- महाराष्ट्र के FDA कमिश्नर तुकाराम मुढ़े ने मिलावटखोरी के खिलाफ व्यापक अभियान के कारण चर्चा में हैं.
- तुकाराम मुढ़े का कहना है कि वे अपनी भूमिका के अनुसार ईमानदारी और नियमों का सख्ती से पालन करते हैं.
- उन्होंने कहा कि कोई भी उन्हें रिश्वत देने की हिम्मत नहीं करता और भ्रष्टाचार करने वालों में उनका खौफ है.
महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुढे अपने ताबड़तोड़ एक्शन के कारण लगातार चर्चाओं के केंद्र में बने हैं. महाराष्ट्र के बड़े-बड़े रेस्टोरेंट, होटल, सरकारी संस्थाओं के कैंटीन हर जगह उनके एक्शन की धमक साफ महसूस की जा रही है. मई 2026 में FDA कमिश्नर का कार्यभार संभालने के बाद तुकाराम मुढे ने महाराष्ट्र में मिलावटखोरी के खिलाफ एक व्यापक अभियान छेड़ रखा है. इस अभियान के तहत करोड़ों की जब्ती भी हो चुकी है. FDA की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच शुक्रवार को तुकाराम मुढे ने NDTV प्रॉफिट को दिए एक खास इंटरव्यू में कई बातों का खुलासा किया.
'मैं अपनी भूमिका के अनुसार काम करने की कोशिश कर रहा हूं'
इस बातचीत के दौरान तुकाराम मुढे ने कहा, 'अगर हर कोई अपनी भूमिका निभाए, तो हम सच में एक बेहतरीन समाज बन सकते हैं.' उन्होंने यह भी कहा कि मेरे कई आलोचकों ने मुझे घमंडी कहते हैं. लेकिन मैं अपनी भूमिका के मुताबिक काम करने की कोशिश कर रहा हूं. उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी मुझे रिश्वत देने की हिम्मत नहीं करेगा.
'कोई मुझे घूस देने की कोशिश नहीं कर सकता'
NDTV प्रॉफिट को दिए इंटरव्यू में जब महाराष्ट्र के FDA कमिश्नर तुकाराम मुढे से यह पूछा गया कि क्या उन्हें कभी किसी ने घूस देने की कोशिश की है, तो उन्होंने बेहद निडरता से जवाब दिया. तुकाराम मुढे ने कहा, 'कोई मुझे घूस देने की हिम्मत नहीं कर सकता. अगर कोई ऐसा करने की सोच भी रहा है, तो उन्हें ऐसा करने से पहले 100 बार सोचना चाहिए."

देश के सबसे ईमानदार अफसरों में होती है मुढे की गिनती
इस इंटरव्यू में उन्होंने साफ किया कि उन्होंने अपने पूरे करियर में ईमानदारी और नियमों के सख्त पालन को सर्वोपरि रखा है, जिसके कारण भ्रष्ट तत्वों में उनका खौफ है. मालूम हो कि तुकाराम मुढे की गिनती देश से सबसे सख्त और ईमानदार IAS अफसर के रूप में की जाती है.
20 साल के करियर में 25 ट्रांसफर झेल चुके तुकाराम मुढे
लगभग 20 साल के सर्विस में तुकाराम मुढे का 25 बार ट्रांसफर हो चुका है. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी राजनीतिक या बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकते.
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