महाराष्ट्र में कम बारिश का असर दिखना शुरू हो गया है. राज्य के 358 में से 265 तालुकाओं को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. क्योंकि नागपुर समेत विदर्भ के जिलों में इस बार बससे ज्यादा कम बारिश हुई है. जिसके बाद किसानों के लिए राज्य सरकार की तरफ से फसल ऋणों का पुनर्गठन, भूमि राजस्व में छूट और कृषि-संबंधी ऋणों की वसूली को टाल दिया गया है. सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी राज्य के सूखाग्रस्त इलाकों का हाल में दौरा किया था. जिसके बाद राज्य के 75 प्रतिशत हिस्से को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया गया है. सबसे ज्यादा प्रभावित किसान नजर आ रहे हैं.
महाराष्ट्र में क्यों आया सूखा
दरअसल, भारतीय मौसम विभाग और कृषि विभाग ताजा आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में इस साल औसत से 18.8 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है. चिंताजनक बात यह है कि मॉनसून के पीक सीजन के दौरान राज्य के कई हिस्सों में लगातार 21 दिनों से अधिक समय तक सूखा रहा, यानि जिस सीजन में राज्य में सबसे ज्यादा बारिश होती थी, उस वक्त बारिश नहीं हुई. इस लंबी शुष्क अवधि के कारण खरीफ की फसलें खेतों में ही सूख गईं, जिससे कपास, सोयाबीन और दालों की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. मौसम की मार का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है.
महाराष्ट्र के ये जिले सबसे ज्यादा प्रभावित
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के इलाके इस सूखे से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. जिसमें नागपुर, यवतमाल, जलगांव, भुसावल समेत कई बड़े जिले शामिल हैं, जहां पानी की कमी रहने वाली है.
- यवतमाल: यहां के सभी 16 तालुकों को सूखाग्रस्त माना गया है
- जलगांव: यहां के 15 तालुका इस संकट की चपेट में हैं.
- अहिल्यानगर: 14 तालुका
- नांदेड़ः 14 तालुका
- अमरावती: 14 तालुका
- नागपुर: 14 तालुका
इसके अलावा बीड, धराशिव (उस्मानाबाद), लातूर, नासिक, धुले, सातारा, और संभाजीनगर (औरंगाबाद) के कई हिस्सों को भी इस सूची में शामिल किया गया है. जिन्हें सूखा प्रभावित माना गया है.
देवेंद्र फडणवीस की बड़ी घोषणाएं
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सूखे को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की हैं. इसके तहत लैंड रेवेन्यू में छूट, फसल लोन का रीस्ट्रक्चर, खेती से जुड़े लोन की रिकवरी पर रोक, खेती के पंपों के मौजूदा बिजली बिल में छूट, स्कूल-कॉलेज के छात्रों की परीक्षा शुल्क में छूट, एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम के तहत नियमों में ढील देकर अधिक से अधिक काम शुरू किए जाएंगे. इसके अलावा जहां जरूरी होगा वहां पीने के टैंकर पहुंचाए जाएंगे. किसानों के खेती के पंपों का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, खेती पर निर्भर किसानों-खेती मजदूरों को अनाज मिलेगा. जबकि जानवरों के लिए चारे का इंतजाम और बड़े पैमाने पर पानी बचाने का काम किया जाएगा.
पिछले आदेश के मुताबिक, पेयजल और जानवरों के लिए पानी की प्लानिंग जारी रहेगी. सभी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को पंचनामा प्रक्रिया तुरंत पूरा करने के आदेश दिए गए हैं. इसके साथ ही फसलों की हालत दिखाने वाली तस्वीरें और जीपीएस से डेटा इकट्ठा करने के आदेश जारी किए गए हैं. इसके पहले 24 सितंबर वाशिम दौरे पर पहुंचे देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार जल्द ही प्रभावित इलाकों में गंभीर सूखा घोषित करने के लिए एक सरकारी आदेश (जीआर) जारी करेगी. साथ ही खेती-किसानी के बढ़ते संकट से जूझ रहे राज्य में उन सभी पात्र किसानों को फसल कर्ज माफी का लाभ दिया जाएगा, जो पिछली योजनाओं में छूट गए थे.
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