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अदाणी ग्रुप के धामरा पोर्ट ने रचा इतिहास, 100% ग्रीन एनर्जी पर चलने वाला देश का पहला मल्टी-कार्गो पोर्ट बना

सालाना 108 GWh से ज्यादा ग्रीन पावर से संचालित होने वाला धामरा पोर्ट कार्बन उत्सर्जन घटाने और ओडिशा-झारखंड के खनिज क्षेत्रों को टिकाऊ लॉजिस्टिक्स देने में अहम भूमिका निभाएगा.

अदाणी ग्रुप के धामरा पोर्ट ने रचा इतिहास, 100% ग्रीन एनर्जी पर चलने वाला देश का पहला मल्टी-कार्गो पोर्ट बना
Adani Dhamra Port: धामरा पोर्ट अब अपनी 100% बिजली खपत रिन्यूएबल स्रोतों से पूरी कर रहा है.

अदाणी ग्रुप के धामरा पोर्ट ने रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल कर एक बड़ा कीर्तिमान हासिल किया है.  धामरा पोर्ट अब पूरी तरह रिन्यूएबल पावर से चल रहा है. अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) के मुताबिक, अगस्त 2026 से पोर्ट की बिजली की पूरी खपत रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स से पूरी की जा रही है. इसके साथ ही धामरा देश का पहला प्राइवेट मल्टी-कार्गो पोर्ट बन गया है, जो पूरी तरह ग्रीन एनर्जी पर चल रहा है.

हर महीने 90 लाख यूनिट से ज्यादा खपत

धामरा पोर्ट पर हर महीने 90 लाख यूनिट से ज्यादा बिजली की जरूरत होती है. अब इसकी पूरी बिजली रिन्यूएबल सोर्स से आ रही है. मौजूदा ऑपरेशन के हिसाब से पोर्ट की सालाना रिन्यूएबल बिजली खपत 108 गीगावॉट-घंटे (GWh) से ज्यादा है.

अगस्त 2026 से लागू इस बदलाव को APSEZ की लंबे समय की नेट-जीरो टारगेट का हिस्सा बताया गया है. कंपनी के मुताबिक, इससे खरीदी गई बिजली से जुड़े उत्सर्जन में कमी आएगी और पोर्ट के बिजली-आधारित कामकाज का पर्यावरण पर असर भी कम होगा.

तीन तरीकों से मिल रही ग्रीन बिजली

धामरा पोर्ट को रिन्यूएबल बिजली एक ही सोर्स से नहीं मिल रही है. इसके लिए कैप्टिव रिन्यूएबल पावर, थर्ड-पार्टी एक्सेस और ग्रीन पावर खरीद जैसे ऑप्शन का इस्तेमाल किया गया है.

करीब 25-30 फीसदी रिन्यूएबल बिजली गुजरात के खावड़ा में APSEZ के कैप्टिव हाइब्रिड पावर प्लांट से आ रही है. वहीं, 10-15 फीसदी बिजली थर्ड-पार्टी एक्सेस के जरिए मिल रही है.बाकी बिजली ओडिशा की बिजली वितरण कंपनी के साथ किए गए ग्रीन कंज्यूमर अरेंजमेंट के जरिए पूरी की जा रही है.

पोर्ट के रोजमर्रा के काम भी ग्रीन पावर से होगा

अब धामरा पोर्ट का चौबीसों घंटे चलने वाला काम रिन्यूएबल बिजली से हो रहा है. इसमें कार्गो की लोडिंग-अनलोडिंग, स्टोरेज, रेल से जुड़े काम और पोर्ट की दूसरी जरूरी सुविधाएं शामिल हैं.धामरा ओडिशा के तट पर हल्दिया और पारादीप के बीच स्थित है. यह पूर्वी भारत के बड़े डीप-ड्राफ्ट पोर्ट्स में शामिल है.

60 MT की क्षमता, 48.8 MT कार्गो संभाला

धामरा पोर्ट की  क्षमता 60 मिलियन टन (MT) है. वित्त वर्ष 2025-26 में इसने 48.8 MT कार्गो संभाला था. पोर्ट हर साल 48 MT से ज्यादा कार्गो हैंडल करता है.यहां छह ड्राई-कार्गो बर्थ हैं. इसके अलावा रैपिड-लोडिंग सिलोज, वैगन टिपलर्स, ट्रैक हॉपर और मैकेनाइज्ड स्टोरेज यार्ड जैसी सुविधाएं मौजूद हैं.

पोर्ट पर जेट्टी के उपकरणों के साथ-साथ बेहतरीन रेल और सड़क नेटवर्क भी  है. इसी मजबूत कनेक्टिविटी की वजह से ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के खनिज समृद्ध इलाकों तक कार्गो की आवाजाही काफी आसान और तेज हो जाती है.   

APSEZ की नेट-जीरो रणनीति का हिस्सा

धामरा पोर्ट का यह फैसला अदाणी पोर्ट्स (APSEZ) की लंबी अवधि की नेट-जीरो रणनीति का अहम हिस्सा है. आजकल बड़े औद्योगिक संस्थान और लॉजिस्टिक्स कंपनियां कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए ग्रीन एनर्जी पर अपना भरोसा बढ़ा रही हैं. APSEZ के मुताबिक,इसी सोच के साथ उठाया गया यह कदम लंबे समय में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना पोर्ट के बड़े कामकाज को ज्यादा टिकाऊ और बेहतर बनाएगा.

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(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)

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