बांग्लादेश में मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. NDTV पर सबसे पहले आए बयान में शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला और चुनाव को ढोंग करार देते हुए कहा कि जनता ने इस "चुनाव" को पूरी तरह नकार दिया है. उन्होंने अवामी लीग के बिना कराए गए इन चुनावों को लोकतंत्र के साथ मजाक करार दिया और रद्द करने की मांग की.
'न अवामी लीग, न वोटर... ये चुनाव सिर्फ दिखावा'
शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की जनता ने चुनाव के इस ढोंग को पूरी तरह नकार दिया है. उन्होंने उन माताओं, बहनों और अल्पसंख्यक समुदायों सहित उन सभी नागरिकों का आभार जताया जिन्होंने मतदान का बहिष्कार किया. उन्होंने चुनाव को पूरी तैयारी के साथ किया गया दिखावा बताया और कहा कि इसमें न तो अवामी लीग शामिल थी और न ही मतदाता.
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'लोकतंत्र और संविधान का मजाक'
हसीना ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना को ताक पर रखकर ऐसा चुनावी नाटक रचा गया, जिसमें आम जनता की कोई भागीदारी नहीं थी. उन्होंने सुबह 11 बजे तक (साढ़े तीन घंटे में) केवल 14.96% मतदान के चुनाव आयोग के आंकड़े का जिक्र करते हुए कहा कि पीक आवर में इतनी कम वोटिंग साबित करती है कि अवामी लीग के बिना देश की जनता ने इस चुनावी प्रक्रिया को सिरे से खारिज कर दिया है.
कैसे हुई धांधली, विस्तार से बताया
निर्वासन में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने चुनाव के दौरान धांधली का भी आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि 11 फरवरी की शाम से ही पोलिंग सेंटरों पर कब्जे, गोलीबारी, पैसे के दम पर वोट खरीदने और मतपत्रों पर जबरन मुहर लगाने का काम शुरू हो गया था. 12 फरवरी गुरुवार की सुबह मतदान शुरू हुआ तो देशभर के अधिकांश पोलिंग बूथों पर सन्नाटा पसरा था. राजधानी ढाका समेत अन्य शहरों में कई पोलिंग बूथ पूरी तरह खाली नजर आए.
डराने-धमकाने का दौर, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी
शेख हसीना ने बयान में अवामी लीग के समर्थकों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का मुद्दा भी उठाया. हसीना ने दावा किया कि पिछले कुछ समय से उनके समर्थकों और शुभचिंतकों को डराने-धमकाने और गिरफ्तार करने का दौर चल रहा था ताकि उन्हें जबरन पोलिंग स्टेशन ले जाया जा सके. इसके बावजूद लोगों ने डर और धमकियों की परवाह न करते हुए इस "चुनावी धोखाधड़ी" का बहिष्कार किया. उन्होंने मतदाता सूची खासकर ढाका की वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या असामान्य रूप से बढ़ने को भी अविश्वसनीय और संदिग्ध बताया.
'यूनुस सरकार इस्तीफा दे, फिर से हो चुनाव'
शेख हसीना ने आरोप लगाया कि मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की सत्ता पर अवैध और असंवैधानिक तरीके से कब्जा किया है. उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. साथ ही उन्होंने राजनीतिक बंदियों, शिक्षकों और पत्रकारों को रिहा करने, अवामी लीग पर लगी पाबंदियों को हटाने और निष्पक्ष कार्यवाहक सरकार के तहत फिर से स्वतंत्र और समावेशी चुनाव कराने की भी अपील की है.
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