल कहा जाता है, भारत का एक बड़ा और नामी अवैध हथियार तस्कर है. गैंगस्टरों को आधुनिक और विदेशी हथियार सप्लाई करने की शुरुआत इसी ने की थी. करीब 5 साल पहले दिल्ली पुलिस ने इसे 26 विदेशी पिस्टल और 800 कारतूस के साथ पकड़ा था, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद वो विदेश चला गया और वहीं से अब भी हथियारों का नेटवर्क चला रहा है.

सलीम पिस्टल ने ही पहली बार भारत में तुर्किये की बनी जिगाना पिस्टल की तस्करी शुरू की थी. इसमें बुलंदशहर के खुर्जा के दो भाई रिजवान और कुर्बान ने इसकी मदद की. पांच-छह साल पहले ये तीनों नेपाल के रास्ते जिगाना पिस्टल भारत लेकर आए थे. इसके बाद ये पिस्टल गैंगस्टरों की पहली पसंद बन गई. वजह इससे एक बार में 15 गोलियां चलती हैं, वजन हल्का है और इसकी मारक क्षमता बेहतरीन है.

गैंगस्टरों का फेवरेट हथियार सप्लायर

हाशिम बाबा गैंग, छेनू गैंग समेत देश के कई बड़े गिरोह सलीम से हथियार लेते रहे हैं. पुलिस की पूछताछ में बाबा के गुर्गे मोनू और शाहबाज कुरैशी ने भी सलीम से हथियार लेने की बात कबूली थी. 

तस्करी का तरीका

पाकिस्तान से जिगाना पिस्टल की खेप पहले नेपाल भेजी जाती है. वहां इसके पार्ट्स अलग कर दिए जाते हैं और कार में छिपाकर भारत लाया जाता है. कार में इसके लिए खास जगह बनाई जाती है. भारत पहुंचने पर पार्ट्स को असेंबल कर दिया जाता है.

अब तस्कर नया तरीका अपनाने लगे हैं ड्रोन से तस्करी

 पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पिस्टल पंजाब के बॉर्डर पर गिराई जाती है, फिर वहां से देशभर में सप्लाई होती है. ड्रोन से लाई गई पिस्टल नेपाल वाली पिस्टल से सस्ती होती है, करीब 4 लाख में  जबकि नेपाल से आने वाली 6 लाख तक की पड़ती है. इसी वजह से ड्रोन वाली पिस्टल की मांग ज्यादा बढ़ गई है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Salim Pistol, Delhi Police
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com