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कश्मीर में ड्रग्स पर वार, पड़ोसी के यहां बैठे आतंकियों पर बड़ा प्रहार: मनोज सिन्हा EXCLUSIVE

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि राज्य में नशा और आतंकवाद आपस में जुड़े हुए हैं और पाकिस्तान से आने वाला ड्रग नेटवर्क आतंकवाद को बढ़ावा देता है. इसे रोकने के लिए 100 दिन का विशेष अभियान चलाया जा रहा है.

कश्मीर में ड्रग्स पर वार, पड़ोसी के यहां बैठे आतंकियों पर बड़ा प्रहार: मनोज सिन्हा EXCLUSIVE
  • जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकवाद और नशा मुक्त भारत अभियान के बीच गहरे संबंधों को स्पष्ट किया.
  • नशीले पदार्थ पाकिस्तान से आ रहे हैं और इससे आतंकवादी तंजीमों को हथियार खरीदने के लिए धन मिलता है.
  • नशा मुक्त अभियान को समाज के सभी वर्गों का व्यापक समर्थन मिला है और यह जन आंदोलन में बदल चुका है.
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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने NDTV से खास बातचीत में आतंकवाद, नशा मुक्त भारत अभियान, ‘ऑपरेशन सिंदूर' और अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर अहम बातें साझा कीं. उन्होंने कहा कि आतंकवाद और ड्रग्स का नेटवर्क आपस में गहराई से जुड़ा हुआ है और पाकिस्तान से आने वाले नशीले पदार्थ इस समस्या को और गंभीर बनाते हैं. सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा एजेंसियां इन चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार सक्रिय हैं और अमरनाथ यात्रा के दौरान भी व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

नशा मुक्त अभियान और आतंकवाद का कनेक्शन

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 में ‘नशा मुक्त भारत अभियान' की शुरुआत की थी और गृह मंत्री इसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष में युवा पीढ़ी तेजी से नशे के दलदल में फंसती जा रही थी. उनके मुताबिक आतंकवाद और नशा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. ड्रग्स से कमाया गया पैसा पड़ोसी देश में सक्रिय आतंकी तंजीमों तक पहुंचता है, जो इसी धन से हथियार खरीदकर आतंकवाद और कट्टरपंथ को बढ़ावा देते हैं. स्थिति गंभीर होने पर जम्मू-कश्मीर में 100 दिन का विशेष अभियान शुरू किया गया, जिसमें सप्लाई चेन खत्म करने, जागरूकता फैलाने और नशे के शिकार लोगों के संवेदनशील पुनर्वास पर काम किया जा रहा है.

अभियान को मिला जनसमर्थन

उपराज्यपाल ने बताया कि इस अभियान को समाज के सभी वर्गों का व्यापक सहयोग मिल रहा है. 11 अप्रैल को शुरू हुए इस अभियान को 3 मई से श्रीनगर में भी गति मिली और अब यह जन आंदोलन का रूप ले चुका है. छात्र, शिक्षक और धार्मिक गुरु भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. ‘टेली मानस' के जरिए लोगों से रोजाना 100 से अधिक कॉल आ रही हैं, जो ड्रग पेडलर्स तक पहुंचने में पुलिस की मदद कर रही हैं. उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में उन्होंने ऐसा व्यापक अभियान नहीं देखा.

ड्रग्स का स्रोत और कार्रवाई

मनोज सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि नशीले पदार्थों का स्रोत सभी को पता है और यह पाकिस्तान से आ रहे हैं. उन्होंने इसे युवाओं को बर्बाद करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश बताया. इस पर सख्ती करते हुए 856 एफआईआर दर्ज की गईं, 758 किलो ड्रग्स जब्त किए गए, 128 संपत्तियां अटैच की गईं और 57 संपत्तियां ध्वस्त की गईं.

आतंकवाद में कमी

उन्होंने कहा कि पहले आतंकवाद में भर्ती की संख्या तीन अंकों में होती थी, जो अब घटकर एक अंक में आ गई है. इससे साफ है कि घाटी का युवा अब आतंकवाद की ओर नहीं जाना चाहता. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने आतंकवाद पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया है और अब जम्मू क्षेत्र में भी सिक्योरिटी ग्रिड मजबूत किया गया है.

पर्यटन को लेकर उन्होंने बताया कि करीब 90% पर्यटन स्थल खोल दिए गए हैं और बाकी भी जल्द खोल दिए जाएंगे. सभी प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं और जहां पर्यटकों को जाने की अनुमति नहीं है, वहां रोकथाम के लिए सुरक्षा तैनात की गई है.

ऑपरेशन सिंदूर पर बयान

‘ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर उन्होंने कहा कि सेना ने तय लक्ष्य को कम समय में हासिल किया है. उन्होंने इसे सुरक्षाबलों की बहादुरी और कुशलता का उदाहरण बताया और कहा कि भारत ने वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विवेकपूर्ण निर्णय लिया. अभी दुनिया में दो वॉर चल रहे हैं. दो बड़े ताकतवर देश युद्ध के मैदान में हैं. कितना समय हो गया. इससे उन लोगों को समझ आ रहा होगा कि भारत ने सोच समझ कर विवेकपूर्ण फैसला किया था.

ईरान मुद्दे पर प्रदर्शन

ईरान को लेकर हुए प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, लेकिन एक सीमा के भीतर. उस सीमा को पार करने की किसी को अनुमति नहीं है.

ईंधन बचत पर पीएम की अपील

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन बचत की अपील सोच-समझकर लिया गया निर्णय है. इसका मकसद विदेशी मुद्रा की बचत करना है. उन्होंने यह भी कहा कि इस अपील का आम लोगों पर बड़ा असर पड़ता है. हम लोग भी ऑनलाइन ही मीटिंग कर रहे हैं. कुछ लोगों को यह बता समझ में नहीं आती है. वे इसे दूसरे नजरिए से देखते हैं. उन्हें शायद यह पता नहीं कि प्रधानमंत्री की अपील का आम आदमीं पर कितना असर पड़ता है.

अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था

मनोज सिन्हा ने बताया कि 3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा शुरू होगी और इसके लिए चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई है. बालटाल और चंदनबाड़ी मार्ग को चौड़ा किया गया है, अस्पताल और यात्री निवास बनाए गए हैं. आरएफआईडी सिस्टम लागू किया गया है और कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है.

सिंधु जल संधि पर टिप्पणी

उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि के स्थगन से जम्मू-कश्मीर की बिजली व्यवस्था में सुधार होगा. केंद्र सरकार ने इस पर शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म योजनाएं बनाई हैं और नए पावर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है. उपराज्यपाल ने कहा कि छह वर्षों से वे इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं और आगे भी पूरी क्षमता से काम करते रहेंगे. पूर्ण राज्य के दर्जे पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में संसद में जो आश्वासन दिया गया है, उसका सम्मान किया जाएगा और उचित समय पर इस पर निर्णय लिया जाएगा.

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