- कोलकाता के लेक टाउन में लगाई गई फुटबॉलर लियोनल मेसी की 70 फीट ऊंची मूर्ति हटाई जाएगी.
- बीते दिनों तेज हवा के बीच मेसी की यह मूर्ति हिलती नजर आई थी. जिसके बाद इसे रस्सियों के सहारे बांधा गया था.
- ऐसे में लोगों में डर पैदा हो गया है कि कहीं यह गिर न जाए और इस वजह से कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए.
कोलकाता के लेक टाउन में लगाई गई फुटबॉलर लियोनल मेसी की 70 फीट ऊंची मूर्ति हटाई जाएगी. उद्घाटन के मात्र 5 महीने बाद ही इस मूर्ति को हटाया जाएगा. बीते दिनों कोलकाता में तेज हवा के बीच मेसी की यह मूर्ति हिलती नजर आई थी. जिसके बाद इसे रस्सियों के सहारे बांधा गया था. इस दौरान जांच के दौरान मूर्ति के निर्माण में कई खामियां सामने आई. जिसके बाद अब इस मूर्ति को हटाए जाने का फैसला लिया गया है. मालूम हो कि लियोनल मेसी पिछले साल दिसंबर में कोलकाता के दौरे पर आए थे. फुटबॉल के दिवाने इस शहर में अर्जेंटीना के कप्तान मेसी की 70 फुट की मूर्ति लगाई गई थी. उस समय मेसी की इस मूर्ति को उनके प्रति सम्मान की दृष्टि से देखा गया था, लेकिन अब इस मूर्ति को लेकर विवाद हो गया है. मूर्ति अपनी खराब निर्माण गुणवत्ता के कारण चर्चा में है.
मूर्ति हिलने से हादसे का बना डर
स्थानीय लोगों के मुताबिक, तेज हवा चलने पर मूर्ति हिलती दिखाई देती है. मूर्ति एक व्यस्त चौराहे के पास स्थापित है. ऐसे में लोगों में डर पैदा हो गया है कि कहीं यह गिर न जाए और इस वजह से कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए. अधिकारियों द्वारा जांच किए जाने पर कथित तौर पर पाया गया कि मूर्ति के प्राथमिक फ्रेमवर्क में कई स्क्रू ढीले हो चुके थे और संरचना पर्याप्त मजबूत नहीं थी. फिलहाल इसे रस्सियों के सहारे बांधकर सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है.
भाजपा ने टीएमसी की कार्यशैली पर उठाए सवाल
इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है. भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के लंबे शासन को समाप्त करने के बाद इस मुद्दे को सरकार की कार्यशैली से जोड़ना शुरू कर दिया. आलोचकों का कहना है कि यह मूर्ति दिखावे की राजनीति का एक प्रतीक है, जिसमें बड़े-बड़े प्रोजेक्ट तो शुरू होते हैं लेकिन उनकी बुनियादी मजबूती पर ध्यान नहीं दिया जाता.
खेल मंत्री बोले- लापरवाही के लिए की जाएगी कार्रवाई
राज्य के नए खेल मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने कथित तौर पर कहा है कि मूर्ति के निर्माण से जुड़े लोगों के खिलाफ उनकी लापरवाही के लिए कार्रवाई की जाएगी. यह मूर्ति दिसंबर में मेसी के भारत दौरे के दौरान लगाई गई थी. इसे तृणमूल कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की पहल पर तैयार किया गया था.
मेसी के दौरे के दौरान भी दिखी थी अव्यवस्था
मेसी के भारत दौरे के दौरान भी अव्यवस्था की खबरें सामने आई थीं. साल्ट लेक स्टेडियम में भारी भीड़ उमड़ी थी, लेकिन खराब प्रबंधन और अत्यधिक वीआईपी संस्कृति के कारण आम फैंस अपने पसंदीदा खिलाड़ी की ठीक से झलक तक नहीं देख पाए. इससे नाराज होकर कई लोगों ने तोड़फोड़ की और स्टेडियम में अफरा-तफरी मच गई. रिपोर्ट के मुताबिक उन लोगों को भी राहत देने की योजना बनाई जा रही है, जिन्होंने टिकट खरीदने के बावजूद निराशा झेली.
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