- मेसी इवेंट के आयोजक सताद्रु दत्ता ने कहा कि सॉल्ट लेक स्टेडियम भगदड़ में उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है
- उन्होंने बताया कि सभी आवश्यक प्रोटोकॉल और परमिशन लेने के बाद भी पुलिस ने व्यवस्था नहीं संभाली थी
- अन्य शहरों में कार्यक्रम सफल रहे जबकि कोलकाता में भगदड़ हुई, जिसे उन्होंने प्रशासन की विफलता बताया
मेसी इवेंट के आयोजक सताद्रु दत्ता ने पहली बार ऑन कैमरा कहा कि सॉल्ट लेक स्टेडियम में हुए भगदड़ मामले में मुझे बलि का बकरा बनाया गया है. मुझे बोलने की अनुमति नहीं दी गई, इसलिए मैंने बोलने का इंतजार किया. भगदड़ के समय पश्चिम बंगाल पुलिस के डीजीपी और अब टीएमसी सांसद राजीव कुमार ने घटना के बाद मेरी गिरफ्तारी का आदेश दे दिया. अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए उन्होंने मुझे बलि का बकरा बनाया. जब प्रभावशाली लोग तस्वीरें लेते हुए देखे गए, तो सिर्फ मुझे ही क्यों बुलाया गया?
सभी प्रोटोकॉल और परमिशन थे
सताद्रु दत्ता ने आगे एनडीटीवी को बताया कि घटना के बाद गठित एसआईटी. ने सिर्फ मुझे ही बुलाया, किसी और को नहीं. मैं मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा. मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए ज्यादा नहीं बताया जा सकता. मेसी कार्यक्रम की योजना तीन साल पहले बनाई गई थी. हमने सुनिश्चित किया था कि सभी प्रोटोकॉल और परमिशन ले लिए जाएं. आयोजक के रूप में, मैंने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली थीं. मुझे विश्वास था कि पुलिस योजना के अनुसार काम करेगी. आयोजक होने के नाते, मैं कानून को पालन कराने वाले नहीं हो सकता. ये पुलिस का काम है. मैंने मान लिया था कि स्टेडियम में सारे इंतजाम कर दिए गए होंगे पर जब मैं अंदर गया, तो मैंने बहुत सारे अवांछित लोगों को देखा.
दूसरे शहरों में कोई दिक्कत क्यों नहीं हुई
एनडीटीवी से सताद्रु दत्ता ने कहा कि स्टेडियम में प्रभावशाली लोग भी थे. ये लोग शो का हिस्सा नहीं थे. मेसी एक ग्लोबल स्टार हैं, पुलिस को व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए थी. मगर मुझे खलनायक बना दिया गया, लेकिन मैं कानून लागू करने वाला नहीं था. मेसी का इवेंट हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली में सब कुछ सुचारू रूप से चला. वहां के पुलिस और प्रशासन ने हमें कार्यक्रम को संपन्न कराने के लिए पर्याप्त जगह दी. मगर कोलकाता में भगदड़ हो गई. यह हम सबके लिए राष्ट्रीय शर्मिंदगी थी. प्रशंसकों को लगा कि यह मेरी कुप्रबंधन की वजह से हुआ, लेकिन यह सच नहीं है. अगर ऐसा होता तो अन्य शहरों में सब कुछ सुचारू रूप से कैसे चला? मेसी एक सज्जन व्यक्ति हैं पर वह एक पेशेवर हैं. मेसी को वहां घुटन महसूस हो रही थी, उन्हें लोग बार-बार छू रहे थे, इससे वो असहज हो रहे थे.
प्रभावशाली लोगों को बिना अनुमति बुलाया गया
यहां तक कि पुलिस अधिकारी भी अंदर मौजूद थे. मुख्यमंत्री को आना था, उन्हें Z-प्लस सुरक्षा प्राप्त है. जब मुझे विमान से गिरफ्तार किया गया तो मेसी ने विरोध किया. अगर मेरी तैयारियों में कोई कमी होती तो शहर के अन्य कार्यक्रम भी प्रभावित होते. मैं प्रभावशाली लोगों और नौकरशाहों को तस्वीरें लेने से नहीं रोक सकता. हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली पुलिस ने इन कार्यक्रमों को कैसे सफलतापूर्वक आयोजित किया? यह प्रशासन और पुलिस की विफलता थी. मैंने भीड़ को हटाने के लिए मुख्य पुलिस अधिकारी और उपमुख्यमंत्री को सूचित किया. किसी ने सेल्फी लेने की कोशिश की और डी'पॉल को खरोंच लग गई. मुझे इस गड़बड़ी में बलि का बकरा बनाया गया. मेरी छवि धूमिल हुई, इस वजह से मेरी बदनामी हुई. यह सब सुरक्षा में चूक के कारण हुआ.
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