- प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में ईरान-इजरायल युद्ध से उत्पन्न तेल संकट पर अपनी बात रखी
- उन्होंने खाड़ी देशों पर तेल निर्भरता कम करने के लिए एक रणनीतिक योजना तैयार की है
- इस योजना को तीन स्तरों में बांटा गया है: शॉर्ट टर्म, मिडियम टर्म और लॉन्ग टर्म
ईरान-इजरायल युद्ध से पैदा हुए संकट पर आज प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में अपनी बात रखी. पीएम ने भविष्य में तेल संकट से बचने का प्लान भी बताया. पीएम मोदी ने संसद में कहा कि हमने खाड़ी देशों तेल के लिए निर्भरता कम करने वाला प्लान बनाया है. मोदी ने कहा कि हमने अपनी इस रणनीति को तीन स्तर में बांटा है-शॉर्ट टर्म, मिडियम टर्म और लॉन्ग टर्म. मोदी ने यह भी बताया कि हम अब तेल के लिए नए देशों से भी संपर्क कर रहे हैं.
कच्चे तेल-गैस पर क्या बोले मोदी?
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में अपनी स्पीच के दौरान कहा कि हम तेल के लिए कई नए देशों के संपर्क में हैं.पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में कहा कि देश में कच्चे तेल, गैस, उर्वरक और कई आवश्यक वस्तुओं की भारी मात्रा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते से आती है.युद्ध शुरू होने के बाद से इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही काफी चुनौतीपूर्ण हो गई है.इसके बावजूद, सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं कि पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति पर इसका गंभीर असर न पड़े.
पीएम मोदी ने आगे कहा कि जैसा कि हम सब जानते हैं कि देश अपनी कुल LPG जरूरत का 60% आयात करता है.आपूर्ति में अनिश्चितता को देखते हुए सरकार ने घरेलू LPG उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है. इसके साथ ही देश में LPG का घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है. सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारू बनी रहे और कहीं भी कमी न हो.
VIDEO | Parliament session: PM Narendra Modi, in his remarks in the Lok Sabha on the ongoing West Asia conflict, says, “During such crises, some elements try to take advantage of the situation. Therefore, all law enforcement agencies have been kept on alert to maintain law and… pic.twitter.com/gsE76alXju
— Press Trust of India (@PTI_News) March 23, 2026
इथेनॉल ब्लेंडिंग का मिल रहा फायदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिडिल ईस्ट संकट पर लोकसभा में कहा कि एक दशक से सरकार की ओर से इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देने का फायदा अब जाकर हमें मिल रहा है. 10 साल पहले केवल 1 से 1.5 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग क्षमता थी, आज हम पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग कर सकते हैं. इसका फायदा यह हुआ कि अब हमें हर साल 4.5 करोड़ बैरल कच्चा तेल कम खरीदना पड़ रहा है. इसके अलावा रेलवे के विद्युतीकरण का फायदा मिला है.अगर इसपर तेजी से काम नहीं होता तो हमें हर साल करीब 180 करोड़ लीटर डीजल आयात करना पड़ता. मोदी ने कहा कि केंद्र ने राज्यों को 15 हजार इलेक्ट्रिक बसें दी हैं, इन सब वजहों से कच्चे तेल पर हमारा उपभोग कम हुआ है.
ऊर्जा के क्षेत्र में गुड न्यूज
पिछले 11 वर्षों में देश ने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता लगभग 3 गीगावाट से बढ़ाकर 140 गीगावाट कर दी है.पिछले एक साल में देशभर में करीब 40 लाख रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए हैं. मोदी ने कहा कि पीएम सूर्यगढ़ मुफ्त बिजली योजना ने भी इसमें बड़ा योगदान दिया है. गोवर्धन योजना के तहत देश में 200 कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट भी शुरू किए जा चुके हैं. ये सभी प्रयास देश के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं. भविष्य के लिए तैयारी और मजबूत करने के लिए सरकार ने ‘शांति अधिनियम' के तहत देश में नाभिकीय ऊर्जा (nuclear energy) उत्पादन को प्रोत्साहित किया है. हाल ही में ‘स्मॉल हाइड्रोपावर डेवलपमेंट स्कीम' को भी मंजूरी दी गई है जिससे अगले पांच वर्षों में 1,500 मेगावाट नयी जलविद्युत क्षमता जुड़ेगी.
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