What Are The Duties Of An OSD: देश में इन दिनों “ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी” यानी OSD का पद अचानक सुर्खियों में आ गया है. वजह है तमिलनाडु का राजनीतिक घटनाक्रम और नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, जिन्होंने अपने करीबी ज्योतिषी राधन पंडित वेट्रिवेल को OSD नियुक्त किया था. लेकिन इस फैसले पर विपक्ष ही नहीं, सहयोगी दलों ने भी सवाल उठा दिए. विवाद इतना बढ़ा कि विजय सरकार ने 24 घंटे के भीतर ही यह नियुक्ति वापस ले ली. इसी के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगे कि आखिर मुख्यमंत्री का OSD होता क्या है, उसका काम क्या होता है और वह कितना ताकतवर माना जाता है. आइए इन सभी सवालों के जवाब समझने की कोशिश करते हैं.
क्या होता है OSD और क्या है उसका काम
OSD का पूरा मतलब है “ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी”. यह कोई परमानेंट कॉन्स्टिट्यूशनल पद नहीं, बल्कि जरूरत के हिसाब से बनाई जाने वाली खास जिम्मेदारी होती है. मुख्यमंत्री, मंत्री या बड़े सरकारी अधिकारी अपने खास प्रशासनिक, राजनीतिक या कॉर्डिनेशन से जुड़े कामों के लिए OSD नियुक्त कर सकते हैं. कई बार इस पद पर IAS या दूसरे वरिष्ठ अधिकारी तैनात किए जाते हैं, जबकि कुछ मामलों में सरकार अपने भरोसेमंद लोगों को भी इस भूमिका या पद पर ला सकती है.
कुछ OSD प्रशासनिक काम देखते हैं, जबकि कुछ राजनीतिक सलाहकार की तरह काम करते हैं. ये इस बात पर निर्भर करता है कि उन्हें नियुक्त करने वाले मुख्यमंत्री की उनसे क्या उम्मीदें है और उन्हें क्या जिम्मेदारी दी गई है. कई राज्यों में OSD की भूमिका इतनी अहम होती है कि वो मुख्यमंत्री और दूसरे अफसरों के बीच कॉर्डिनेशन की एक अहम कड़ी बन जाते हैं.
OSD की सैलरी
ऐसे में ये सवाल उठना लाजमी है कि इतने अहम काम को करने वाले OSD की सैलरी आखिर कितनी होती है. यहां एक बात साफ कर दें कि OSD की सैलरी एक जैसी नहीं होती. यानी अगर कोई सरकारी अधिकारी OSD बनता है, तो उसे उसके बेसिक पे स्केल के हिसाब से सैलरी और सुविधाएं मिलती हैं. अगर कोई IAS अधिकारी OSD की भूमिका में आता है तो उसे सैलरी, उसके कैडर और पद के अनुसार ही मिलेगी. राज्य सेवा के अधिकारी के OSD बनने पर भी यही पैमाना अपनाया जाता है. OSD बनने वाला अधिकारी यदि वरिष्ठ है तो यह सैलरी लाखों रुपये तक पहुंच सकती है.
वहीं अगर किसी व्यक्ति को खास नियुक्ति या कॉन्ट्रैक्ट पर OSD बनाया जाता है, तो उसकी सैलरी अलग से तय की जा सकती है, जो उसके अनुभव और जिम्मेदारियों के आधार पर अलग-अलग होती है.
सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, कई विभागों में होते हैं OSD
OSD यानी “ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी” सिर्फ मुख्यमंत्री ऑफिस तक सीमित नहीं होता. केंद्र और राज्य सरकारों के कई मंत्रालयों, विभागों, आयोगों और सरकारी संस्थानों में भी OSD नियुक्त किए जाते हैं. कई बार बड़े प्रोजेक्ट्स, सेंसिटिव मामलों या विशेष प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए यह पद बनाया जाता है. उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री ऑफिस, राज्यपाल ऑफिस, केंद्रीय मंत्रियों, सरकारी आयोगों, पुलिस विभाग और यहां तक कि यूनिवर्सिटी व सरकारी कंपनियों में भी OSD तैनात किए जाते हैं. कई मामलों में OSD किसी खास विषय के एक्सपर्ट भी हो सकते हैं, जिन्हें सीमित समय या खास मकसद के लिए नियुक्त किया जाता है.
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