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This Article is From Feb 12, 2026

ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होगा भारत? विदेश मंत्रालय ने बताया, क्या है स्टेटस

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और संवाद को बढ़ावा देने वाले प्रयासों का हमेशा समर्थन किया है.

ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होगा भारत? विदेश मंत्रालय ने बताया, क्या है स्टेटस

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने का न्योता भारत को मिला है. फिलहाल उसके हरेक पहलू पर नजर है और उसकी समीक्षा की जा रही है. 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग में एक सवाल के जवाब में कहा कि हमारे पास अमेरिकी सरकार की तरफ से निमंत्रण आया है और हमसे बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने को कहा गया है. हम प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं. 

प्रवक्ता ने आगे कहा कि भारत ने पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और संवाद को बढ़ावा देने वाले प्रयासों का लगातार समर्थन किया है. हमारे प्रधानमंत्री ने उन सभी पहलों का समर्थन किया है जो गाजा समेत पूरे क्षेत्र में दीर्घकालिक और स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करती है.

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पाकिस्तानी पीएम जाएंगे अमेरिका 

वहीं इस्लामाबाद ने गुरुवार को ऐलान किया कि 19 फरवरी को प्रस्तावित 'बोर्ड ऑफ पीस' की बैठक में हिस्सा लेने के लिए उसका दल वॉशिंगटन जाएगा. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अमेरिका में होने वाली बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग में शामिल होंगे, उनके साथ उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार भी होंगे. पाकिस्तान उन 14 देशों में से एक है, जिन्होंने 22 जनवरी को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान 'बोर्ड ऑफ पीस' के चार्टर पर दस्तखत किए थे.

बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग में नहीं जाएगा रूस

रूस के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को घोषणा की कि वह अमेरिका के नेतृत्व वाले बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में शामिल नहीं होगा. गुरुवार को मीडिया के सवाल के जवाब में रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि रूस बोर्ड ऑफ पीस की आगामी बैठक में हिस्सा नहीं लेगा. बोर्ड ऑफ पीस पर रूस की स्थिति क्या होगी, इसे लेकर अध्ययन किया जा रहा है. 

क्या है बोर्ड ऑफ पीस?

डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता वाला बोर्ड ऑफ पीस को पहले वैश्विक नेताओं के एक छोटे ग्रुप के तौर पर बताया गया था, जिसका मुख्य मकसद गाजा युद्धविराम योजना की निगरानी करना था. लेकिन ट्रंप ने इसका दायरा बढ़ाते हुए कई देशों को न्योता भेजा. संकेत दिया कि भविष्य में यह बोर्ड केवल गाजा तक सीमित न रहकर वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा.

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बांग्लादेश चुनाव पर सरकार ने क्या कहा?

भारत ने बांग्लादेश चुनाव के नतीजों का इंतजार कर अपने अगले कदम पर फैसला लेने की बात कही है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार शाम ब्रीफिंग में कहा कि भारत बांग्लादेश में निष्पक्ष, स्वतंत्र और विश्वसनीय चुनाव का पक्षधर है. हमें चुनाव के नतीजों का इंतजार करना चाहिए ताकि पता चल सके कि किस तरह का जनादेश आया है और उसके बाद हम वहां के मुद्दों को देखेंगे.

जायसवाल ने कहा कि भारत ने न्योता मिलने के बावजूद बांग्लादेश में कोई चुनाव पर्यवेक्षक नहीं भेजा था. हमें पर्यवेक्षक भेजने का न्योता मिला था, लेकिन हमने चुनावों पर नजर रखने के लिए अपने पर्यवेक्षक बांग्लादेश नहीं भेजे हैं.

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