अन्वेषा सैटेलाइट ऑर्बिट में तैनात नहीं हो सका है. इसरो चीफ ने बयान जारी कर बताया 'तीसरे स्टेज में दिक्कत आई और दिशा में परिवर्तन हो गया. डेटा एनालिसिस किया जा रहा है, जो भी अपडेट आएगा बताया जाएगा. इसरो ने आज 260 टन वजनी पीएसएलवी-सी62 रॉकेट से उपग्रह अन्वेषा समेत 15 अन्य सैटेलाइट लॉन्च किये हैं.इसरो के चीफ वी नारायणन ने न तो इस मिशन को सफल और न फेल घोषित किया है. हालांकि, आमतौर पर ऐसा नहीं होता है. बड़ी बात यह है कि पीएसएलवी का पिछले साल हुआ एक मिशन फेल हुआ था और वो भी थर्ड स्टेज में ही फेल हुआ था. इस बार भी रॉकेट में थर्ड स्टेज पर डेविएशन आया है.
PSLV-C62 Eos Anvesha launch LIVE Updates...
थर्ड स्टेज में दिक्कत के बाद सैटेलाइट को रखना मुश्किल
पल्लव बागला ने बताया, 'इससे लगता है कि थर्ड स्टेज भारत को कहीं न कहीं दिक्कत दे रही है. आमतौर पर जब रॉकेट के तीसरे स्टेज पर डेविएशन आता है, तो सैटेलाइट को ऑर्बिट में रखना मुश्किल हो जाता है. अगर इसरो इस मिशन को फेल बताता है, तो यह बैक-टू-बैक दो मिशन होंगे, जो सफल नहीं हो पाए हैं. हालांकि, ये तो इसरो ही बताएगा कि ये मिशन फेल रहा है या नहीं.'
PSLV ISRO: थर्ड स्टेज में फिर आया डेविएशन
एनडीटीवी के साइंड एडिटर पल्लव बागला ने बताया, 'ये 4 स्टेज का रॉकेट है, 3 स्टेज ने अपना काम किया. तीसरे स्टेज की अंत पर, जो लिक्विड इंजन स्टेज है, उसमें कुछ खराबी आई है और उसे डेविएशन मिला. कहीं से वो भटक गया. इसरो के चीफ वी नारायणन ने न तो इस मिशन को सफल और न फेल घोषित किया है. हालांकि, आमतौर पर ऐसा नहीं होता है. बड़ी बात यह है कि पीएसएलवी का पिछले साल हुआ एक मिशन फेल हुआ था और वो भी थर्ड स्टेज में ही फेल हुआ था. इस बार भी रॉकेट में थर्ड स्टेज पर डेविएशन आया है.'
सैटेलाइट के किस स्टेज में आई दिक्कत, ISRO चीफ ने बताया
इसरो की PSLV-C62 मिशन सफल नहीं हो पाया है. इसरो चीफ वी नारायणन ने बताया कि सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया. दूसरा स्टेज भी सफल रहा, लेकिन तीसरे स्टेज के बाद इससे मिलने वाला डेटा मिलने में परेशानी आने लगा. ये दिशा से हिल गया. मिशन का चौथा स्टेज शुरू तो हुआ, लेकिन उसके बाद कोई अपडेट डेटा नहीं मिला. हम डेटा एनालिसिस कर रहे हैं.

ऑर्बिट में तैनात नहीं हो सका सैटेलाइट अन्वेषा
अन्वेषा सैटेलाइट ऑर्बिट में तैनात नहीं हो सका है. इसरो चीफ ने बयान जारी कर बताया 'तीसरे स्टेज में दिक्कत आई और दिशा में परिवर्तन हो गया. डेटा एनालिसिस किया जा रहा है, जो भी अपडेट आएगा बताया जाएगा.
The PSLV-C62 mission encountered an anomaly during end of the PS3 stage. A detailed analysis has been initiated.
— ISRO (@isro) January 12, 2026
600 KM दूर से रखेगा नजर
DRDO द्वारा विकसित इस सैटेलाइट का नाम अन्वेषा को 'दिव्य दृष्टि' या हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट के रूप में जाना जाता है. यह सैटेलाइट न केवल पर्यावरण निगरानी में नई क्रांति लाएगा, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भी भारत की क्षमताओं को और अधिक मजबूत करेगा. इससे पाकिस्तान के आतंकवादियों की छिपने की कोशिशें और चीन की सीमा पर चालें भी बेनकाब हो सकेंगी. दुश्मन के बंकर हो या जंगलों में झाड़ियों के पीछे छिपने आतंकियों का सेफहाउस, 600 किमी की ऊंचाई से यह सैटेलाइट सब कुछ कैद कर लेगा.
ISRO ने 16 सैटेलाइट लॉन्च किये
इसरो ने 260 टन वजनी पीएसएलवी-सी62 रॉकेट से उपग्रह अन्वेषा समेत 14 अन्य सैटेलाइट लॉन्च कर दिये हैं. इस साल के पहले मिशन के जरिये पृथ्वी अवलोकन उपग्रह के साथ-साथ 14 अन्य सह उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया जा रहा है.
#WATCH | Sriharikota, Andhra Pradesh: The PSLV-C62/EOS-N1 mission launches from Satish Dhawan Space Centre (SDSC-SHAR).
— ANI (@ANI) January 12, 2026
PSLV-C62 will carry EOS-N1 and 15 co-passenger satellites. EOS-N1 and 14 co-passengers are planned for injection into Sun Synchronous Orbit; the KID capsule is… pic.twitter.com/b4mrfQMTM2
अब तक का सबसे भारी पेलोड
इस मिशन के तहत अगली पीढ़ी के संचार उपग्रह को तैनात किया गया, जिसे दुनिया भर के स्मार्टफ़ोनों को सीधे हाई-स्पीड सेलुलर ब्रॉडबैंड प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 अंतरिक्ष यान, एलवीएम3 रॉकेट के इतिहास में निम्न पृथ्वी कक्षा में प्रक्षेपित किया जाने वाला सबसे भारी पेलोड होगा.
इसरो अध्यक्ष ने पीएसएलवी-सी62 के प्रक्षेपण से पहले तिरुपति में की पूजा
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष वी नारायणन ने शनिवार को तिरुपति स्थित प्रसिद्ध वेंकेटेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना की. उनकी यह यात्रा ईओएस-एन1 ‘पृथ्वी अवलोकन उपग्रह’ को 14 अन्य उपग्रहों के साथ अंतरिक्ष में प्रक्षेपित करने के लिए प्रस्तावित पीएसएलवी-सी62 मिशन से पहले हुई है. इसरो के अधिकारी नारायणन के साथ थे. वे मंदिर में प्रार्थना करते समय प्रक्षेपण यान की एक लघु प्रतिकृति (Miniature Replica) अपने साथ ले गए थे.
इसरो ने बताया पूरा शेड्यूल
PSLV-C62 will carry EOS-N1 and 15 co-passenger satellites.
— ISRO (@isro) January 11, 2026
EOS-N1 and 14 co-passengers are planned for injection into Sun Synchronous Orbit; the KID capsule is planned for a re-entry trajectory.
🗓️ 12 Jan 2026 | 🕘 09:45 IST onwards
🚀 Liftoff at 10:18:30 IST
Livestream link:… pic.twitter.com/PZrd1CpgR8
पीएसएलवी के जरिये अबतक 63 मिशन
इसरो ने बताया कि पीएस4 चरण और केआईडी कैप्सूल (जो अंतिम सह-उपग्रह होगा) दोनों पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करेंगे और दक्षिण प्रशांत महासागर में उतरेंगे. भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने पीएसएलवी के जरिये अबतक 63 मिशन को पूरा किया है, जिनमें महत्वाकांक्षी चंद्रयान-1, मंगलयान और आदित्य-एल1 मिशन शामिल हैं.