मनी लॉन्ड्रिंग केस (Money Laundering Case) में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता नवाब मलिक (Nawab Malik) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल आधार पर नवाब मलिक की जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट इस मामले में मंगलवार को सुनवाई करेगा. अगर हाईकोर्ट सुनवाई नहीं करता है, तो याचिकाकर्ता फिर से शीर्ष अदालत आ सकता है, लेकिन फिलहाल हाईकोर्ट को ही जमानत पर फैसला लेने दें.
नवाब मलिक की ओर से कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, "ट्रायल कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए छह महीने का समय लिया. हाईकोर्ट ने पांच महीने ले लिए हैं. अब हाईकोर्ट ने इस मामले को 2 मई के लिए पेंडिंग में डाल दिया है. वह पिछले डेढ़ साल से जेल में हैं. उनकी एक किडनी पहले ही फेल हो चुकी है."
-
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
मैं कर्म में विश्वास करता हूं... NDTV वर्ल्ड समिट में तुषार ने बताया किन वजहों से जीता यूके में मेयर का चुनाव -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और पूर्व मंत्री नवाब मलिक की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. नवाब मलिक ने स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग की है. मलिक ने याचिका में कहा, "उनकी एक किडनी खराब है और दूसरी किडनी भी बहुत कम काम कर रही है. अदालत से एक-एक जांच की अनुमति लेने में दो-तीन सप्ताह लग जाते हैं. नवाब मलिक को पिछले साल मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ईडी ने गिरफ्तार किया था."
इससे पहले 15 मार्च को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में तत्काल रिहाई की मांग करने वाली मलिक की अंतरिम अर्जी को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि सिर्फ इसलिए कि विशेष पीएमएलए अदालत का उन्हें हिरासत में भेजने का आदेश उनके पक्ष में नहीं है; यह उस आदेश को अवैध या गलत नहीं बनाता है. प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए के प्रावधानों के तहत फरवरी में नवाब मलिक को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका दायर की थी, जिसमें ईडी द्वारा उनकी गिरफ्तारी और परिणामी रिमांड अवैध होने का दावा किया गया था.
ये भी पढ़ें:-
'ED मेरी स्वास्थ्य स्थिति से अवगत नहीं है', महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक ने अदालत से कहा
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नवाब मलिक को कोर्ट से फिर लगा झटका, जमानत याचिका खारिज
अदालत ने स्वीकार किया नवाब मलिक की हालत गंभीर, अगले सप्ताह से जमानत अर्जी पर करेगी सुनवाई
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं