- कानपुर से लखनऊ होते हुए अयोध्या तक नमो भारत ट्रेन यानी रैपिड रेल दौड़ाने की तैयारी
- पहले चरण में 70 किमी का कानपुर-लखनऊ नमो भारत ट्रेन कॉरिडोर पूरा किया जाएगा
- दूसरे चरण में लखनऊ से बाराबंकी होते हुए अयोध्या धाम तक नमो भारत ट्रेन ले जाने की तैयारी
लखनऊ-कानपुर-अयोध्या नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर के काम ने रफ्तार पकड़ ली है.इस नमो भारत रूट का काम दो चरणों में हो रहा है.पहले चरण में कानपुर-लखनऊ नमो भारत रूट के 72 किमी लंबे आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए सर्वे का काम तेज है. जल्द ही डीपीआर फाइनल करके शासन को सौंप दी जाएगी. यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार की मंशा कानपुर से लखनऊ नमो भारत कॉरिडोर को आगे अयोध्या तक विस्तार देने की है. इसे लखनऊ से अयोध्या का काम दूसरे फेज में पूरा किया जाएगा. उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) जो दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, उसी के तहत ये रैपिड रेल बनाई जानी है. इस स्टेट कैपिटल रीजन में लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव, कानपुर, हरदोई जैसे छह जिले शामिल किए गए हैं.
कानपुर-लखनऊ नमो भारत कॉरिडोर
67 किमी का ये रूट नयागंज कानपुर से गंगा बैराज, मगरवारा होते हुए उन्नाव, अजगैन, जैतीपुर, बंथरा, नवाबगंज, अमौसी (चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट लखनऊ) तक प्रस्तावित है. यह कॉरिडोर लखनऊ मेट्रो के अमौसी स्टेशन और नया गंज के कानपुर मेट्रो नेटवर्क से भी जुड़ जाएगा. यानी रैपिड रेल से आने वाले यात्री कानपुर नयागंज मेट्रो स्टेशन से शहर में नौबस्ता तक फैले मेट्रो नेटवर्क का लाभ उठा पाएंगे. वहीं लखनऊ में वसंतकुंज, मुंशी पुलिया जैसे आखिरी मेट्रो स्टेशनों तक पहुंच होगी.
लखनऊ-अयोध्या नमो भारत कॉरिडोर
अमौसी लखनऊ से अयोध्या तक नमो भारत कॉरिडोर करीब 120 किमी का है. अमौसी से आगे बढ़ते हुए सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटरिया से गुजरते हुए सीधे राम मंदिर अयोध्या धाम तक नेटवर्क बनेगा. इससे कानपुर से अयोध्या की दूरी सिर्फ 90 मिनट में पूरी हो सकेगी.
- कानपुर से लखनऊ रैपिड रेल की लंबाई 67 से 70 किलोमीटर के बीच होगी.
- लखनऊ से अयोध्या तक पूरा कॉरिडोर करीब 127 किलोमीटर का होगा.
- कानपुर से अयोध्या तक 12 स्टेशन इस रैपिड रेल रूट पर संभव
- कानपुर से अयोध्या तक जाने में 5-6 घंटे की जगह डेढ़ घंटे में पूरा होगा
- लखनऊ-कानपुर नमो भारत रैपिड रेल की लागत करीब 32 हजार करोड़

कानपुर-लखनऊ नमो भारत ट्रेन
पहले चरण में कानपुर, लखनऊ और इन दोनों जिलों के बीच पड़ने वाले उन्नाव के शुक्लागंज इलाके में भी इसका सर्वे चल रहा है. लखनऊ-कानपुर नमो भारत रैपिड रेल (RRTS) हाईस्पीड रीजनल ट्रांजिट कॉरिडोर है. इससे लखनऊ, उन्नाव और कानपुर के बीच यात्रा 30-40 मिनट के कम समय में हो जाएगी. नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की टीम इसके सर्वे कार्य में जुटी है. सर्वेक्षण के साथ रैपिड मेट्रो के लिए डीपीआर भी तैयार की जाएगी.
रैपिड रेल सर्वे का काम तेज
शुक्लागंज में गंगापुल के पास रैपिड रेल से जुड़ा सर्वेक्षण कार्य चल रहा है. उत्तर प्रदेश सरकार और NCRTC ने प्रोजेक्ट के शुरुआती अलाइनमेंट को मंजूरी है. साथ ही सर्वे, DPR) और अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट (AAR) तैयार करने करने की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA), और उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (USDA) को दी गई है.
कानपुर-लखनऊ-अयोध्या नमो भारत कॉरिडोर का रूट
- कानपुर: नयागंज से गंगा बैराज
- उन्नाव: उन्नाव, बशीरपुर, अजगैन, मगरवारा
- लखनऊ: नवाबगंज, बंथरा, अमौसी एयरपोर्ट, सुशांत गोल्फ सिटी
- बाराबंकी: जुग्गौर, बड़ेल
- अयोध्या : सफदरगंज, भिटरिया, अयोध्या धाम
कानपुर-अयोध्या रूट से रियल एस्टेट बूम
दिल्ली-मेरठ नमो भारत RRTS की तरह कानपुर-अयोध्या रूट पर एडवांस्ड एर्गोनोमिक सीटों वाले कोच लगेंगे. सुरक्षा के लिहाज से ये टक्कर रोधी कवच और ईटीसीएस सिग्नलिंग सिस्टम से लैस होंगे. रैपिड रेल कोच वाईफाई, चार्जिंग समेत सभी कम्युनिकेशन सिस्टम होंगे.इससे सर्दियों के कोहरे या भारी बारिश में भी रैपिड रेल यात्रा में आसान होगी. रैपिड रेल स्टेशनों के आसपास आईटी हब,लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग जोन और हाउसिंग सोसायटी भी बनेंगी. एलडीए कई हाउसिंग सोसायटी ऐसे नमो भारत रूट के करीब प्लान कर रहा है.
ये भी पढ़ें - गाजियाबाद-जेवर नमो भारत कॉरिडोर: रैपिड रेल से 50 मिनट में नोएडा एयरपोर्ट, 70 मिनट में दिल्ली, NCR के 4 शहरों को कनेक्टिविटी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
