- बीजेपी ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और उनके खर्च को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं.
- पार्टी ने एफसीआरए, ब्लैक मनी एक्ट और सुरक्षा प्रोटोकॉल उल्लंघन की जांच की मांग की है.
- पीएम मोदी के सादगी अभियान के बीच बीजेपी ने कांग्रेस सरकारों को भी निशाने पर लिया है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर बीजेपी ने गंभीर आरोप लगाया है. बीजेपी का आरोप है कि विदेश यात्राओं पर किया गया खर्च राहुल की घोषित सालाना आय से मेल नहीं खाता है. बीजेपी ने राहुल गांधी को विदेश यात्राओं के फंडिंग स्रोत, सुरक्षा प्रोटोकॉल और कथित तौर पर छिपाई गई विदेश यात्राओं को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं.
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पिछले 22 सालों में राहुल गांधी 54 बार विदेश यात्रा पर गए और इन पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च हुए. बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी द्वारा चुनावी हलफनामों में घोषित कुल वार्षिक आय और संपत्ति इस खर्च से मेल नहीं खाती.

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विदेश यात्राओं का खर्च किसने उठाया?
बीजेपी के मुताबिक राहुल गांधी की घोषित संपत्ति 2004 में करीब 55 लाख रुपये थी जो 2024 में बढ़कर लगभग 20 करोड़ रुपये हुई. लेकिन पार्टी का सवाल है कि जब कुल संपत्ति और आय सीमित है तो इन विदेश यात्राओं का खर्च किसने उठाया.
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का साल-दर-साल ब्योरा साझा करते हुए, संबित पात्रा ने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस नेता ने अपनी कई विदेश यात्राओं का खुलासा नहीं किया. उन्होंने इन 'गुमनाम विदेशी यात्राओं' पर राहुल गांधी से जवाब मांगा.

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मस्कट में राहुल किससे मिले ये बताएं
बीजेपी की तरफ से यह भी कहा गया कि एसपीजी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विदेश यात्रा की जानकारी और कार्यक्रम पहले से साझा करना जरूरी होता है.
सबसे अधिक चर्चा राहुल गांधी के कथित ओमान यात्रा को लेकर है. बीजेपी का दावा है कि मई 2026 में राहुल गांधी निजी यात्रा पर मस्कट गए थे लेकिन इस यात्रा का कोई सार्वजनिक कार्यक्रम, मेजबान या एजेंडा सामने नहीं आया. बीजेपी ने सवाल उठाया कि वहां राहुल गांधी किससे मिले और यात्रा का खर्च किसने उठाया.
बीजेपी ने एफसीआरए और ब्लैक मनी एक्ट का भी हवाला दिया. पार्टी का कहना है कि अगर किसी सांसद की विदेश यात्रा कोई संस्था या व्यक्ति प्रायोजित करता है तो गृह मंत्रालय से इसके लिए अनुमति जरूरी होती है. साथ ही यदि निजी खर्च पर यात्रा हुई तो उसकी जानकारी आयकर रिटर्न में होनी चाहिए.

कानूनी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला
संबित पात्रा ने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि कानूनी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला भी है. बीजेपी ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और दस्तावेज और जानकारी सामने लाई जा सकती है.
दूसरी तरफ कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है. हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए व्यक्तिगत हमले कर रही है.
इसी बीच बीजेपी नेता सीआर केसवन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया सादगी अभियान (स्वेच्छा से खर्च में कटौती) को जिक्र करते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस शासित राज्यों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने अपने सुरक्षा काफिले का आकार घटाया है तो क्या राहुल गांधी और कांग्रेस सरकारें भी खर्च कम करेंगी.
केसवन ने हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक की कांग्रेस सरकारों पर भी हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारें जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही हैं जबकि केंद्र सरकार वैश्विक आर्थिक दबाव के बावजूद जनता को राहत देने की कोशिश कर रही है.

बीजेपी का 'ऑस्टेरिटी मॉडल'
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील की थी.
इसके बाद स्वयं प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों ने अपने सुरक्षा काफिले का आकार काफी कम कर दिया. बीजेपी इसे 'ऑस्टेरिटी मॉडल' यानी सादगी और खर्च में कटौती का संदेश बता रही है.
कांग्रेस नेता वी हनुमंत राव ने प्रधानमंत्री के इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि सरकार जनता को कम खर्च करने की सलाह दे रही है लेकिन बड़े उद्योगपतियों से सहयोग मांगने की बात नहीं करती.
इस बीच राहुल गांधी के विदेश यात्रा पर बीजेका ये हमला आया जिसे पार्टी पारदर्शिता, सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही से जोड़ रही है.
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