ब्रिटेन के जिस एयरबेस से उड़कर अमेरिकी जेट ईरान के मिसाइल साइटों पर हमले किया करते थे, उस पर हमले का अलर्ट है. इस एयरबेस की सुरक्षा बढ़ा गई है. एयरबेस के आस-पास के घरों को खाली करवाया गया है. वहां बड़ी संख्या में सुरक्षा बल के जवान तलाशी अभियान चला रहे हैं. मामला दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड (RAF Fairford) से जुड़ा है. इसी एयरबेस से अमेरिकी जहाज होर्मुज से गुजर रहे जहाजों को निशाना बनाया करते रहे हैं. आरएएफ फेयरफोर्ड की सुरक्षा बढ़ाए जाने के बाद वहां आस-पास से गुजर रही गाड़ियों की भी सख्ती से जांच की जा रही है.
ब्रिटिश पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम में कई लोगों को गिरफ्तार किया
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटिश पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम (Explosives Act) के तहत अपराधों के संदेह में कई लोगों को गिरफ्तार किया है. साथ ही दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड स्थित ब्रिटिश एयरबेस RAF फेयरफोर्ड की सुरक्षा बढ़ा दी है. इसके बाद कई वाहनों की जांच कर रही है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी वायुसेना करती है.
ब्रिटिश पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम में कई लोगों को गिरफ्तार किया
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटिश पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम (Explosives Act) के तहत अपराधों के संदेह में कई लोगों को गिरफ्तार किया है. साथ ही दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड स्थित ब्रिटिश एयरबेस RAF फेयरफोर्ड की सुरक्षा बढ़ा दी है. इसके बाद कई वाहनों की जांच कर रही है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी वायुसेना करती है.

ब्रिटेन के UK RAF फेयरफोर्ड के पास तैनात किए गए एंबुलेंस सहित पुलिस के वाहन.
Photo Credit: Reuters
एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड सहित 30 इमरजेंसी वाहन आस-पास तैनात
रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से लिखा कि सशस्त्र पुलिसकर्मी वायुसेना अड्डे के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंच को रोक रहे है. अड्डे के पास स्थित फेयरफोर्ड गांव में एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड सहित करीब 30 आपातकालीन वाहन तैनात की गई है.
पुलिस ने कहा- आस-पास के घर-मकान करवाए जा रहे खाली
एयरबेस के पास बढ़ी हलचल को लेकर ग्लॉस्टरशायर पुलिस ने कहा, "आपात स्थिति घोषित किए जाने के बाद व्हेलफोर्ड क्षेत्र में कई संपत्तियों को खाली कराया जा रहा है. यह कार्रवाई विस्फोटक अधिनियम के तहत अपराधों के संदेह में कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद की जा रही है."
ईरान ने कहा था- फेयरफोर्ड से अमेरिकी जहाजों को उड़ने नहीं देना चाहिए
मालूम हो कि अमेरिका और ईरान में बीते कुछ दिनों में तल्खी फिर बढ़ी है. होर्मुज में जहाजों पर हमले के साथ-साथ अमेरिकी ठिकानों पर भी हमला हुआ है. इस बीच ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने भी चेतावनी दी कि अमेरिका के बमवर्षक विमानों को फेयरफोर्ड से उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.
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