NEET UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक (NEET Paper Leak) और गड़बड़ी के मामले की सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है. जयपुर में CBI की टीम ने SOG से केस टेकओवर कर लिया है, मामले से जुड़े करीब दो दर्जन लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है. इसके साथ ही एसओजी ने सीबीआई की टीम को एक ऐसी लिस्ट सौंपी है, जिसमें उन 70 अभिभावकों और 150 स्टूडेंट की जानकारी है, जिनके पास NEET का (लीक या गेस) पेपर पहुंच गया था. शुरुआती जांच में सामने आया है कि कथित पेपर लीक राजस्थान में नहीं हुआ. ये नेटवर्क राजस्थान से बाहर कई राज्यों तक फैला हुआ था और पेपर नासिक से हरियाणा होते हुए राजस्थान पहुंचा था.
SOG ऑफिस में CBI कर रही पूछताछ
राजस्थान SOG के आईजी अजयपाल लांबा ने बताया कि SOG ने जांच के दौरान जिन करीब दो दर्जन लोगों को डिटेन कर पूछताछ की थी. उन्हें अब CBI को सौंप दिया गया है. फिलहाल CBI इन्हीं लोगों से जयपुर SOG कार्यालय में पूछताछ कर रही है. इनमें अधिकांश छात्र और उनके परिजन बताए जा रहे हैं. CBI इन लोगों की भूमिका, संपर्कों और पैसों के लेन-देन की जानकारी जुटा रही है. SOG की जांच में यह भी सामने आया है कि यह मामला केवल “गेस पेपर” बेचने तक सीमित नहीं था.
कोचिंग संस्थान या संचालक की भूमिका कैसी?
आरोपियों ने इसे असली प्रश्नपत्र बताकर बेचने की साजिश रची थी. जांच एजेंसियों के अनुसार इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय था जो विभिन्न राज्यों में संपर्कों के जरिए छात्रों तक पेपर पहुंचाने की कोशिश कर रहा था. अजयपाल लांबा ने कहा कि अब तक की जांच में किसी कोचिंग संस्थान या कोचिंग संचालक की भूमिका सामने नहीं आई है. हालांकि CBI सभी एंगल से जांच कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और पैसों के ट्रांजेक्शन की जांच भी की जा रही है.
केंद्र सरकार के निर्देश पर CBI ने हाथ में लिया केस
इस मामले में जयपुर, सीकर और झुंझुनूं पुलिस ने भी SOG के साथ मिलकर पूछताछ की थी. जांच के दौरान कई छात्रों और उनके परिजनों से लंबी पूछताछ हुई. महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मामले में राजस्थान SOG ने अलग से कोई FIR दर्ज नहीं की थी. मामला सीधे CBI ने दर्ज किया है. केंद्र सरकार के निर्देश के बाद CBI ने केस अपने हाथ में लिया और अब तक जुटाए गए सभी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और पूछताछ से जुड़ी जानकारी CBI को सौंप दी गई है.
CBI अब यह तय करेगी कि पूछताछ के बाद किन लोगों को आरोपी बनाया जाए और किन्हें आगे की जांच के लिए दिल्ली ले जाया जाए. SOG आईजी अजयपाल लांबा ने कहा कि यदि आगे की जांच में राजस्थान में दोबारा किसी स्तर पर पूछताछ या कार्रवाई की जरूरत पड़ती है तो राजस्थान SOG पूरी तरह सीबीआई का सहयोग करेगी. फिलहाल CBI पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने पेपर के मूल स्रोत तक पहुंचने और यह पता लगाने में जुटी है.
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