दिल्ली के आईएसबीटी (ISBT) कश्मीरी गेट पर शख्स आत्महत्या की कोशिश कर रहा था. लेकिन दिल्ली पुलिस के जवानों की सूझबूझ, हिम्मत और समय पर की गई कार्रवाई ने उसकी जान बचा ली. पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना पांचवीं मंजिल की खिड़की के बाहर खड़े युवक को सुरक्षित वापस अंदर खींच लिया. यह शख्स यहां से कूदने वाला था. लेकिन पुलिस ने समय से पहुंचकर उसे बचा लिया और सुरक्षित नीचे उतारा.
दिल्ली पुलिस ने कैसे बचाई जान
घटना 19 जून 2026 की है. थाना कश्मीरी गेट पुलिस को पीसीआर कॉल मिली कि ISBT कश्मीरी गेट की बिल्डिंग से एक व्यक्ति छलांग लगाने की धमकी दे रहा है. सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस चौकी ISBT के हेड कांस्टेबल अजय और कांस्टेबल पीयूष तुरंत मौके पर पहुंचे. मौके पर पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने देखा कि एक व्यक्ति ISBT बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल की खिड़की के बाहर बने हिस्से पर खड़ा था और बार-बार नीचे कूदने की बात कह रहा था.वह किसी भी वक्त कूद सकता था. ऐसे में कुछ ही देर बाद चौकी प्रभारी एसआई नवीन संधू भी मौके पर पहुंच गए. पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए युवक को समझाने और शांत करने की कोशिश शुरू की और हेड कांस्टेबल अजय और कांस्टेबल पीयूष ने अंदर से बातचीत करते हुए उसका ध्यान भटकाया ताकि वह कोई गलत कदम न उठा सके.
इसके साथ ही पुलिस टीम ने रेस्क्यू प्लान तैयार किया. कांस्टेबल पीयूष की मदद से सुरक्षा रस्सी का एक सिरा हेड कांस्टेबल अजय की कमर से बांधा गया और दूसरा सिरा बिल्डिंग के अंदर मजबूत जगह पर बांधा गया. अपनी जान को जोखिम में डालते हुए हेड कांस्टेबल अजय खिड़की से बाहर निकले और धीरे-धीरे उस युवक तक पहुंचे. सही मौका देखकर उन्होंने युवक को पकड़ लिया. कांस्टेबल पीयूष की मदद से दोनों ने मिलकर उसे सुरक्षित तरीके से वापस बिल्डिंग के अंदर खींच लिया. इस बहादुरी भरे ऑपरेशन से एक युवक की जिंदगी बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया.
यूपी के उन्नाव का रहने वाला था युवक
पूछताछ में युवक की पहचान 32 साल के मोहम्मद कामरान के रूप में हुई. वह उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के शुक्लागंज का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक युवक पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था. उसके परिवार से संपर्क किया गया तो पता चला कि वह शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं. कामरान पहले लोनी, उत्तर प्रदेश में एक ब्रेड बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था. करीब एक साल पहले वह दिल्ली आया था और यहां मुस्तफाबाद इलाके में मजदूरी कर रहा था. पिछले कुछ दिनों से परेशान रहने के कारण उसने यह कदम उठाने की कोशिश की. पुलिस ने परिवार को सूचना दी, जिसके बाद उसके पिता खालिद जुबेर ISBT पुलिस चौकी पहुंचे. जरूरी जांच और बातचीत के बाद कामरान को सुरक्षित उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया.
दिल्ली पुलिस ने बताया कि हेड कांस्टेबल अजय और कांस्टेबल पीयूष की त्वरित प्रतिक्रिया, साहस और मानवीय सोच की वजह से एक अनमोल जिंदगी बचाई जा सकी. पुलिसकर्मियों की यह कार्रवाई लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ इंसानियत के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी दिखाती है.
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