नोएडा पुलिस ने एक ऐसे शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. गाजियाबाद और नोएडा में कैफे का कारोबार ठप होने के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक लिव-इन कपल ने जल्द पैसा कमाने के लिए चोरी का रास्ता अपना लिया. आरोप है कि दिन में पॉश सोसाइटियों के बंद फ्लैट्स में चोरी करने वाला यह गिरोह रात में उसी रकम से महंगे बार और रेस्तरां में मौज-मस्ती करता था. थाना सेक्टर-113 पुलिस ने प्रेमी जोड़े समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में नकदी, गहने और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया है.
कैफे कारोबार में नुकसान के बाद अपराध की राह
नोएडा पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कैलाश उर्फ दिवाकर, सोनाली और इरफान के रूप में हुई है. जांच में सामने आया है कि कैलाश और सोनाली लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे. दोनों ने गाजियाबाद और नोएडा में कैफे का व्यवसाय शुरू किया था, लेकिन लगातार घाटे के कारण आर्थिक संकट गहरा गया. पुलिस के अनुसार इसी आर्थिक दबाव के बीच आरोपियों ने चोरी के जरिए जल्दी पैसा कमाने की योजना बनाई और एक संगठित गिरोह बनाकर वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया.
सोनाली करती थी रेकी, साथी देते थे वारदात को अंजाम
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह में सबसे अहम भूमिका सोनाली निभाती थी. वह शहर की पॉश सोसाइटियों और आवासीय इलाकों में घूमकर बंद फ्लैट्स की पहचान करती थी. रेकी पूरी होने के बाद कैलाश उर्फ दिवाकर और इरफान मौके पर पहुंचते और फ्लैट का ताला तोड़कर नकदी, जेवरात, लैपटॉप, मोबाइल फोन तथा अन्य कीमती सामान चोरी कर लेते थे. पुलिस का कहना है कि वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी अर्टिगा कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूमते थे, ताकि पहचान से बच सकें.
चोरी की रकम से करते थे मौज-मस्ती
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी दिन में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते और रात में उसी पैसे से महंगे बार, कैफे और रेस्तरां में खर्च करते थे. गिरोह का लक्ष्य कम समय में अधिक पैसा जुटाना था. एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह के अनुसार आरोपियों ने नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में कई चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है. पुलिस अब इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य मामलों में भी संलिप्तता की जांच कर रही है.
लाखों का सामान बरामद
थाना सेक्टर-113 पुलिस ने तीनों आरोपियों को सेक्टर-123 के पास से गिरफ्तार किया. तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 3.5 लाख रुपये नकद, चोरी के गहने, 5 लैपटॉप, 2 टैबलेट, 6 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली अर्टिगा कार बरामद की गई. पुलिस का कहना है कि बरामद सामान को संबंधित चोरी के मामलों से जोड़कर जांच की जा रही है. आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
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