- परभणी जिले में निर्माणाधीन मारुति मंदिर का भारी स्लैब अचानक गिर गया, जिससे कई लोग मलबे में दब गए.
- स्लैब की लंबाई लगभग पंद्रह फीट और चौड़ाई भी पंद्रह फीट थी, जो अचानक भरभराकर मंदिर परिसर में गिरा.
- हादसे में लगभग बीस से पच्चीस लोग मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई है.
महाराष्ट्र के परभणी जिले से शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया. यहां निर्माणाधीन मारुति (हनुमान) मंदिर का भारी स्लैब (छज्जा) अचानक गिर गया. इस हादसे ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया. मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु इसकी जद में आ गए और देखते ही देखते मलबे के नीचे कई लोग दब गए. शुरुआती जानकारी के मुताबिक 20 से 25 लोगों के मलबे की चपेट में आए. इस घटना में अभी तक चार लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. इस घटना पर पीएमओ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दुख जताया है.
यशवंतवाड़ी देवस्थान में हुआ हादसा
यह हादसा परभणी जिले के मानवट तहसील के पास स्थित यशवंतवाड़ी देवस्थान में हुआ. यहां मारुति मंदिर परिसर में पिछले कई दिनों से निर्माण कार्य चल रहा था. शनिवार होने की वजह से मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा थी, हालांकि भीड़ को देखते हुए उस दिन निर्माण कार्य रोक दिया था. इसके बावजूद लोग उसी परिसर में मौजूद थे.
अचानक गिरा 15 फीट का स्लैब
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 15 फीट लंबा और 15 फीट चौड़ा स्लैब अचानक भरभराकर गिर पड़ा. स्लैब के नीचे आते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. कई लोग मलबे के नीचे दब गए और मदद के लिए चीख-पुकार मच गई. स्थानीय लोग भी तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव में जुट गए.
मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ- पीएम
हादसे पर पीएमओ ने एक्स पर पोस्ट करके दुख जताया है. पीएमओ ने लिखा, 'महाराष्ट्र के परभणी में दीवार गिरने से हुई मौतों से बहुत दुख हुआ है. मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं, जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया है.'
The loss of lives due to the collapse of a wall in Parbhani, Maharashtra, is deeply saddening. My thoughts are with those who have lost their loved ones in this mishap. May the injured recover at the earliest: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) June 20, 2026
कंस्ट्रक्शन की गुणवत्ता पर उठे सवाल
घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. बताया जा रहा है कि यह हिस्सा कई दिनों से बन रहा था, ऐसे में अचानक स्लैब गिरना लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है. प्रशासन अब इस पूरे मामले की जांच की तैयारी में है. फिलहाल स्लैब गिरने की असली वजह सामने नहीं आई है.
बाहरी ठेकेदार कर रहा था निर्माण
क्षेत्रीय विधायक राजेश विटेकर ने बताया कि ये मंदिर परभणी जिले का हमारा सबसे प्रसिद्ध देवस्थान है और हर शनिवार को 25000 से 50000 श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. संस्थान अपने स्वयं के फंड से उस सभामंडप का काम कर रहा था. कारीगर बाहरी राज्यों से थे और काम के लिए जो पत्थर लग रहा था, वह भी राजस्थान से मंगवाया गया था.
उन्होंने कहा कि मैंने अभी संस्थान के कुछ पदाधिकारियों से बात की. अचानक जो खंभा हम खड़ा करते हैं, उसे लॉक करने में कुछ देरी या काम में कुछ कमी रह गई होगी और इसी वजह से अचानक वह सभामंडप गिर गया. इसमें 27 लोग दब गए और उनमें से लगभग चार लोगों की मौत हो गई, तीन लोगों का जिला सामान्य अस्पताल में इलाज चल रहा है और बाकी 20 लोगों का आरपी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है.
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