मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण भी थे. इस दौरान प्रशांत भूषण ने कहा कि हां हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं. उनके इस बयान पर विवाद हो.
प्रशांत भूषण ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ 'असंतोष' पैदा करना कोई अपराध नहीं है, और अब यह संघर्ष 'वास्तव में सत्ता परिवर्तन' के लिए है.
उन्होंने कहा, 'सरकार का आरोप है कि विपक्ष सत्ता परिवर्तन चाहता है... हम अभी इस बात के लिए लड़ रहे हैं कि चुनाव ठीक ढंग से हों. लेकिन अगर इसी तरह की बर्बरता जारी रही, तो सत्ता परिवर्तन निश्चित रूप से होगा.'
'हां, हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं'
प्रशांत भूषण ने कहा, 'हां, हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं. इसमें क्या गलत है? भाजपा ने सत्ता परिवर्तन के लिए कई आंदोलनों का नेतृत्व किया. अब वे कह रहे हैं कि सत्ता परिवर्तन के लिए कोई साजिश रची जा रही है.'
भूषण ने कहा, 'सत्ता परिवर्तन हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है. हमारे संविधान के अनुसार, सरकार के प्रति असंतोष पैदा करना कोई अपराध नहीं है.'
उन्होंने कहा, 'यही वजह है कि अब यह एक तानाशाही सरकार के खिलाफ सत्ता परिवर्तन की लड़ाई बन गई है. एक ऐसी सरकार जो लोकतंत्र को कुचल रही है.'
भूषण ने कहा कि अधिकारी विरोध-प्रदर्शनों को जितना दबाने की कोशिश करेंगे, उतने ही अधिक लोग सड़कों पर उतरेंगे.
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Photo Credit: IANS
'सत्ता परिवर्तन आंदोलन का नेतृत्व युवा करेंगे'
भूषण ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के इस आंदोलन का नेतृत्व युवा करेंगे, और इसमें नागरिक समाज समूह और राजनीतिक दल भी शामिल होंगे.
उन्होंने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति न देने के फैसले पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अगर अधिकारियों को लगता था कि भीड़ कम होगी, तो वे कोई दूसरी जगह सुझा सकते थे.
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोगों को सिर्फ इसलिए तिरंगा लहराने से रोका जा सकता है क्योंकि वह जगह अब विरोध-प्रदर्शन के लिए तय की गई जगह नहीं रही?
भूषण ने प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए एक वीडियो का जिक्र किया, जिसमें कुछ लोग हमला करते दिख रहे हैं. उन्होंने इन लोगों को भाजपा समर्थक बताया और दावा किया कि यह वीडियो एक दिन के भीतर ही जारी कर दिया गया था. उन्होंने कहा, 'गुंडा राज चल रहा है.'
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बीजेपी बोली- जो नेता नहीं बदल सकते, वो सत्ता बदलेंगे
प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज वाले बयान पर बीजेपी ने हमला बोला है. बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, 'प्रशांत भूषण जी ने कहा है कि यह लड़ाई सत्ता बदलने के लिए है और जब तक वे सत्ता नहीं बदल देते, तब तक वे रुकेंगे नहीं. मैं एक बात बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं कि यह देश किसी एक व्यक्ति या किसी एक परिवार की निजी संपत्ति नहीं है. यह देश यहां के 1.4 अरब लोगों का है.'
उन्होंने कहा, 'शुरुआत से ही, बीजेपी और देश के आम नागरिक यह कहते आ रहे हैं कि राहुल गांधी और उनके साथियों का मकसद 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के खिलाफ लड़ना या बच्चों के भविष्य की चिंता करना नहीं है. उनका एकमात्र मकसद देश में तख्तापलट करना है.'
VIDEO | BJP MP Sambit Patra says, “Our Constitution lays down the process for changing a government. If you want to change the government, elections are held every five years. People exercise their right to vote, and power can be transferred through elections. Elections were held in 2014, 2019 and 2024, as well as in various states... But you do not believe in this process either... You believe in anarchy...Union Home Minister Amit Shah ji has laid bare the facts, pointing out that they have not won a single election and that the Congress has remained out of power for years in Gujarat, Madhya Pradesh and several other states. They cannot even change their own leader, yet they have set out to bring about regime change... This is the reality of Rahul Gandhi and the Gandhi family.”
— Press Trust of India (@PTI_News) October 15, 2026
संबित पात्रा ने कहा कि 'हमारे संविधान में सरकार बदलने की एक प्रक्रिया तय है. अगर आप सरकार बदलना चाहते हैं, तो हर पांच साल में चुनाव होते हैं. लोग अपने वोट देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हैं और चुनावों के जरिए सत्ता हस्तांतरित हो सकती है.'
उन्होंने कहा, '2014, 2019 और 2024 में चुनाव हुए, और कई राज्यों में भी चुनाव हुए, लेकिन आपको इस प्रक्रिया पर भी भरोसा नहीं है. आप अराजकता में विश्वास रखते हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने तथ्यों को सबके सामने रखा है. उन्होंने बताया है कि ये लोग एक भी चुनाव नहीं जीत पाए हैं और गुजरात, मध्य प्रदेश और कई अन्य राज्यों में कांग्रेस सालों से सत्ता से बाहर है.'
पात्रा ने आगे कहा, 'ये लोग अपना नेता तक नहीं बदल सकते, और चले हैं सत्ता बदलने... यही राहुल गांधी और गांधी परिवार की असलियत है.'
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