- दिल्ली वडोदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का आखिरी हिस्सा भी जल्द खुलने वाला है.
- इस मेगा एक्सप्रेसवे से दिल्ली से गुजरात के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी हो गई है.
- दिल्ली वडोदरा हाईवे से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, एमपी से गुजरात तक कनेक्टिविटी हो गई है.
दिल्ली से वडोदरा का 22 घंटे का सफर 12 घंटे में पूरा होने वाला है. दिल्ली से हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश से होते हुए यह गुजरात तक मेगा एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है. यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट दिल्ली-वडोदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे NH-148N है. जो फिलहाल अपने आखिरी चरण में चल रहा है. यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट भारत के सबसे लंबे और आधुनिक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का ही एक बड़ा हिस्सा है. यह 8 लेन का एक्सप्रेसवे है, जो शुरू होते ही दिल्ली से गुजरात की दूरी को पूरी तरह से कम कर देगा. इसके शुरू होते ही दिल्ली से गुजरात जाने वाले लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा.
12 घंटे में दिल्ली से वडोदरा
दिल्ली से वडोदरा जाने में अभी राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से सफर तय किया जाता है, जिसकी कुल दूरी 1050 किलोमीटर के आसपास हो जाती है. इस सफर में करीब 20 से 22 घंटे का समय लग जाता है. नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के जरिए दोनों शहरों के बीच की दूरी घटकर लगभग 912 किलोमीटर रह जाएगी. जिसका बड़ा फायदा समय की बचत का होगी. एक्सप्रेसवे पर बिना किसी रुकावट के वाहन 100 से 120 की स्पीड से चलेंगे. जिससे दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए वडोदरा का सफर महज 10 से 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. यानी इस हाईवे से यात्रियों का करीब आधा समय सीधे तौर पर बच जाएगा.
भारतमाला परियोजना का हिस्सा
दिल्ली वडोदरा एक्सप्रेसवे भारतमाला परियोजना के तहत बनाया जा रहा एक ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है. इसका निर्माण 2019 से शुरू हुआ था. इस पूरे सेक्शन की कुल लंबाई लगभग 912 किलोमीटर है भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 8-लेन से बढ़ाकर 12-लेन तक चौड़ा करने का प्रावधान भी पहले से रखा गया है. यह दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे का ही सीधा हिस्सा है. जिसके पूरे होने के बाद यह एक बड़ा कॉरिडोर बनेगा.

11 बड़े शहरों की कनेक्टिविटी
- दिल्ली
- गुरुग्राम
- अलवर
- दौसा
- बांदीकुई
- सवाई माधोपुर
- कोटा
- झालावाड़
- रतलाम
- झाबुआ
- गोधरा
- वडोदरा
यह हाईवे इन 11 शहरों के बीच की कनेक्टिविटी को बेहद मजबूत कर देगा. इसके अलावा राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स नेशनल पार्क के पास से गुजरने वाली टनल और रणथंभौर के पास बने विशेष इको-फ्रेंडली ओवरपास वन्यजीवों को सुरक्षा देने के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे.
700 किलोमीटर का हिस्सा तैयार
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के ताजा अपडेट के मुताबिक 912 किलोमीटर से 700 किलोमीटर का दिल्ली-वडोदरा सेक्शन का हिस्सा लगभग तैयार है, इसका कुछ हिस्सा चालू भी हो चुका है. जहां हरियाणा के सोहना से लेकर राजस्थान के कोटा और मध्य प्रदेश के रतलाम तक के बड़े हिस्से पर गाड़ियां सरपट दौड़ रही हैं. गुजरात के गोधरा और लिमखेड़ा इंटरचेंज के बीच के हिस्से को भी खोला जा चुका है. अब केवल राजस्थान और गुजरात सीमा के हिस्सेृ के काम में तेजी लाई गई है. जिसे दिसंबर 2026 तक खोलने का लक्ष्य रखा गया है. इसके पूरा होते ही दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे पूरा हो जाएगा. इस हाईवे के पूरी तरह खुलते ही उत्तर और पश्चिमी भारत के बीच शानदार कनेक्टिविटी हो जाएगी.
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