विज्ञापन
This Article is From May 12, 2022

फोन टैंपिंग केस : दिल्‍ली पुलिस ने राजस्‍थान के CM के OSD को पूछताछ के लिए जारी किया नया नोटिस

फोन टैपिंग मामले में ओएसडी को नए नोटिस से उदयपुर में कांग्रेस के प्रस्तावित चिंतन शिविर के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की चिंता बढ़ सकती है

फोन टैंपिंग केस : दिल्‍ली पुलिस ने राजस्‍थान के CM के OSD को पूछताछ के लिए जारी किया नया नोटिस
प्रतीकात्‍मक फोटो
जयपुर:

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विशेष अधिकारी (OSD) लोकेश शर्मा को फोन टैपिंग मामले में पूछताछ के लिये शनिवार को पेश होने के लिये नया नोटिस जारी किया है. फोन टैपिंग मामले में ओएसडी को नए नोटिस से उदयपुर में कांग्रेस के प्रस्तावित चिंतन शिविर के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की चिंता बढ़ सकती है. शर्मा को इस मामले में पांचवीं बार नोटिस जारी किया गया है, हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने शर्मा के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा रखी है. प्राथमिकी रद्द करने के लिये शर्मा की याचिका पर नौ मई को सुनवाई में अदालत को सूचित किया गया था कि अंतरिम रोक के कारण शर्मा जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. अदालत ने तब शर्मा को जांच में सहयोग करने को कहा. अदालत ने कहा था कि यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो तो दिल्ली पुलिस अंतरिम आदेश को रद्द करने के लिये याचिका लगाने के लिये स्वतंत्र होगी.

सुनवाई के बाद जांच अधिकारी ने बुधवार को ओएसडी शर्मा को नोटिस जारी कर 14 मई को सुबह 11 बजे उनके समक्ष पेश होने को कहा है.यह पांचवी बार है कि अपराध शाखा ने शर्मा को भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 41.1 (ए) के तहत यह दोहराते हुए नोटिस जारी किया है कि नोटिस की शर्तों में शामिल होने/अनुपालना नहीं करने पर उन्हें सीआरपीसी की धारा 41 ए (3) और (4) के तहत गिरफ्तारी का पात्र बना सकती है. गिरफ्तारी की आशंका पर शर्मा ने पिछले साल नवंबर में तीसरा नोटिस मिलने के बाद दिल्ली HC का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें प्राथमिकी को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर जल्द सुनवाई का अनुरोध किया गया था. हाईकोर्ट पहले ही शर्मा के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा चुका है. यह रोक अगली सुनवाई 24 जुलाई तक रहेगी.

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस मामले में पूछताछ के लिए पहला नोटिस पिछले साल 24 जुलाई को, दूसरा 22 अक्टूबर को और तीसरा 12 नवंबर को पेश होने के लिए भेजा था लेकिन वह व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पेश नहीं हुए. शर्मा छह दिसंबर को चौथी तारीख को क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए, इस दौरान आईओ ने उनसे साढ़े तीन घंटे तक पूछताछ की.जोधपुर से भाजपा सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत की ओर से शर्मा के खिलाफ दिल्ली पुलिस में इस साल मार्च में आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात और अवैध रूप ये टेलीग्राफिक सिग्नल (टेलीफोन पर बातचीत) को रोकने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.राजस्थान में फोन टैपिंग विवाद पिछले साल जुलाई 2020 में शुरू हुआ था. केन्द्रीय मंत्री शेखावत और कांग्रेस नेता के बीच टेलीफोन पर यह कथित बातचीत उस समय सामने आई जब तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट व उनके समर्थक 18 विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावती तेवर अपना लिए थे.यह आरोप लगाया गया था कि शर्मा ने बातचीत का कथित ऑडियो क्लिप प्रसारित किया था, हालांकि शर्मा ने फोन टैपिंग के आरोपों को खारिज किया था.

- ये भी पढ़ें -

* "क्या इसीलिए नेहरू जी ने किया था पहला संशोधन..." : 'लक्ष्मणरेखा' वाले चिदम्बरम के बयान पर रिजिजू का पलटवार
* CM ममता बनर्जी को सम्मानित किए जाने के विरोध में लेखिका ने लौटाया पुरस्कार, कह दी बड़ी बात
* गाजियाबाद : चलती कार पर उलटे बैठ युवक दिखा रहा था 'फुल टशन', अब बढ़ सकती हैं मुश्किलें

योगी आदित्‍यनाथ की पसंद नहीं थे मुकुल गोयल, जानिए DGP को हटाए जाने की पूरी कहानी

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
लेखक के बारे में
img
भाषा
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Chief Minister Ashok Gehlot, Rajasthan, Delhi Police, Lokesh Sharma, Phone Tapping Case
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com