प्रधानमंत्री मोदी को मिले 1498 तोहफों की ई-नीलामी 17 सितंबर से शुरू होगी. केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि यह ई-नीलामी का आठवां संस्करण है, जिसमें देशभर से मिले खास तोहफे शामिल किए गए हैं.
इन तोहफों में भारत की कला, संस्कृति, पारंपरिक कारीगरी, धार्मिक परंपराओं और खेल उपलब्धियों से जुड़ी वस्तुएं शामिल हैं. इनमें पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, बिहार और ओडिशा समेत कई राज्यों की कलाकृतियां और स्मृति चिह्न शामिल हैं.
शेखावत ने बताया कि अब तक हुई सात ई-नीलामियों में 6000 से ज्यादा तोहफे बिक चुके हैं और करीब 92,000 बोलियां लगाई जा चुकी हैं. नीलामी से मिलने वाली पूरी राशि 'नमामि गंगे' कार्यक्रम को दी जाती है, जिसका मकसद गंगा नदी के संरक्षण और सफाई का काम है.

इस बार क्या हैं खास आकर्षण?
इस बार नीलामी में 50 विशेष 'हीरो ऑब्जेक्ट्स' भी रखे गए हैं। इनमें भगवान राम की चांदी की प्रतिमा (बेस प्राइस 13.50 लाख रुपये), काकतीय कला तोरणम की चांदी की प्रतिकृति (बेस प्राइस 9 लाख रुपये), 'ट्री ऑफ लाइफ' गोंड आर्ट पेंटिंग (7.50 लाख रुपये), रथ पर सवार जगन्नाथ परिवार की कलाकृति (6 लाख रुपये) और 99.99 फीसदी शुद्ध सोने की परत वाली राधा-कृष्ण कलाकृति (5.40 लाख रुपये) शामिल हैं.

ऑनलाइन बोली के साथ प्रदर्शनी भी
नीलामी पीएम मेमेंटोज पोर्टल पर होगी. साथ ही लोगों के लिए एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, ताकि वे बोली लगाने से पहले इन वस्तुओं को करीब से देख सकें. इस पूरी प्रक्रिया का समन्वय नई दिल्ली स्थित नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (NGMA) कर रही है.

खेलों से जुड़ी वस्तुओं पर भी लगी थी करोड़ों की बोली
पिछले वर्षों में खेल जगत से जुड़ी कई यादगार चीजों ने रिकॉर्ड तोड़े हैं. 2021 में ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा के उस जैवलिन की 1.5 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली लगी थी, जिसे उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया था.
इसके अलावा फेंसर सी.ए. भवानी देवी की हस्ताक्षरित तलवार 1.25 करोड़ रुपये में बिकी थी. पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट सुमित अंतिल के जैवलिन की बोली 1.002 करोड़ रुपये तक पहुंची थी.
अब तक कितनी हुई कमाई?
सरकार 2021 से अब तक इस नीलामी के सात संस्करण आयोजित कर चुकी है. इनसे कुल 52.19 करोड़ रुपये की राशि जुटाई गई है. सबसे ज्यादा कमाई 2023 में हुए दो संस्करणों से हुई थी, जिनसे क्रमशः 15.8 करोड़ रुपये और 14.4 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे.
संस्कृति मंत्रालय का कहना है कि यह पहल लोगों को प्रधानमंत्री को मिले यादगार तोहफों को हासिल करने का मौका देती है, साथ ही गंगा संरक्षण के लिए योगदान देने का अवसर भी प्रदान करती है.
यह भी पढ़ें: Exclusive : PM मोदी ने क्यों लगाई थी गिरिराज सिंह की क्लास? NDTV पर सुनाया दिलचस्प किस्सा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं