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सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाइए, वरना किसी का फायदा नहीं...कपूर Vs कपूर विवाद में सुप्रीम कोर्ट

कपूर Vs कपूर विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने RIPL में दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति पर फिलहाल रोक लगा दी है और परिवार को आपसी सहमति से मामला सुलझाने की सलाह दी है.

सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाइए, वरना किसी का फायदा नहीं...कपूर Vs कपूर विवाद में सुप्रीम कोर्ट
  • सुप्रीम कोर्ट ने कपूर परिवार के विवाद में 2 स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति पर फिलहाल दो महीने के लिए रोक लगा दी
  • कोर्ट ने कपूर परिवार से कहा है कि विवाद को आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए
  • अदालत ने रानी कपूर की उम्र को ध्यान में रखते हुए उनके साथ संवेदनशीलता से पेश आने की सलाह दी है
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कपूर Vs कपूर विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है और कपूर परिवार से कहा है कि मामला आपसी सहमति से सुलझा लिया जाए. कोर्ट ने प्रिया कपूर से साफ कहा कि रानी कपूर 80 साल की महिला हैं, उनका ध्यान रखा जाए और उनके साथ संवेदनशीलता से पेश आया जाए. सुप्रीम कोर्ट में रानी कपूर की याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि प्रिया कपूर मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी होने से पहले परिवार की कंपनी RIPL के वित्तीय और प्रबंधन नियंत्रण पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रही हैं.

80 साल की महिला हैं, उनका ध्यान रखिए

इसके तहत कंपनी में दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति की तैयारी की जा रही थी. सुनवाई के दौरान अदालत ने कपूर परिवार को कड़ी लेकिन भावनात्मक सलाह दी. जस्टिस जे.बी. पारदीवाला ने कहा कि वह 80 साल की महिला हैं, उनका ध्यान रखिए और संवेदनशीलता से पेश आइए. अदालत ने फिलहाल RIPL में दो निदेशकों की नियुक्ति पर दो महीने के लिए रोक लगा दी और कहा कि पहले मध्यस्थता प्रक्रिया को आगे बढ़ने दिया जाए. अदालत ने यह भी कहा कि जब मामला मध्यस्थ के सामने है, तब किसी के हाथ में कोई नियंत्रण नहीं है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर परिवार मध्यस्थता में रुचि नहीं रखता तो वह सीधे इस केस की सुनवाई करेगा.

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अदालत ने कहा कि इसे सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाइए

अदालत ने कहा कि इसे सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाइए, वरना किसी का फायदा नहीं होगा. इसके साथ ही कहा कि दुनिया में सब खाली हाथ आते हैं और खाली हाथ ही जाते हैं. इस पर वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने हल्के अंदाज में कहा कि हम सब इस दुनिया में बिना कुछ लेकर आए हैं, नहीं तो सिर्फ हम वकीलों को ही फायदा होगा. रानी कपूर की ओर से वरिष्ठ वकील नवीन पाहवा ने अदालत को बताया कि 8 मई को RIPL की बोर्ड मीटिंग बुलाने का नोटिस जारी किया गया था, जिसमें दो नए निदेशकों की नियुक्ति का प्रस्ताव था.

प्रिया कपूर की तरफ से कपिल सिब्बल ने क्या कहा

उनका आरोप था कि इससे रानी कपूर की आवाज और प्रभाव को दबाने की कोशिश की जा रही है. दूसरी ओर, प्रिया कपूर की तरफ से सिब्बल ने कहा कि यह कदम RBI के निर्देशों का पालन करने के लिए उठाया जा रहा था. RBI ने कथित तौर पर 21 मई तक दो स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने को कहा था. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह RBI से कुछ समय के लिए वैधानिक अनुपालन पर जोर न देने को कहेगा. अदालत ने 7 मई को भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को इस पारिवारिक विवाद में मध्यस्थ नियुक्त किया था.

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