- ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मध्य ईरान में इजरायली एफ16 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है
- युद्ध के पहले तीन हफ्तों में ईरान का दावा है कि उसने 200 से अधिक दुश्मन विमानों-ड्रोन को नष्ट किया है
- वहीं ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका को कुल 16 सैन्य विमानों का इस युद्ध में अब तक नुकसान हुआ है
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है इजरायली एफ16 श्रेणी का तीसरा दुश्मन लड़ाकू विमान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स एयरोस्पेस फोर्स के आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने मध्य ईरान में सुबह 3:45 बजे मार गिराया है. युद्ध के पहले तीन हफ्तों में ड्रोन, क्रूज मिसाइल, टैंकर और अत्याधुनिक दुश्मन लड़ाकू विमानों सहित 200 से अधिक विमानों को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट करना देश के वायु रक्षा कवच के मजबूत होने को दर्शाता है.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका के कुल 16 सैन्य विमानों को नुकसान पहुंचने या तबाह होने की खबरें हैं. इनमें मुख्य रूप से 12 MQ-9 रीपर स्ट्राइक ड्रोन, 3 एफ 15 और एक KC-135 Stratotanker रिफ्यूलिंग टैंकर विमान शामिल हैं, जिन्हें या तो मार गिराया गया या वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए. इसमें एक एफ 35 फाइट जेट भी शामिल है, जिसे इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी.
इजरायल-अमेरिका और ईरान की ताकत जानिए

ये स्थिति तब है जब ईरान सैन्य खर्च के मामले में अमेरिका और इजरायल से कोसों दूर है. युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में मरने वालों की संख्या 1,300 से अधिक हो गई है, लेबनान में 1,000 से अधिक, इजरायल में 15 और इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना के 13 जवान मारे गए हैं. जंग के कारण लेबनान और ईरान में लाखों लोग विस्थापित भी हो गए हैं. जाहिर है भले ही ईरान को ज्यादा नुकसान हो रहा है, लेकिन अमेरिका और इजरायल को भी इस युद्ध में नुकसान हो रहा है.
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