दिल्ली मास्टर प्लान 2047 आजादी के 100 साल पूरे होने पर राजधानी की अलग तस्वीर पेश करता है. मुंबई की तरह दिल्ली में भी अगले 20-21 सालों में 24 घंटे मेट्रो के साथ एनसीआर तक हाईस्पीड कनेक्टिविटी के लिए नमो भारत ट्रेन और बुलेट ट्रेन भी दौड़ेगी. दिल्ली के उत्तर प्रदेश और हरियाणा बॉर्डर से सटे इलाकों तक नहीं बल्कि एनसीआर की 100 किमी की सीमा तक रैपिड रेल, मेट्रो या आर्बिटल रेल दौड़ेगी तो दिल्ली का बोझ घटेगा. बागपत, हापुड़, मुजफ्फरनगर, रुड़की, हरियाणा में पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, मानेसर, बहादुरगढ़ और राजस्थान में अलवर से यात्री 1 से डेढ़ घंटे के भीतर राजधानी तक आवाजाही कर सकेंगे. वहीं दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन से दूरदराज के शहर भी कुछ घंटों के सफर में दिल्ली की दहलीज पर होंगे.
दिल्ली मेट्रो विस्तार का डिटेल
दिल्ली मेट्रो नेटवर्क अभी लगभग 416 किमी का है और 303 स्टेशन हैं. मास्टर प्लान के तहत मेट्रो नेटवर्क में 279 किमी का इजाफा होगा. अभी 104 किमी के मेट्रो रूट पर काम चल रहा है और 175 किमी और विस्तार की योजना है.दिल्ली मेट्रो कॉरिडोर फेज 4 गोल्डन लाइन कॉरिडोर में एयरोसिटी से तुगलकाबाद तक लगभग 23.6 किमी की लाइन साउथ दिल्ली को आईजीआई एयरपोर्ट से सीधे जोड़ेगी.मजेंटा लाइन एक्सटेंशन में जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम तक 29 किमी की लाइन बिछ रही है.
रिंग मेट्रो नेटवर्क तैयार हो रहा
पिंक लाइन एक्सटेंशन में मजलिस पार्क से मौजपुर तक 12.5 किमी बनने से देश का पहला रिंग मेट्रो नेटवर्क बनेगा.इंदरलोक-इंद्रप्रस्थ मेट्रो कॉरिडोर 12.3 किमी और लाजपत नगर-साकेत जी-ब्लॉक 8.4 किमी का है. दिल्ली मेट्रो फेज 5ए के तहत रिठाला-नरेला-कुंडली रेड लाइन एक्सटेंशन लगभग 26.5 किमी का है, यह दिल्ली को हरियाणा के कुंडली से जोड़ेगा.नोएडा सेक्टर 62 से साहिबाबाद तक 5.1 किमी और वैशाली से मोहन नगर 5 किमी का मेट्रो नेटवर्क बनेगा.
एनसीआर में मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी
एम3एम इंडिया प्रेसिडेंट रॉबिन मंगला ने कहा, दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में जिस तरह मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी गई है. आने वाले वर्षों में दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट की तस्वीर को पूरी तरह बदल सकती है. रियल एस्टेट के लिहाज से यह बदलाव दिल्ली केंद्रित विकास की जगह व्यापक एनसीआर ग्रोथ कॉरिडोर तैयार कर सकता है. बेहतर ट्रांजिट कनेक्टिविटी से लोग दिल्ली में घर खरीदने की मजबूरी आसपास के उभरते में इलाकों में रहकर 1 से 1.5 घंटे में राजधानी तक पहुंच सकेंगे. इससे आवासीय, कमर्शियल और मिश्रित उपयोग वाले विकास के लिए नए अवसर पैदा होंगे. अच्छी कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में भूमि एवं संपत्ति की मांग को दीर्घकालिक बढ़ावा मिल सकता है.
रैपिड रेल नमो भारत का रूट
दिल्ली एनसीआर के शहरों के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी के लिए बनी रैपिड रेल 2047 तक एनसीआर के ज्यादातर बड़े शहरों तक पहुंच जाएगी. नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) दिल्ली एनसीआर में 383 किमी के नमो भारत रूट पर काम कर रहा है.इससे एक घंटे में कामकाज,पढ़ाई या नौकरी के लिए कोई भी शख्स दिल्ली आ जा सकेगा. उसे दिल्ली में घर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर का 82 किमी का रूट चालू हो चुका है.
दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी, माननीय गृह मंत्री श्री @AmitShah जी और माननीय केंद्रीय मंत्री श्री @mlkhattar जी का समस्त दिल्लीवासियों की ओर से हृदय से आभार।#ViksitDelhi pic.twitter.com/9T2yAR24dc
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) August 20, 2026
दिल्ली-अलवर नमो भारत रूट
दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर का लगभग 196 किमी का रूट भी एनसीआरटीसी के प्रायोरिटी में है. यह रैपिड रेल दिल्ली के सराय काले खां से साइबर सिटी, एयरोसिटी, मानेसर और रेवाड़ी होते हुए राजस्थान के अलवर तक जाएगी. दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत रूट 136 किमी का है. ये सोनीपत, गन्नौर और समालखा होते हुए हरियाणा के पानीपत और करनाल तक जाएगा. गाजियाबाद-जेवर (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 72 किमी का रूट भी मंजूर हो चुका है.गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा का लगभग 64 किमी का रूट है.
जैसे-जैसे राजधानी अपने मास ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का विस्तार करेगी, मेट्रो और बसें 24×7 चलेंगी. एनसीआर के शहरों तक रैपिड रेल विस्तार से पूरा इलाका गतिशील होगा. कारोबार, नौकरी या पढ़ाई-इलाज के लिए दिल्ली में बसने या ठहरने का कांसेप्ट खत्म होगा.
एन. सरवाना कुमार, DDA के वाइस चेयरमैन
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन
दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल (HSR) का भी जिक्र है. दिल्ली की सबसे लंबी बुलेट ट्रेन 864 किमी की है, जो 2024 के बजट में घोषित सरकार के सात प्राथमिकता वाले रूट में है. ऐसे में अगले 20 साल में बुलेट ट्रेन भी दिल्ली से बनारस तक दौड़ने की उम्मीद है, जो लखनऊ, इटावा, अयोध्या, आगरा, मथुरा जैसे शहरों से दिल्ली की दूरी कुछ घंटों में तब्दील कर देगी. वहीं दिल्ली में तीसरी रिंग रोड UER-II के तौर पर 6 लेन का एक्सप्रेसवे बन रहा है, इससे उत्तर प्रदेश, हरियाणा या भोपाल, मुंबई जैसे शहरों की ओर जाने वाले वाहनों को दिल्ली के बीच से नहीं गुजरना पड़ेगा.
दिल्ली मास्टर प्लान 2047 रियल एस्टेट को देगा रफ्तार
एक्शन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट एसीई के सीईओ (क्रेन्स) मनीष माथुर का कहना है कि दिल्ली मास्टर प्लान 2047 एक ज्यादा इंटीग्रेटेड, कुशल और भविष्य के लिए तैयार नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) बनाने की दिशा में एक अहम कदम है. शहरी मोबिलिटी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में इस तरह के बड़े निवेश न केवल दिल्ली पर दबाव कम करेंगे, बल्कि पड़ोसी शहरों के बीच लोगों, सामान और कारोबार की तेज़ आवाजाही को संभव बनाकर NCR के आर्थिक दायरे का भी विस्तार करेंगे. इन प्रोजेक्ट्स से रियल एस्टेट, माइनिंग, लिफ्टिंग, सड़क निर्माण और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की लगातार मांग बढ़ेगी.भारतीय मैन्युफैक्चरर्स के लिए देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के अगले चरण में योगदान देने के नए अवसर भी खुलेंगे.
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