वंदे मातरम को लेकर कर्नाटक में विवाद बढ़ गया है. कर्नाटक सरकार ने सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सिर्फ पहले दो श्लोक गाने का फैसला किया है. इस फैसले का बचाव करते हुए राज्य के गृह मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने बीजेपी पर निशाना साधा है.
भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान खरगे ने बीजेपी नेताओं बी.वाई. विजयेंद्र और आर. अशोक को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे बिना टेलीप्रॉम्प्टर या कागज देखे वंदे मातरम के सभी श्लोक सुना दें, तो वह इस्तीफा दे देंगे.
खरगे ने कहा कि देश के नेताओं ने पहले ही तय कर दिया था कि वंदे मातरम के केवल दो श्लोक ही गाए जाएंगे. उन्होंने सवाल किया कि क्या बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर से भी बड़ा मानते हैं, जो अब सभी श्लोक गाने की बात कर रहे हैं.
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस साल वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर निर्देश जारी किया था कि जब जन गण मन और वंदे मातरम दोनों गाए जाएं, तो वंदे मातरम के सभी छह श्लोक गाए जाएं. वहीं, कांग्रेस ने अपने 1937 के पुराने प्रस्ताव के अनुसार सिर्फ दो श्लोक गाने का फैसला बरकरार रखा है.
बीजेपी ने कांग्रेस सरकार के इस फैसले को तुष्टीकरण की राजनीति बताया है. इस बीच, कर्नाटक हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई है, जिसमें राज्य सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई है जिसके तहत सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सिर्फ दो श्लोक गाने का निर्देश दिया गया है. याचिकाकर्ता का कहना है कि राज्य सरकार का आदेश केंद्र के निर्देशों के खिलाफ है. उन्होंने मांग की है कि सरकार का यह आदेश रद्द किया जाए.
PTI के इनपुट के साथ
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