महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की लगातार छापेमारी और कार्रवाई के दौरान कई जगहों पर दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट के मामले सामने आए हैं. नए FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में विभाग मिलावट के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है. इसी बीच राज्य सरकार अब इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए और कड़े कदम उठाने पर विचार कर रही है.
महाराष्ट्र सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि दूध में मिलावट करने वाले संगठित अपराधियों को महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत लाया जा सकता है या नहीं. इससे ऐसे आरोपियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई संभव हो सकेगी.
मिलावट को माना जा रहा है लोगों की सेहत से खिलवाड़
सरकार का मानना है कि दूध में मिलावट केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि लोगों की सेहत और जिंदगी से जुड़ा गंभीर मामला है. मिलावटी दूध बच्चों, बुजुर्गों और आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है. यही वजह है कि सरकार ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ रही है.
ड्रग्स मामलों की तर्ज पर होगी कार्रवाई
सरकार का कहना है कि जिस तरह ड्रग्स से जुड़े अपराधों के खिलाफ कानून में बदलाव कर उन्हें मकोका के दायरे में लाया गया था, उसी तरह दूध में मिलावट करने वाले गिरोहों पर भी यह कानून लागू करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है. यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो दूध में मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और सख्त होगी तथा राज्य में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
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