रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह मामले की CBI जांच पर उठाया सवाल, कहा - यह फेडरलिज़्म के खिलाफ है

CBI की तरफ से FIR दर्ज करने के बाद रिया चक्रवर्ती ने कहा है कि CBI को इस मामले से तब तक दूर रहना चाहिए जब तक कि सर्वोच्च न्यायालय अपना फैसला नहीं दे देता है.

रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह मामले की CBI जांच पर उठाया सवाल, कहा - यह फेडरलिज़्म के खिलाफ है

रिया चक्रवर्ती (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के मामले में फिर से प्राथमिकी दर्ज करने के बाद CBI ने बिहार पुलिस से जांच अपने हाथ में ले ली है. एजेंसी ने दिवंगत अभिनेता की कथित गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती और उसके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर आपराधिक षड्यंत्र और आत्महत्या के लिए उकसाने की खातिर पटना पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को फिर से दर्ज किया है. CBI की तरफ से FIR दर्ज करने के बाद रिया चक्रवर्ती ने कहा है कि CBI को इस मामले से तब तक दूर रहना चाहिए जब तक कि सर्वोच्च न्यायालय अपना फैसला नहीं दे देता है. गुरुवार शाम एक बयान में उन्होने कहा, "इस बिंदु पर सीबीआई द्वारा जांच" किसी भी ज्ञात कानूनी सिद्धांतों से परे और राष्ट्र के संघीय ढांचे को प्रभावित करने वाला और पूरी तरह से अवैध होगा. "

बताते चले कि अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है. जिसमें उन्होंने पटना में दर्ज मामले की जांच मुम्बई में ट्रांसफर करने की मांग की है. इससे पहले सीबीआई ने बिहार पुलिस से अब तक हुई जांच से जुड़े दस्तावेज मांगे थे. सीबीआई की एसआईटी की टीम सुशांत राजपूत मामले की जांच कर रही है.  इसमें डीआईजी मनोज शशिधर और एसपी नूपुर प्रसाद शामिल हैं. बिहार पुलिस ने 25 जुलाई को भारतीय दंड संहिता( IPC) की धारा 341, 348, 380, 406, 306, 506, 420,120B में केस दर्ज किया था. सीबीआई की एफआईआर में भी यहीं धाराएं लगायी गयी है.  

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जांच एजेंसी सीबीआई की एफआईआर में जिन्हें आरोपी बनाया गया है, उनमें रिया चक्रवती,  इंदरजीत चक्रवर्ती, संध्या चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सैमुएल मिरांडा, श्रुति मोदी समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज है.  हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुशांत सिंह मामले की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की थी. हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने अब तक इस मामले में सीबीआई जांच की मंजूरी नहीं दी है. राज्य सरकार की स्वीकृति के बिना, एजेंसी किसी भी राज्य में लोगों से पूछताछ नहीं कर सकती है.