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सितंबर का सितम: कम बारिश से देश के बड़े हिस्से सूखे की चपेट में, महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य

इस कमजोर मानसून की वजह से बारिश कम हुई है. इसका असर अब फसलों पर दिखने लगा है. कई जगह सूखा पड़ने की खबरें आ रही हैं. महाराष्ट्र के सहकारिता मंत्री ने सितंबर के अंत तक प्रदेश में 100 फीसद सूखे की स्थिति बनने की आशंका जताई है.

नई दिल्ली:

देश के कई हिस्सों में कमजोर मानसून का असर अब सूखे के बढ़ते संकट के रूप में दिखाई देने लगा है. इस साल सितंबर का महीना अब तक कम से कम पिछले पांच सालों का सबसे ज्यादा सूखा प्रभावित सितंबर के रूप में उभर रहा है. महाराष्ट्र की स्थिति खास तौर पर चिंताजनक है. महाराष्ट्र इस सितंबर में देश के सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में शामिल है.

महाराष्ट्र में क्यों बढ रही है चिंता

महाराष्ट्र के सहकारिता मंत्री बाबा साहेब पाटील के इस बयान के बाद चिंता और बढ़ गई है कि सितंबर के अंत तक राज्य में 100 फीसद सूखे की स्थिति बन सकती है. उन्होंने इसे अपने जीवन में देखा गया सबसे गंभीर सूखा बताया है. उनका कहना है कि लंबे समय से बारिश कम होने के कारण सोयाबीन, कपास और गन्ने जैसी प्रमुख फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.

भारतीय मौसम विभाग के कुल बारिश के आंकड़ों और इंडिया ड्रॉट मॉनिटर के सूखे के नक्शों की तुलना करने पर एक साफ तस्वीर सामने आती है. जिन जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है, उनमें से कई जिले सूखे से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. महाराष्ट्र के अलावा मध्य भारत, गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक और पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी सूखे के बड़े क्षेत्र दिखाई दे रहे हैं.

इससे पता चलता है कि बारिश की कमी का असर अब जमीन पर भी साफ दिखाई देने लगा है. मिट्टी में नमी कम हो रही है और फसलों की स्थिति लगातार खराब हो रही है. सूखे के नक्शे पर कई जिले पहले ही मध्यम, गंभीर या बेहद गंभीर सूखे की श्रेणी में पहुंच चुके हैं. देश के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. लेकिन मानसून का फायदा सभी क्षेत्रों को समान रूप से नहीं मिला. कई इलाकों में लंबे समय से बारिश की कमी बनी हुई है.

क्या और बढ़ेगा सूखा

पिछले सालों से तुलना करने पर स्थिति और गंभीर नजर आती है. साल 2022 से 2026 तक सितंबर के साप्ताहिक सूखे के नक्शों से पता चलता है कि इस साल सूखे का दायरा पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा है. यानी सितंबर 2026 में सूखे के दबाव वाला क्षेत्र 2022, 2023, 2024 और 2025 की इसी अवधि की तुलना में ज्यादा बड़ा है.

सितंबर खत्म होने वाला है और सूखे से प्रभावित इलाकों का दायरा बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में आने वाले कुछ सप्ताह देश के उन इलाकों के किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे, जो पहले से ही सूखे की चपेट में हैं. 

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