NEET Paper Leak: 2 मई की रात 11 बजे, राजस्थान के सीकर का एक MBBS छात्र, जो केरल में पढ़ाई कर रहा था, उसने 3 मई को होने वाली नीट परीक्षा से कुछ घंटे पहले एक 'गेस पेपर' अपने पिता को भेजा. उसके पिता सीकर में कोचिंग छात्रों के लिए एक हॉस्टल चलाते हैं. पिता और बेटे को जरा भी अंदाजा नहीं था कि वे अनजाने में नीट परीक्षा पेपर लीक के ऐसे मामले तक पहुंच गए हैं जिसके नाटकीय परिणाम सामने आने वाले थे. यही टिप-ऑफ बाद में एजेंसियों को सतर्क करेगी, पूरी परीक्षा रद्द करनी पड़ेगी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को मामले की जांच अपने हाथ में लेनी पड़ेगी. यह मामला अब कई राज्यों में फैले बड़े चीटिंग रैकेट के रूप में सामने आया है.
स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के सूत्रों के मुताबिक, 2 मई की रात करीब 11 बजे, केरल में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे एक छात्र को सीकर में रहने वाले अपने एक दोस्त से पीडीएफ फॉर्मेट में एक “गेस पेपर” मिला. चूंकि वह पहले से ही मेडिकल छात्र था, इसलिए उसे उस गेस पेपर की जरूरत नहीं थी. लेकिन उसने वह पेपर अपने पिता को भेज दिया, जो सीकर में कोचिंग छात्रों के लिए हॉस्टल चलाते हैं. उसे पता था कि उसके पिता जल्दी सो जाते हैं, इसलिए उसने सिर्फ इतना मैसेज छोड़ा कि अगर हॉस्टल में कोई छात्र नीट परीक्षा दे रहा हो तो यह गेस पेपर उसके काम आ सकता है.
सुबह उसके पिता ने वह गेस पेपर उन चार लड़कियों को देने की कोशिश की जो नीट परीक्षा देने वाली थीं, लेकिन तब तक वे परीक्षा केंद्र के लिए निकल चुकी थीं.
गेस पेपर के 135 सवाल असली नीट पेपर से मैच
3 मई को परीक्षा सामान्य तरीके से संपन्न हुई. लेकिन हॉस्टल मालिक ने उत्सुकतावश उस पीडीएफ गेस पेपर को अपने जानने वाले एक केमिस्ट्री शिक्षक के साथ साझा किया.
राजस्थान पुलिस के सूत्रों का कहना है कि यही अनजाने में मिला सुराग बाद में एसओजी को पेपर लीक के पूरे नेटवर्क तक ले गया. हॉस्टल मालिक और उसका बेटा पेपर बेचने या बांटने में शामिल नहीं थे. वे सचमुच इसे सिर्फ एक गेस पेपर समझ रहे थे और उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह असली पेपर से इतनी बड़ी संख्या में मेल खाएगा.
सीकर की स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार
लेकिन जब इतनी बड़ी संख्या में सवाल मैच हुए, तो हॉस्टल मालिक ने केमिस्ट्री शिक्षक के साथ स्थानीय पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया और बताया कि गेस पेपर असली परीक्षा पत्र से बेहद मिलता-जुलता है. लेकिन उनकी हैरानी तब और बढ़ गई जब सीकर की स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज करने या जांच शुरू करने से इनकार कर दिया.
NTA को भेजा मेल
एसओजी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि स्थानीय पुलिस का तर्क यह था कि अगर पेपर लीक हुआ था, तो शिकायत परीक्षा से पहले की जानी चाहिए थी, बाद में नहीं. सुरक्षा कारणों से एसओजी ने सीकर के उस हॉस्टल मालिक, उसके बेटे और केमिस्ट्री शिक्षक के नाम सार्वजनिक नहीं करने का फैसला किया है, जो संयोगवश इस मामले तक पहुंचे.
8 मई को एनटीए ने औपचारिक रूप से राजस्थान एसओजी को इस मामले की जांच सौंपी. तब तक एनटीए इस मामले को लेकर इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को भी पत्र लिख चुका था. एसओजी के सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि हॉस्टल मालिक के फोन और व्हाट्सऐप डिटेल्स से घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला की पुष्टि हो चुकी है. सीकर में यह पेपर लीक कितनी दूर तक फैला था, इस पर एसओजी का कहना है कि अभी इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है और अब इसकी जांच सीबीआई करेगी.
SOG की जांच में खुलने लगी परतें
लेकिन जैसे-जैसे एसओजी ने सीकर में जांच आगे बढ़ाई, कई चौंकाने वाले खुलासे होने लगे. एक और अहम सुराग जयपुर के बाहरी इलाके जमवारामगढ़ तक पहुंचा, जहां दो भाइयों ने कथित तौर पर यह पेपर सीकर के एक संपर्क को बेचा था. पूछताछ के दौरान दोनों भाइयों ने कई अहम जानकारियां दीं और एसओजी को हरियाणा के एक संपर्क तक पहुंचाया, जिसने उन्हें यह पेपर उपलब्ध कराया था.
हरियाणा का यह संपर्क कथित तौर पर वहां आयुर्वेदिक चिकित्सा का प्रथम वर्ष का छात्र है. आरोप है कि उसने बिहार, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के नीट अभ्यर्थियों को बड़ी रकम लेकर पेपर बेचा.
इसके बाद जांच महाराष्ट्र तक पहुंची. पुलिस सूत्रों के अनुसार, हरियाणा के उस छात्र को यह पेपर नासिक के एक छात्र शुभम खैरनार से मिला था. शुभम खैरनार के पास से कथित तौर पर उस “गेस पेपर” की वास्तविक हार्ड कॉपी बरामद हुई है, जिसमें 120 से अधिक जवाब नीट परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे.
यह भी पढ़ेंः कितने स्टूडेंट्स के पास पहुंचा NEET का लीक पेपर? राजस्थान SOG ने CBI को सौंपी लिस्ट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं