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नन्हें जीनियस ने प्रतिभा से जीता इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड का खिताब, महज इतनी सी उम्र में याद हैं संस्कृत के श्लोक

राजस्थान के टोंक जिले के देवली में 2 साल 10 महीने के नन्हें जीनियस ओम प्रकाश महतो ने संस्कृत श्लोक और बहुभाषी ज्ञान के दम पर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया.

नन्हें जीनियस ने प्रतिभा से जीता इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड का खिताब, महज इतनी सी उम्र में याद हैं संस्कृत के श्लोक
नन्हें ओम प्रकाश की प्रतिभा से हर कोई हैरान
  • राजस्थान के टोंक जिले के देवली में 2 साल 10 महीने के ओम प्रकाश महतो ने असाधारण ज्ञान का परिचय दिया है
  • ओम प्रकाश संस्कृत, उड़िया और हिंदी के श्लोक कंठस्थ कर पूछे गए सवालों का फटाफट जवाब देते हैं
  • इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड ने ऑनलाइन टेस्ट के माध्यम से ओम प्रकाश की प्रतिभा को प्रमाणित करते हुए सम्मानित किया
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राजस्थान में टोंक जिले के देवली में 2 साल 10 महीने के नन्हें जीनियस ने अपने ज्ञान से सबको हैरान कर दिया है और बाकी बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है. हम बात कर रहे हैं ओम प्रकाश महतो की, जिन्हें संस्कृत, उड़िया और हिंदी के श्लोक कंठस्थ हैं और उन्हें निरंतर बोलने का साहस भी है.

कम उम्र में असाधारण प्रतिभा का परिचय

ओम प्रकाश महतो नाम का ये बच्चा अपनी उम्र से ज्यादा समझदार और ज्ञानी है. इस उम्र में बच्चे ठीक से बोलना नहीं सीख पाते हैं, लेकिन ओम प्रकाश संस्कृत के श्लोक, उड़िया और हिंदी की वर्णमाला और रामायण से जुड़े सवालों के जवाब फटाफट देता है. इतना ही नहीं, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड ने ऑनलाइन टेस्ट के जरिए नन्हें ओम प्रकाश की प्रतिभा परखी और उसे आईपीआर अचीवर मेडल और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया, उनकी इस असाधारण प्रतिभा से हर कोई हैरान है.

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परिवार और मां की भूमिका

ओम प्रकाश महतो के पिता बी किशन सीआईएसएफ के जवान हैं और उनकी मां वर्षा रानी गृहिणी हैं. रानी ही बेटे की पहली गुरु हैं. उन्होंने उनके ज्ञान में वृद्धि करने में सहायता की है. इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड ने ऑनलाइन टेस्ट में ओम प्रकाश महतो ने 9 श्रेणियों में परीक्षा दी, जिसमें 15 तरह के रंग, 16 तरह के आकार, 17 तरह के फल, 17 तरह के वाहन, शरीर के 31 अंगों की पहचान कराई थी.

रिकॉर्ड टेस्ट में शानदार प्रदर्शन

इसके साथ ही ओम प्रकाश ने भारत के 10 राज्यों की राजधानियां, सभी महीनों के नाम, हिंदी-अंग्रेजी-वर्णमाला और रामायण से जुड़े 10 सवालों के जवाब भी आराम से दे दिए. ओम प्रकाश के पिता ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि बच्चे के अंदर बहुत जल्दी याद रख पाने की क्षमता है और ये भगवान का ही चमत्कार है. संस्कृत के मंत्र मां से सुनकर याद किए, क्योंकि घर में संस्कृत के मंत्रों के साथ पूजा होती है और बाकी राजधानियों के नाम हम बोलकर याद कराते हैं.

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समझदारी और बहुभाषी ज्ञान

ओम प्रकाश की मां रानी ने बताया कि आजकल के बच्चे बिना फोन के खाना नहीं खाते, लेकिन ये खुद मुझसे कहता है कि "मां, फोन मत देखो, आंखें खराब हो जाएंगी." बिना पढ़ाए भी बच्चे ने मुझसे देख-देखकर काफी सीखा है. इससे मुझे भी मोटिवेशन मिली कि मेरा बच्चा इतना समझदार है तो क्यों न मैं इसको अच्छी बातें सिखाऊं. उन्होंने आगे कहा कि अभी बच्चे को उड़िया, हिंदी और अंग्रेजी भाषा का ज्ञान है और संस्कृत भाषा के श्लोक याद हैं.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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