पंजाब के अमृतसर के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अदालत से राहत मिली है. वीडियो कॉल के जरिए बीमार दादी से बात कर सकेंगे. अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अमृतसर कोर्ट ने 5 दिनों के अंदर 10 मिनट की वीडियो कॉल की दी इजाजत है. अमृतपाल सिंह करीब साढ़े तीन वर्षों से परिवार से दूर हैं. दादी की गंभीर हालत के चलते मिलने की मांग की थी. एडवोकेट ऋतुराज संधू ने आरोप लगाया है कि सरकार के दबाव और डर की वजह से उन्हें राहत नहीं दी जा रही है. अमृतपाल सिंह के वकील एडवोकेट ऋतुराज संधू ने अदालत से मिली हालिया राहत और चल रहे कानूनी मामलों को लेकर मीडिया से बातचीत की. उन्होंने बताया कि एफआईआर नंबर 39 से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अमृतपाल सिंह को अपने परिवार और बीमार दादी से बातचीत करने के लिए वीडियो कॉल की इजाजत दे दी है.
अमृतपाल के वकील ने क्या कहा?
एडवोकेट ने कहा कि पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों से अमृतपाल सिंह अपने परिवार से दूर हैं और उनकी परिवार से सीधी मुलाकात या बातचीत नहीं हो सकी है.
वकील संधू के मुताबिक, उनकी तरफ से कोर्ट में अंतरिम जमानत की याचिका दायर की गई थी, जिससे अमृतपाल सिंह को अपनी बीमार दादी से व्यक्तिगत रूप से मिलने की इजाजत मिल सके.
हालांकि, सुनवाई के दौरान पता चला कि अमृतपाल सिंह की दादी को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है. इसके बाद कोर्ट ने स्थिति को देखते हुए आदेश दिया कि अगले 5 दिनों के अंदर अमृतपाल सिंह अपने परिवार से 10 मिनट की वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर सकेंगे और उनका हाल-चाल जान सकेंगे. वीडियो कॉल की तारीख और समय अब राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा तय किया जाएगा.
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एडवोकेट ऋतुराज संधू ने बताया कि केस में सबूतों की जांच और गवाहों से जिरह की प्रक्रिया जारी है. आगामी चुनावों और राजनीतिक स्थिति से जुड़े सवालों पर वकील संधू ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के दबाव और डर की वजह से न तो उनकी पार्टी को रजिस्टर होने दिया जा रहा है और न ही अमृतपाल सिंह को पंजाब आने की इजाजत दी जा रही है.
अमृतपाल के वकील ने दावा किया कि सरकार का यह कदम अमृतपाल सिंह और उनकी बढ़ती राजनीतिक लोकप्रियता को लेकर सरकार की चिंता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्हें राजनीतिक और निजी स्तर पर राहत नहीं दी जा रही है.
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