- जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान फ्री खाना खिलाने वाले मोहम्मद जुनैद के परिवार ने बताया कि घर पर पुलिस आई थी.
- परिवार का कहना है पुलिस दो बार घर आई, जुनैद के पिता और भतीजे को ले पूछताछ के लिए गई थी.
- परिवार का दावा है कि प्रोटेस्ट के दौरान ज्यादातर मदद लोगों ने सामान भेजकर की.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन का अहम चेहरा रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के वॉलंटियर मोहम्मद जुनैद मलिक की इन दिनों खूब चर्चा हो रही है. यह भी सुनने में आया था कि अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाले संगठन के साथ उनके कुछ मतभेद भी हो गए हैं, लेकिन बाद में जुनैद ने इस तरह की अटकलों को खारिज कर दिया. इसके अलावा, जंतर-मंतर प्रोटेस्ट खत्म होने के बाद यह भी बातें सामने आईं कि जुनैद के परिवार के खिलाफ प्रशासन के द्वारा एक्शन लिया जा रहा है लेकिन पुलिस ने इस तरह के दावों को सिरे से खारिज कर दिया था.
ये भी पढ़ें: क्या जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शनों के लिए बंद कर दिया गया? दिल्ली पुलिस ने बताई सच्चाई
'दो बार पुलिस आई, परेशान किया...'
जुनैद के चचेरे दादा आफताब अली घर पर पुलिस पहुंचने के सवाल पर कहते हैं, "हां पुलिस घर पर आई थी. रात को मेरे भतीजे मुस्तफा को ले गई थी. उन्होंने बच्चे को परेशान किया. यहां पर बदतमीजी करके गए. इसके बाद, रात को गांव के लोग गए और भतीजे को छुड़ाकर लाया गया था."
आफताब अली के मुताबिक, पहली बार पुलिस जुनैद के पिता को पूछताछ के लिए थाने ले गई और बाद में छोड़ दिया. दूसरी बार पुलिस आधार कार्ड और बैंक पासबुक सहित कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गई. परिवार का आरोप है कि मेरठ में रहने वाली जुनैद की बहन के घर भी पुलिस पहुंची और पूछताछ के बाद परिजनों को छोड़ दिया. जुनैद के दादा ने कहा, "मेरठ में लड़की ससुर और देवर को पुलिस ने उठाया था."
ये भी पढ़ें: जुलाई की उमस भरी गर्मी में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, छात्रों ने इसका भी तोड़ निकाला- ग्राउंड रिपोर्ट
जुनैद के घर वालों का यह भी कहना है कि पुलिस जंतर-मंतर पर भोजन वितरण में खर्च हुई रकम के स्रोत की जानकारी जुटा रही है. पुलिस जानना चाह रही है कि पैसा कहां से आया. उसने अपने पास से दो-चार हजार रुपए खर्च किए हैं. बाकी का सामान लोगों ने भेजा. उसकी मदद करने के लिए लोगों ने बोला तो जुनैद ने बोला कि मुझे पैसा नहीं चाहिए, आप सामान भेज दीजिए. जुनैद ने बताया था कि मैंने अपने पैसे से पानी और बिस्कुट मंगवाया. बाकी सारी चीजें दूसरे लोगों ने उसको भेजी थीं.
जुनैद के दादा कहते हैं, "उसने गलती क्या की है. उसने भूखे लोगों को खाना ही तो खिलाया. इसमें पुलिस द्वारा परेशान करने वाली क्या बात है. सरकार को ऐसे लोगों की और ज्यादा मदद करनी चाहिए."
ये भी पढ़ें: 'एक ट्रक दवाएं, 10 हजार सैनिटरी पैड...', जंतर-मंतर पर खाना ही नहीं, मेडिकल मदद की भी आई बाढ़- ग्राउंड रिपोर्ट
मोहम्मद जुनैद कौन हैं?
जुनैद जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान लोगों को फ्री खाना खिलाते थे. उनके वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद जुनैद चर्चा में आए. जुनैद के दादा के मुताबिक, वे पेशे से वकील हैं और मौजूदा वक्त में पढ़ाई भी कर रहे हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं