विज्ञापन

"लगा जैसे मां की गोद में लौट आए हों..." वॉर जोन से मौत को मात देकर लौटे भारतीयों की रूह कंपाने वाली दास्तां

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग में 1 मार्च को ओमान पोर्ट के पास एमवी स्काईलाइट ऑयल टैंकर पर भीषण हमले से बचकर लौटे भारतीय नाविकों ने ऐसी आपबीती सुनाई है कि दिल कांप जाए.

"लगा जैसे मां की गोद में लौट आए हों..." वॉर जोन से मौत को मात देकर लौटे भारतीयों की रूह कंपाने वाली दास्तां

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग में 1 मार्च को ओमान के खसाब पोर्ट के पास एमवी स्काईलाइट ऑयल टैंकर पर हुए भीषण हमले के बाद मौत को मात देकर लौटे भारतीय नाविकों ने वॉर जोन की रूह कंपा देने वाली आपबीती सुनाई है. गल्फ ऑफ ओमान में हुए इस मिसाइल अटैक में जहाज पर सवार कैप्टन आशीष कुमार और चालक दल के सदस्य दलीप सिंह की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बाकी सदस्य अपनी जान बचाकर किसी तरह सुरक्षित भारत पहुंचने में कामयाब रहे.

संभलने तक का मौका नहीं मिला

जहाज के चीफ कुक विक्रम घोष और नाविक अब्दुल रहमान ने बताया कि हमला इतना अचानक था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला. उस वक्त जहाज पर 10 भारतीय समेत ईरानी क्रू के सदस्य भी मौजूद थे. विक्रम घोष के मुताबिक, धमाके के बाद जब आग फैली तो चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई. क्रू मेंबर्स की गिनती के दौरान पता चला कि कैप्टन आशीष और दलीप सिंह लापता हैं, जो बाद में मृत पाए गए.

एक घंटे बाद डरते-डरते पहुंची मदद 

अब्दुल रहमान ने बताया कि हमले के बाद करीब एक घंटे तक समुद्र में उन्हें किसी भी अन्य जहाज से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला और स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी रही. हादसे के एक घंटे बाद ओमान नेवी की बोट मदद के लिए पहुंची, लेकिन ऑयल टैंकर होने के कारण ब्लास्ट के डर से रेस्क्यू टीम भी शुरुआत में जहाज के करीब आने से कतरा रही थी.

देखें- ईरान से युद्ध में अमेरिका की 3 हफ्तों में ही हो गई हालत खस्ता, 2003 के इराक युद्ध से हो गया ज्यादा खर्च

ऊपर वाले का करिश्मा कि वापस आ पाए

नाविकों का कहना है कि युद्ध शुरू होने के बाद स्काईलाइट पहला ऐसा जहाज था, जिसे सीधे तौर पर निशाना बनाया गया था. उस वक्त के हालात को शब्दों में बयां करना मुश्किल है. मुंबई पहुंचने पर भावुक हुए दल के सदस्यों ने कहा कि भारत की धरती पर कदम रखते ही ऐसा महसूस हुआ, जैसे वे अपनी मां की गोद में वापस लौट आए हों. उन्होंने इसे ऊपर वाले का करिश्मा बताते हुए सरकार की मदद के लिए आभार जताया है.

अब भी फंसे कई भारतीय, बचाने की गुहार

बचकर लौटे इन नाविकों ने भारत सरकार से अपील की है कि खाड़ी देशों में अब भी कई भारतीय नाविक फंसे हुए हैं, जिनकी सुरक्षा खतरे में है. उन्हें जल्द से जल्द वतन वापस लाया जाए. फॉरवर्ड सी मेन यूनियन ऑफ इंडिया के महासचिव मनोज यादव ने भी इन नाविकों की सुरक्षा और मुआवजे को लेकर चिंता जताई है.

ये भी देखें- 

ईरान का दावा-तीसरा इजरायली लड़ाकू विमान गिरा दिया, जानिए अमेरिका के अब तक कितने मारे

ईरान की रणनीति में UAE पर सबसे ज्यादा हमला क्यों, ये अमेरिका को तेजी से कैसे पहुंचा रहा नुकसान?

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com